अक्षय तृतीया की परिभाषा- वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं। यह सनातनधर्मियों का प्रधान त्यौहार है। इस दिन किया हुआ जप, तप, यज्ञ व दान अक्षय फलदायक होता है इसलिए इस पर्व को अक्षय तृतीया या आखा तीज के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया 2017 में 28 अप्रैल को […]
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नवरात्रि का महत्व- नवरात्रि शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों ‘नव’ व ‘रात्रि’ से मिलकर बना है। भारतीय संस्कृति के अनुसार “दुर्गा” शब्द का अर्थ जीवन से दुखों को मिटाने वाली यानि दुर्गति का शमन करने वाली देवी से है। नवरात्रि, मां दुर्गा को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसे समस्त भारतवर्ष में अत्यधिक उत्साह […]
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वसंत नवरात्रि की परिभाषा- नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इस पर्व के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। शाक्त संप्रदाय के अनुसार माँ आदि शक्ति की आराधना हेतु वसंत नवरात्रि का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से होता है। इसकी समाप्ति […]
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श्री महालक्ष्मी एक परिचय- श्री महालक्ष्मी भगवान विष्णु की अभिन्न वैष्णवी शक्ति है। जब-जब भगवान विष्णु अवतार ग्रहण करते हैं, तब-तब श्री लक्ष्मी किसी न किसी शक्ति के रूप में उनके साथ प्रकट होती है। जैसे ब्रह्मा जी के साथ सरस्वती, भगवान शिव के साथ पार्वती, उसी प्रकार भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी अवतरित होती […]
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भगवान शिव का परिचय– भारतीय अध्यात्म के सर्वाधिक प्रसिद्ध त्रिदेवों में भगवान शिव भी एक हैं, जहाँ सृष्टि की उत्पति का कार्य ब्रह्माजी द्वारा संचालित होता है और विष्णुजी पालन पोषण करते हैं, वहीँ भगवान शिव संहार व्यवस्था देखते हैं। मान्यता है कि समस्त देवताओं में सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता शिवजी ही हैं। […]
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