x
x
x
cart-addedThe item has been added to your cart.
AstroVed TV

विशेष

थिरुचेंदुर मुरुगा की अर्चना से गहन कर्म व चक्रों को शुद्ध करने हेतु डॉ. पिल्लै द्वारा प्रकट की गई रहस्यमयी पद्धति

डॉ. पिल्लै ने यह खुलासा किया है कि मानवीय आध्यात्मिक शरीर में जो द्वितीय चक्र है, जिसे स्वाधिष्ठान चक्र के नाम से जाना जाता है, यहाँ आपके निकृष्टतम कर्मों का संचय होता है तथा थिरुचेंदुर में भगवान मुरुगा की विशेष पूजा-अर्चना द्वारा इस चक्र में संचित आपके इन निकृष्टतम कर्मों का शमन किया जा सकता है| डॉ.

अधिक पढ़ें

शनि ग्रह की कृपा प्राप्त करने हेतु विशेष उपचार पैकेज

हमारे सदस्यों की माँग को देखते हुए एस्ट्रोवेद ने शनि ग्रह से संबंधित एक विशेष उपचार पैकेज का निर्माण किया है, जिसकी मदद से हमारे सभी सदस्यों के जीवन से नकारात्मकता का नाश होगा और उन्हें शनि ग्रह की कृपा प्राप्त होगी। यदि आप शनि की महादशा, अंतर्दशा, साढ़ेसाती, ढैया आदि के प्रभाव में हैं या फिर शनि आपकी कुंडली के नवम

अधिक पढ़ें

जुलाई माह हेतु चन्द्र तिथि अनुष्ठान सफलता प्राप्त करने हेतु दिवसीय शक्ति से जुडें|

आपकी तरफ से शक्तिस्थल पर किया जाने वाला विशेष जलाभिषेक अनुष्ठान देवताओं का आवाहन करने की एक वैदिक कार्यपद्धति है ताकि उनकी अनोखी कृपा आपको प्राप्त हो सके| इस जलाभिषेक अनुष्ठान में निम्नलिखित सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है-

अधिक पढ़ें

श्री गणेश पूजा पर आधारित शक्तिशाली व चमत्कारिक अनुष्ठान प्रक्रिया पैकेज

नकारात्मक कर्म ही वह स्रोत है जिसके कारण हम जीवन में पीड़ा, दुख, कठिनाईयां व दुर्भाग्य का सामना करते हैं। कर्म करते रहना मनुष्य का स्वभाव है और बिना कर्म किया वह रह भी नहीं सकता| कई बार बुरे कर्मों के फलस्वरूप हमें जीवन में दुखों व कष्टों का सामना करना पड़ता है| लेकिन आज आध्यात्मिक अनुष्ठानों के रूप में उपचारात्मक उपाय भी उपलब्ध हैं| जो हमारे बुरे कर्मों के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम हैं। जैसे कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में विभिन्न रोगों के उपचार हेतु भिन्न-भिन्न दवाएं विकसित की गई हैं, ठीक उसी प्रकार भारत के प्राचीन ऋषि मुनियों ने विभिन्न प्रकार के कर्म दोषों के नाश हेतु भिन्न भिन्न उपाय बताएं हैं। कर्मों से जुड़े नकारात्मक प्रभाव को दूर करना अब बिलकुल भी मुश्किल नहीं हैं|

अधिक पढ़ें

जन्म दिवस पर आधारित विशिष्ट अनुष्ठान पैकेज

जीवन पूर्व जन्मों के संचित कर्मों की अभिव्यक्ति है। आपकी सफलता और विफलता आपके वर्तमान जीवन के साथ-साथ आपके पूर्व जन्म के कर्मों पर भी आधारित है| प्रत्येक मनुष्य इन कर्मों से नित्य-प्रतिदिन प्रभावित होता ही रहता है|
कर्म का शाब्दिक अर्थ कार्य हैं। प्रत्येक कर्म की एक प्रतिक्रिया होती है| जब आप कर्म करते हैं, तो इससे नकारात्मक या सकारात्मक प्रभाव पैदा हो सकते हैं| इसी आधार पर आपके भावी जीवन की रूपरेखा तैयार होती है| इसीलिए, यह पूर्णतया आवश्यक है कि आप अपने समस्त कार्यों को सोच-विचारकर संपादित करते करें|

अधिक पढ़ें

एस्ट्रोवेद वार्षिक सदस्यता कार्यक्रम

एस्ट्रोवेद की इस वार्षिक सदस्यता कार्यक्रम सेवा से आपका परिचय कराते हुए हमें अत्यंत हर्ष हो रहा है। जी हाँ यह एक ऐसी अनूठी सेवा है, जिसके माध्यम से हमें अपने कुछ चुनिंदा सदस्यों की और अधिक देखभाल व सेवा करने का सुअवसर प्राप्त होगा। इस सेवा को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि हम आप व आपके प्रियजनों को अधिक बेहतर सहयोग व सहायता प्रदान कर सकें। वैदिक ज्योतिष पर आधारित यह सेवा आपके जीवन की तमाम समस्याओं को सरलता से समाप्त करती है। यह आपके जीवन से परेशानियों को दूर करके आपके स्वास्थ्य, धन व प्रेम संबंधों में बढ़ोतरी करने के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी सुधार करती है।

अधिक पढ़ें