लक्ष्मी मंत्र मंत्र का अर्थ होता है एक ऐसी ध्वनी जिससे मन का तारण हो अर्थात मानसिक कल्याण हो जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है ‘मन: तारयति इति मंत्र:’ अर्थात मन को तारने वाली ध्वनि ही मंत्र है। वेदों में शब्दों के संयोजन से इस प्रकार की कल्याणकारी ध्वनियां उत्पन्न की गई। इसी प्रकार […]
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श्री सरस्वती चालीसा ॥दोहा॥ जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। रामसागर के पाप को, मातु तुही अब हन्तु॥ माता-पिता के चरणों की धूल मस्तक पर धारण करते हुए हे सरस्वती मां, आपकी वंदना करता हूं/करती हूं, हे […]
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माँ मातंगी देवी मंत्र || Maa Matangi Devi Mantra देवी के अन्य विख्यात नाम : उछिष्ट साम मोहिनी, लघु श्यामा, राज मातंगी, वैश्य मातंगी, चण्ड मातंगी, कर्ण मातंगी, सुमुखि मातंगी, षडाम्नायसाध्य इत्यादि हैं। रति, प्रीति, मनोभाव, क्रिया, शुधा, अनंग कुसुम, अनंग मदन तथा मदन लसा, देवी मातंगी की आठ शक्तियां हैं। मुख्य नाम : मातंगी। […]
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श्री बजरंग बाण ॥दोहा॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ जो भी राम भक्त श्री बजरंग बलि हनुमान के सामने संकल्प लेकर पूरी श्रद्धा व प्रेम से उनसे प्रार्थना करता है श्री हनुमान उनके सभी कार्यों को शुभ करते हैं। ॥चौपाई॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। […]
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श्री गणेशजी की आरती जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी। पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ अन्धे […]
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Shiv Chalisa Lyrics in Hindi ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार […]
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मेष राशी मेष-जन्मे लोगों की आशाओं में सफलता मिलेगी| इस महीने में खुद को काफी आत्मविश्वासी और साहसी समझ सकते हैं। सरकार से संबंधित मामलों के सफल होने की संभावना है। कारोबार माध्यम रहेगा, आय तथा व्यय सम रहेगा| आप माता के स्नेह का आनंद ले सकते हैं, लेकिन भाई-बहनों के साथ व्यवहार करते समय […]
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चैत्र नवरात्री क्या है? नवरात्री एक वर्ष में चार बार मनाये जाते हैं| इस समय शक्ति के नव रूपों की उपासना की जाती है क्योंकि ‘रात्रि’ शब्द सिद्धि का प्रतीक माना जाता है। भारत के प्राचीन ऋषि-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है। यही कारण है कि दीपावली, होलिका, शिवरात्रि और नवरात्र आदि उत्सवों को रात […]
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नवरात्रि साल में चार बार मनाई जाती है। वसंत नवरात्रि, आषाढ़ नवरात्रि, शरद नवरात्रि और महा नवरात्रि। इन चार नवरात्रों में से, दो सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण हैं। वसंत या चैत्र नवरात्रि: यह नवरात्रि चैत्र के शुक्ल पक्ष के दौरान मनाया जाता है, जो मार्च से अप्रैल के बीच होता है। नवरात्रि भी हिंदू चंद्र […]
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आंध्रप्रदेश में स्थित तिरुपति (वेंकटेश्वर) बालाजी का मंदिर, विश्व प्रसिद्ध मंदिर है, और भारत में सबसे अमीर मंदिरों में से एक है| यह मंदिर भू लोक के वैकुंड के रूप में वर्णित किया जाता है। तिरुपति, देश के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मंदिरों में से एक है और यहां हर साल भक्तों की संख्या […]
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