राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा।आपकी जो महत्वाकांक्षाएं हैं, उन्हें पूरा करने में आप सक्षम रहेंगे।आपको अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है तथा यह लाभ लंबी यात्राओं से भी मिल सकता है।इस गोचर के दौरान रोज़गार के नए अवसर आपको संतुष्टि और विकास देंगे।आप अपने कार्यक्षेत्र […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। आपकी अन्तर्ज्ञान शक्ति में वृद्धि होगी। आप अपनी बुद्धिमता का प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे और आप अधिक अंतर्ज्ञान शक्ति का विकास करेंगे। आपकी सोच अधिक रचनात्मक बनेगी और ऐसी सोच आपको बुलंदियों पर पहुँचने में मदद करेगी। आपका […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से सप्तम भाव में गोचर करेगा। आपको विदेश यात्रा करने के अवसर प्राप्त होंगे।आपके विदेश से कुछ नए मित्र बन सकते हैं। विदेश यात्रा के दौरान नए लोगों से मिलना आपके लिए एक अनोखा अनुभव होगा।आपको नए व्यापारिक सौदे प्राप्त होंगे और आप नई साझेदारी में […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि वाले भाव से गोचर करेगा तथा केतु आपकी चंद्र राशि से सप्तम भाव में रहेगा।पहला भाव आकृति, शारीरिक बनावट, भविष्य तथा संपूर्ण जीवन को सूचित करता है।सप्तम भाव विवाह, अनुबंध तथा साझेदारी को दर्शाता है।इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से प्रथम भाव में रहेगा। […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। यह गोचर आपको विरासत से लाभ देगा।अप्रत्याशित धन लाभ आपके लिए संभव रहेगा।आप गुप्त प्रतिभा रखेंगे और उसका प्रयोग करके लाभ उठाएंगे।आपको विदेश में बसने के अवसर प्राप्त होंगे।आपको लॉटरी या सट्टेबाजी के माध्यम से लाभ प्राप्त करने के अवसर […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से छठे भाव में गोचर करेगा। आप उन प्रयासों में सफल होंगे जिनका पीछा कर रहे हैं। आप अपनी क्षमताओं का अहसास करने में सक्षम रहेंगे। इस गोचर के दौरान आपकी सोच रचनात्मक रहेगी जोकि आपके प्रयासों को सफल बनाने में आपकी मदद करेगी। आप मुश्किल […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा तथा केतु अष्टम भाव में रहेगा।द्वितीय भाव परिवार, आर्थिक स्थिति, बातचीत करने का तरीका, व्यवहार, मित्रता तथा आहार आदि से संबंधित है जबकि अष्टम भाव आयु, आकस्मिक परिवर्तन व बाधा, टैक्स, पैतृक संपति तथा कार्यक्षेत्र में परिवर्तन आदि का प्रतीक […]
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राहु : इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से तृतीय भाव में गोचर करेगा तथा केतु नवम भाव में रहेगा।तृतीय भाव छोटे भाई-बहन, संचार, छोटी यात्राएँ तथा साहस आदि से संबंधित है जबकि नवम भाव उच्च शिक्षा, लंबी यात्राएँ, भाग्य तथा धर्म का प्रतीक है। इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से तीसरे […]
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राहु : इस गोचर के दौरान राहु आपकी चंद्र राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। राहु की यह स्थिति अच्छे-बुरे परिणामों के लिए सम रहेगी। पारिवारिक जीवन के मामलों में आपको कम प्रयासों से ही सभी प्रकार की सुख-सुविधाएँ प्राप्त होंगी। भू-संपति की ख़रीददारी आपको संतुष्टि प्रदान कर सकती है परंतु ख़रीददारी करने से […]
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द्वादश भाव का परिचय- द्वादश भाव कुंडली का अंतिम भाव होने से मनुष्य जीवन का भी अंतिम भाग है| प्रथम भाव(लग्न) से गणना करने पर द्वादश भाव सबसे आख़िरी भाव है अतः एक प्रकार से यह जीवनचक्र का अंत दर्शाता है| जो कुछ भी प्रारंभ हुआ है, उसे एक न एक दिन समाप्त होना है, […]
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