संकष्टी चतुर्थी तिथि, महत्व, पूजा विधि सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी संकटहार या संकष्टी चतुर्थी का शाब्दिक अर्थ संकट या समस्याओं से है और हारा का अर्थ है हटाना या कम करना। चतुर्थी अमावस्या या पूर्णिमा के दिन के बाद चैथा दिन है। संकटहर चतुर्थी इस प्रकार विशेष रूप से किसी की समस्याओं को दूर करने […]
अधिक पढ़ें →
अरुद्र दर्शन के लाभ, महत्व और पूजा विधि अरुद्र दर्शन का अवसर भगवान शिव की विशाल क्षमताओं और शक्तियों पर प्रकाश डालता है। अरुद्र दर्शन तमिल महीने मरगजी (दिसंबर-जनवरी) में मनाया जाता है जो इस महीने की पूर्णिमा की रात को पड़ता है। यह सामान्य रूप से तब होता है जब तिरुवदिराई (अरुद्रा) तारा दिन […]
अधिक पढ़ें →
सुंदरकांड पढ़ने के नियम और महत्व, जानिए सुंदरकांड के लाभ सुंदरकांड रामायण का पांचवा अध्याय है। मूल सुंदरकांड संस्कृत भाषा में है और इसकी रचना वाल्मीकि ने की थी, जिन्होंने सबसे पहले रामायण की रचना की थी। सुंदरकांड श्री हनुमानजी का एक सुंदर, लयबद्ध मौखिक वर्णन है। इसमें तीन श्लोक, छह छंद, 60 दोहे और […]
अधिक पढ़ें →
जानिए कुंडली में प्रेम विवाह के योग और पाएं सच्चा प्यार वैदिक ज्योतिष में, शुक्र, बृहस्पति और मंगल किसी व्यक्ति की कुंडली में विवाह और प्रेम के लिए मुख्य या महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं। कुंडली का सातवां भाव हमारे वैवाहिक जीवन के बारे में बताता है। इस प्रकार, यदि हमें किसी व्यक्ति के वैवाहिक […]
अधिक पढ़ें →
अपनी राशि के अनुसार जानिए साल 2023 में आपका भाग्यशाली रंग रंगों में ऊर्जा होती है, और कुछ रंग आपके अंदर कुछ ऐसे बदलाव ला सकते हैं जो आपको वास्तव में सकारात्मक और भाग्यषाली बना सकते है। वैदिक ज्योतिष का ज्ञान हमे यह जानने में मदद करता है कि एक पूरे वर्ष में हमारे लिए […]
अधिक पढ़ें →