जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥ जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी । विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि । धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥ धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर- स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे । कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥ जटा भुजं गपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा- कदंबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधूमुखे […]
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दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई : जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार […]
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मेष राशी मेष राशि प्रियजनों! इस महीने आप आत्मविश्वास और साहस से भरे रहेंगे। परिवार में खुशहाली रहेगी। नकदी का प्रवाह बहुत अच्छा है। आप जो बिजनेस कर रहे हैं उसमें अच्छा मुनाफा कमाएं। कुछ लोगों को काम करने और उत्तम स्थिति पाने का अवसर मिलता है। सरकारी मामले में सफलता प्राप्त करने की संभावना […]
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अक्षय तिथि में भगवान विष्णु और लक्ष्मी पूजा इस तिथि को जो शुभ शुभ काम किए जाते हैं उनके अक्षय फल मिलते हैं इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस पर्व को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत रखकर विधि विधान से पूजा-पाठ करने से न सिर्फ भगवान […]
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अक्षय तृतीया भारतीय महीने वैशाख के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह अप्रैल-मई के महीने में पड़ता है। यह इस दिन है कि सूर्य और चंद्रमा दोनों को अपने ग्रहों पर सबसे अच्छा कहा जाता है। इस दिन को ‘अखा तीज’ के नाम से भी जाना जाता है। […]
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अक्षय तृतीया अक्षय तृतीया, जिसे अखा तीज के रूप में भी जाना जाता है, को अत्यधिक शुभ माना जाता है और यह तीन शुभ चंद्र दिनों में से एक है जिसे ‘साडे-तीन मुहूर्त’ कहा जाता है। ये साढ़े तीन मुहूर्त (तीथ) गुड़ी पाडवा, विजयदशमी, अक्षय तृतीया और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा हैं। पहले तीन तीथियों को […]
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लक्ष्मी मंत्र मंत्र का अर्थ होता है एक ऐसी ध्वनी जिससे मन का तारण हो अर्थात मानसिक कल्याण हो जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है ‘मन: तारयति इति मंत्र:’ अर्थात मन को तारने वाली ध्वनि ही मंत्र है। वेदों में शब्दों के संयोजन से इस प्रकार की कल्याणकारी ध्वनियां उत्पन्न की गई। इसी प्रकार […]
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श्री सरस्वती चालीसा ॥दोहा॥ जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। रामसागर के पाप को, मातु तुही अब हन्तु॥ माता-पिता के चरणों की धूल मस्तक पर धारण करते हुए हे सरस्वती मां, आपकी वंदना करता हूं/करती हूं, हे […]
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माँ मातंगी देवी मंत्र || Maa Matangi Devi Mantra देवी के अन्य विख्यात नाम : उछिष्ट साम मोहिनी, लघु श्यामा, राज मातंगी, वैश्य मातंगी, चण्ड मातंगी, कर्ण मातंगी, सुमुखि मातंगी, षडाम्नायसाध्य इत्यादि हैं। रति, प्रीति, मनोभाव, क्रिया, शुधा, अनंग कुसुम, अनंग मदन तथा मदन लसा, देवी मातंगी की आठ शक्तियां हैं। मुख्य नाम : मातंगी। […]
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श्री बजरंग बाण ॥दोहा॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ जो भी राम भक्त श्री बजरंग बलि हनुमान के सामने संकल्प लेकर पूरी श्रद्धा व प्रेम से उनसे प्रार्थना करता है श्री हनुमान उनके सभी कार्यों को शुभ करते हैं। ॥चौपाई॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। […]
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