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एस्ट्रोवेद ब्लॉग्स

द्वितीय भाव

Dwitiya Bhav Aapke Baare Mein New

द्वितीय भाव का परिचय- कुडंली का द्वितीय भाव किसी भी व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है| इसे धन भाव भी कहा जाता है| इस भाव से धन-धान्य, संपति, कुटम्ब, वाणी, नेत्र, भोजन मुख, विद्या, संचित धन, स्वर्ण, रजत आदि मूल्यवान वस्तुएं, वाक्पटुता, गायन कला तथा सत्य-असत्य भाषण आदि का विचार किया जाता है| द्वितीय भाव के […]

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प्रथम भाव

Pratham Bhav Apke Baare Mein New

प्रथम भाव जन्मकुंडली का सबसे महत्वपूर्ण भाव है| इसे लग्न भी कहा जाता है| लग्न का अर्थ है-लगा हुआ युक्त अथवा संलग्न| किसी भी व्यक्ति के जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर जो राशि विद्यमान होती है, वही उस व्यक्ति की लग्न बन जाती है| लग्न क्यों महत्वपूर्ण है? इसलिए क्योंकि इसी राशि विशेष के […]

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शनिदेव को प्रसन्न कैसे करें?

Shanidev Ko Prasann Kaise Karein Small

शनि परिचय- पौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव का जन्म सूर्य की पत्नी छाया के गर्भ से हुआ है। कहते हैं कि इनके जन्म के समय जब इनकी दृष्टि अपने पिता सूर्य पर पड़ी तो उन्हें कुष्ठ रोग हो गया तथा उनके सारथी अरुण पंगु हो गए थे। शनि के भाई का नाम यम तथा बहन […]

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यंत्रों के चमत्कारिक लाभ

Yantron Ke Chamatka Rik Laabh Small

मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने की अनेक विधाएं हैं, इन्ही में यंत्र विधा भी एक है। ईश्वर की कृपा प्राप्ति के जिन अनेक मार्गों के बारे में हमारे पवित्र ग्रंथों में बताया गया है, उनमें यंत्र प्रयोग भी एक विशेष मार्ग है। हिन्दू धर्म पूरे संसार भर में सर्वाधिक व्यापक और सर्वोच्च धार्मिक प्रवृति का […]

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अक्षय तृतीया पर दान करने योग्य दस वस्तुएँ

Akshay Tritiya Par Daan Small

‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है- जिसका कभी क्षय अथवा नाश न हो। इस पर्व पर किया हुआ जप, तप, तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है इसलिए इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहते हैं। सोमवार तथा रोहिणी नक्षत्र से युक्त तृतीया हो तो उसमें स्नान और उपवास करने से अखंड फल की प्राप्ति होती है। एक […]

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अक्षय तृतीया कब मनाई जाती है

Akshya Tritiya Kab Manayi Jaati Hai Small

अक्षय तृतीया की परिभाषा- वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं। यह सनातनधर्मियों का प्रधान त्यौहार है। इस दिन किया हुआ जप, तप, यज्ञ व दान अक्षय फलदायक होता है इसलिए इस पर्व को अक्षय तृतीया या आखा तीज के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया 2017 में 28 अप्रैल को […]

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क्यों मनाई जाती है नवरात्रि

Kyu Manayi Jaati Hai Navratri Small

नवरात्रि का महत्व- नवरात्रि शब्‍द संस्‍कृत भाषा के दो शब्‍दों ‘नव’ व ‘रात्रि’ से मिलकर बना है। भारतीय संस्‍कृति के अनुसार “दुर्गा” शब्द  का अर्थ जीवन से दुखों को मिटाने वाली यानि दुर्गति का शमन करने वाली देवी से है। नवरात्रि, मां दुर्गा को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसे समस्त भारतवर्ष में अत्‍यधिक उत्साह […]

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वसंत नवरात्रि

Vasant Navratri Small

वसंत नवरात्रि की परिभाषा- नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इस पर्व के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। शाक्त संप्रदाय के अनुसार माँ आदि शक्ति की आराधना हेतु वसंत नवरात्रि का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से होता है। इसकी समाप्ति […]

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देवी लक्ष्मी को आकर्षित करने के 12 अचूक तरीके

Vidhi Upaaye Ten Easy Steps To Please Lakshmi Ji

श्री महालक्ष्मी एक परिचय- श्री महालक्ष्मी भगवान विष्णु की अभिन्न वैष्णवी शक्ति है। जब-जब भगवान विष्णु अवतार ग्रहण करते हैं, तब-तब श्री लक्ष्मी किसी न किसी शक्ति के रूप में उनके साथ प्रकट होती है। जैसे ब्रह्मा जी के साथ सरस्वती, भगवान शिव के साथ पार्वती, उसी प्रकार भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी अवतरित होती […]

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शिव पूजा कैसे करें

Shivji Ki Pooja Kaise Kare In Hindi Small

भगवान शिव का परिचय– भारतीय अध्यात्म के सर्वाधिक प्रसिद्ध त्रिदेवों में भगवान शिव भी एक हैं, जहाँ सृष्टि की उत्पति का कार्य ब्रह्माजी द्वारा संचालित होता है और विष्णुजी पालन पोषण करते हैं, वहीँ भगवान शिव संहार व्यवस्था देखते हैं। मान्यता है कि समस्त देवताओं में सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता शिवजी ही हैं। […]

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