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एस्ट्रोवेद ब्लॉग्स

अश्विनी नक्षत्र

Ashwini Nakshatra Hindi Small

अश्विनी (0°00′ – 13°30′ मेष) प्रत्येक नक्षत्र जो हम रात को आकाश में देखते हैं, एक जलता हुआ सूर्य है जो हमारे सूर्य से मिलता-जुलता है| खगोल विज्ञान में जिन जुड़वाँ नक्षत्रों से अश्विनी नक्षत्र का निर्माण होता है उन्हें अल्फा अरिएटीस और बीटा एरिटिस कहते हैं। वास्तव में वैदिक ज्योतिष में अश्विनी नक्षत्र के […]

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भरणी नक्षत्र

Bharni Nakshatra Hindi Small

भरणी (संजोना, सहायक व पोषण) (13°20′ – 26°40′ मेष) आधुनिक खगोल विज्ञान के अनुसार मेष राशि में आने वाले भरणी नक्षत्र में तीन तारों का समावेश है जिनके नाम 35-एरीटिस, 39-एरीटिस और 41-एरीटिस हैं। भरणी एक बहुत ही गर्म नक्षत्र है जिसमें भारी मात्रा में अग्नि ऊर्जा विद्यमान है। वैदिक परंपरा में अग्नि तत्व के […]

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पुनर्वसु नक्षत्र

Purnarvasu Nakshatra Hindi Small

पुनर्वसु (मिथुन राशि में 20°00′ से 3°20′ कर्क राशि तक) पुनर्वसु नक्षत्र में दो उज्ज्वल तारों का समावेश है जिन्हें कास्टर (अल्फा-जेमिनोरियम) व पोलक्स (बीटा-जेमिनोरियम) कहा जाता है। ये दो तारे पुनर्वसु नक्षत्र के अंतर्गत पैदा होने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि जीवन की शिक्षाएं अक्सर जोड़ों में घटित होती हैं| ज्योतिष में […]

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पुष्य नक्षत्र

Pushya Nakshatra Hindi Small

पुष्य (पोषण प्रदाता) (कर्क राशि में 3°20′ से 16°40′ कर्क राशि तक) पुष्य नक्षत्र संपूर्ण रूप से कर्क राशि में स्थित है तथा इसमें थीटा, गामा व एटा- कंक्री नामक तारों का समावेश है| पुष्य का अर्थ “पोषण प्रदाता” है जो इस नक्षत्र के सार को अभिव्यक्त करता है। इस नक्षत्र का प्रतीक एक गाय […]

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आश्लेषा नक्षत्र

Aslesha Nakshatra Hindi Small

आश्लेषा (कर्क राशि में 16°40′ से 30°00′ तक) आश्लेषा नक्षत्र, डेल्टा, मू, रो, सिग्मा व जीटा-हाइड्रा आदि तारों के वृत्त द्वारा प्रदर्शित होता है| ज्योतिष में आश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि के अंतर्गत आता है| इस नक्षत्र का प्रतीक एक कुंडली मारा हुआ सर्प है| इस नक्षत्र के अधिपति देव नाग हैं जो ज्ञान से संबंधित […]

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मघा नक्षत्र

Magha Nakshatra Hindi Small

मघा (शक्तिशाली) (सिंह राशि में 0°00 – 13°20′ तक) रात्रि के आकाश में सिंह राशि में रेगुलस (अल्फा-लियोनिस) नामक सबसे उज्जवल तारे के अंतर्गत मघा नक्षत्र चमकता हुआ दिखाई देता है| मघा का अर्थ “भव्य” है तथा शाही सिंहासन इसका प्रतीक है| मघा नक्षत्र में पैदा हुए लोग अपने उच्चतम लक्ष्यों को प्राप्त करने के […]

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रेवती नक्षत्र

Revati Nakshatra Hindi Small

रेवती (मीन राशि में 16°40′ – 30°00′ तक) रेवती सत्ताईसवाँ व अंतिम नक्षत्र है। रात्रि के आकाश में रेवती नक्षत्र मीन राशि के अंतर्गत आने वाले तारा समूहों में दिखाई देता है| इस तारा समूह का सबसे उज्जवल तारा जीटा पिसाईम है| इस नक्षत्र के अधिपति देव पूषा हैं जो पोषण प्रदान करके किसी भी […]

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उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र

Uttaraphalguni Nakshatra Hindi Small

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र (सिंह राशि के 26°40′ से कन्या राशि 10°00′ तक) सिंह राशि में उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के अंतर्गत डेनेबोला अर्थात बीटा-लियोनिस (एक उज्जवल तारा) व 93-लियोनिस(एक धुंधला तारा) नामक दो तारे निहित हैं| उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के प्रतीक एक चारपाई के पिछले दो पाए हैं जोकि विश्राम व कायाकल्प को दर्शाते हैं| लेकिन यह नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी […]

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हस्त नक्षत्र

Hasta Nakshatra Hindi Small

हस्त नक्षत्र (हाथ) (कन्या राशि में 10°00′ से 23°20′ तक) हस्त नक्षत्र में अल्फा, बीटा, डेल्टा, गामा व एपिसिलोन-कोरवी नामक पांच तारे होते हैं। कोरवी तारा स्पाइका नामक उज्ज्वल तारे के नीचे रात्रि के आकाश में दिखाई देता है| ज्योतिष में हस्त नक्षत्र संपूर्ण रूप से कन्या राशि में आता है| हस्त शब्द का अर्थ […]

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चित्रा नक्षत्र

Chitra Nakshatra Hindi Small

चित्रा नक्षत्र (चमकदार) (कन्या राशि के 23°20′ से तुला राशि के 6°40′ तक) चित्रा नक्षत्र स्पाइका (अल्फा-वर्जिनिस) नामक एक एकल तारे द्वारा प्रदर्शित होता है जो कन्या राशि में आता है| यह आकाश में सबसे उज्जवल तारों में से एक है। चित्रा का अर्थ “चमकदार” है। ज्योतिष में चित्रा नक्षत्र कन्या व तुला राशि के […]

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