इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा तथा केतु छठे भाव में रहेगा।बारहवां भाव विदेश वास, आध्यात्मिक प्रवृत्ति, स्वप्न तथा अस्पताल का प्रतीक है।छठा भाव ऋण, दुःख, शत्रु तथा शारीरिक समस्याओं से संबंधित है।इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से बाहरवें भाव में गोचर करेगा जिस कारण आपको विदेश में रहने के अवसर प्राप्त होंगे।इस गोचर के दौरान आपको अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है और ऐसे अप्रत्याशित लाभ आपको संतुष्टि प्रदान करेंगे।आप अपने अंदर छुपे हुए कौशल को बाहर लाने में सफल रहेंगे तथा उसका प्रयोग अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करेंगे।दूसरी ओर आपको जिन सपनों का अनुभव हो रहा है उसके कारण अनिद्रा की समस्या हो सकती है।आरामदेह जीवनशैली और शयन सुख के कारण आपका स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है।आप बुरे लोगों की संगति में रह सकते हैं जो अकारण आपसे अनुचित लाभ उठा सकते हैं।इस दौरान आप भ्रम की दुनिया में जी सकते हैं जिससे आपकी प्रगति में रूकावट आ सकती है।इसलिए यह जरुरी है कि आप वास्तविकता में रहें और अधिक सक्रिय बनें।

इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
इस अवधि में केतु आपकी चंद्र राशि से छठे भाव में गोचर करेगा जिसके कारण आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।आप कड़ी मेहनत और समर्पण के द्वारा नाम और प्रसिद्धि कमाने में सक्षम रहेंगे।आप जिन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु कोशिश कर रहे हैं उन्हें पूरा करने आप जिन प्रयासों को पूरा करना चाह रहे हैं उनके लिए आप सतत कोशिश करेंगे और मजबूत बने रहेंगे। आप समस्याओं से आसानी से उभरने हेतु साहस व दृढ़ संकल्पों से भरे रहेंगे।
आप कभी-कभी अपने दुश्मनों के विरोध का सामना करेंगे लेकिन आप उससे बाहर आ जाएंगे।वही दूसरी ओर आपको अपनी नौकरी के प्रति भी सचेत रहना चाहिए क्योंकि कुछ संभावनाओं के चलते आप अपनी नौकरी से हाथ धो सकते हैं अथवा किसी अन्य स्थान पर आपका तबादला भी संभव है।
आप अपने जीवनसाथी या मित्रों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की स्थिति में नहीं होंगे।दूसरों के प्रति आपका दृष्टिकोण कठोर होगा जिससे आपका नाम खराब हो सकता है।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-