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एस्ट्रोवेद ब्लॉग्स

गणेश जी के चरित्र से मिलने वाली बहुमूल्य शिक्षाएं

Ganesh Ji Ke Charitra Se Milne Wali Bahumulya Shikshayein New

भारतीय संस्कृति में गणेश जी को विद्या-बुद्धि का प्रदाता, विघ्न-विनाशक, मंगलकारी, रक्षाकारक, सिद्धिदायक, समृद्धि, शक्ति और सम्मान प्रदायक माना गया है| गणेश जी अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं और उन्हें कष्टों से मुक्त करके सभी प्रकार का वैभव प्रदान करते हैं| इस बारे में शास्त्रों में भी कहा गया है कि […]

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जानिए भगवान गणेश जी को क्या पसंद है

Ganesh Ji Ko Kya Pasand Hai 1 150x

गणेश जी की पूजा के बिना कोई भी लौकिक अथवा शुभ कार्य का प्रारंभ नही होता है| अपने जीवन में जब हम किसी भी कार्य को प्रारंभ करते हैं तब भगवान श्री गणेश जी का ध्यान अवश्य करते हैं| हिन्दू धर्म को मानने वाले सभी व्यक्ति इस सत्य को स्वीकार करते हैं कि श्री गणेश […]

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पंचम भाव

Pancham Bhav Ke Baare Mein New

पंचम भाव का परिचय- पंचम भाव एक त्रिकोण भाव है| कुंडली के तीन त्रिकोण स्थान, अर्थात प्रथम, पंचम व नवम स्थान में से पंचम स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण है| यह भाव संचित पूर्व-पुण्य, अर्थात पूर्व जन्म के कर्मों के संग्रह को दर्शाता है| इसलिए इसका एक नाम पूर्व पुण्य भाव भी है| व्यक्ति के पूर्वजन्म […]

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चतुर्थ भाव

Chaturth Bhav Ke Baare Mein New

चतुर्थ भाव का परिचय– चतुर्थ भाव सुख स्थान या मातृ स्थान के नाम से जाना जाता है| इस भाव में व्यक्ति को प्राप्त हो सकने वाले समस्त सुख विद्यमान है इसलिए इसे सुख स्थान कहते हैं| मनुष्य का प्रथम सुख माता के आँचल में होता है| केवल वही है जो व्यक्ति की तब तक रक्षा […]

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तृतीय भाव

Tritiya Bhav Aapke Baare Mein New

तृतीय भाव का परिचय– तृतीय भाव प्रथम उपचय स्थान है| यह अपोक्लिम भावों की श्रेणी में भी आता है| उपचय स्थान का अर्थ है वृद्धि या बढोतरी का स्थान| इस भाव से जातक के अनुज सहोदरों के संबंध में ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है| यदि 12 भावों को धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष इन […]

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प्रदोष व्रत का महत्व

Pradosh Vrat Ka Mehatva New

प्रदोष व्रत का परिचय– प्रदोष व्रत एक सर्वकार्य सिद्धि व पापनाशक व्रत है| प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह व्रत किया जाता है| प्रदोष का सामान्य अर्थ रात का शुभारंभ माना जाता है अर्थात जब सूर्यास्त हो चुकने के बाद संध्याकाल आता है, तो रात्रि के प्रारंभ होने के पूर्व काल को प्रदोषकाल कहते […]

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द्वितीय भाव

Dwitiya Bhav Aapke Baare Mein New

द्वितीय भाव का परिचय- कुडंली का द्वितीय भाव किसी भी व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है| इसे धन भाव भी कहा जाता है| इस भाव से धन-धान्य, संपति, कुटम्ब, वाणी, नेत्र, भोजन मुख, विद्या, संचित धन, स्वर्ण, रजत आदि मूल्यवान वस्तुएं, वाक्पटुता, गायन कला तथा सत्य-असत्य भाषण आदि का विचार किया जाता है| द्वितीय भाव के […]

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प्रथम भाव

Pratham Bhav Apke Baare Mein New

प्रथम भाव जन्मकुंडली का सबसे महत्वपूर्ण भाव है| इसे लग्न भी कहा जाता है| लग्न का अर्थ है-लगा हुआ युक्त अथवा संलग्न| किसी भी व्यक्ति के जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर जो राशि विद्यमान होती है, वही उस व्यक्ति की लग्न बन जाती है| लग्न क्यों महत्वपूर्ण है? इसलिए क्योंकि इसी राशि विशेष के […]

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शनिदेव को प्रसन्न कैसे करें?

Shanidev Ko Prasann Kaise Karein Small

शनि परिचय- पौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव का जन्म सूर्य की पत्नी छाया के गर्भ से हुआ है। कहते हैं कि इनके जन्म के समय जब इनकी दृष्टि अपने पिता सूर्य पर पड़ी तो उन्हें कुष्ठ रोग हो गया तथा उनके सारथी अरुण पंगु हो गए थे। शनि के भाई का नाम यम तथा बहन […]

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यंत्रों के चमत्कारिक लाभ

Yantron Ke Chamatka Rik Laabh Small

मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने की अनेक विधाएं हैं, इन्ही में यंत्र विधा भी एक है। ईश्वर की कृपा प्राप्ति के जिन अनेक मार्गों के बारे में हमारे पवित्र ग्रंथों में बताया गया है, उनमें यंत्र प्रयोग भी एक विशेष मार्ग है। हिन्दू धर्म पूरे संसार भर में सर्वाधिक व्यापक और सर्वोच्च धार्मिक प्रवृति का […]

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नवीनतम ब्लॉग्स

  • नवग्रह क्या हैं? 9 ग्रह, उनके रंग और पूजा विधि
    जब आप पैदा हुए थे, उस ठीक पल में आसमान में ग्रह किस स्थिति में थे – पता है यही आपकी कुंडली की नींव बनती है? जी हाँ, नवग्रह (Navagraha) सिर्फ आसमान में टंगे हुए पिंड नहीं हैं। वैदिक ज्योतिष में इन्हें इंसान की पूरी ज़िंदगी को प्रभावित करने वाली नौ शक्तियाँ माना जाता है […]13...
  • करुप्पसामी कौन हैं? – गाँव के रक्षक, न्याय के देवता की असली कहानी
    करुप्पसामी कौन हैं? – गाँव के रक्षक, न्याय के देवता की असली कहानी क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई court नहीं था, कोई police नहीं थी, तब गाँव के लोग न्याय के लिए किसके सामने खड़े होते थे? तमिलनाडु के गाँवों में सदियों से एक देवता हैं जिनके सामने झूठ बोलने की हिम्मत […]13...
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    अपनी जन्म कुंडली को सरल चरणों में कैसे पढ़ें अपनी जन्म कुंडली को समझना जीवन, व्यक्तित्व और भाग्य के बारे में गहरी जानकारी प्राप्त करने के सबसे प्रभावशाली तरीकों में से एक है। वैदिक ज्योतिष में आपकी कुंडली, जिसे सामान्यतः जन्म कुंडली या राशि चार्ट कहा जाता है, आपके जन्म के सटीक समय पर तैयार […]13...