राहु :
इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से सप्तम भाव में गोचर करेगा। आपको विदेश यात्रा करने के अवसर प्राप्त होंगे।आपके विदेश से कुछ नए मित्र बन सकते हैं। विदेश यात्रा के दौरान नए लोगों से मिलना आपके लिए एक अनोखा अनुभव होगा।आपको नए व्यापारिक सौदे प्राप्त होंगे और आप नई साझेदारी में प्रवेश करेंगे।यह अवधि आपको थोड़ा तानाशाह बनाएगी और दूसरों के साथ आपके संबंध को बर्बाद कर सकती है तथा यह आपके बारे में एक बुरी छवि पैदा करेगी।आप उच्च पद पर आसीन लोगों के साथ संबंध विकसित करेंगे और यह लोग विशेषरूप से आपके कार्यक्षेत्र से संबंधित हो सकते हैं।दूसरी ओर, रिश्तों को आप ज्यादा बेहतर ढंग से निभाने में सफल नहीं होंगे और अनावश्यक तर्कों से बचना भी आपके लिए मुश्किल होगा।
आप बुरे सहयोगियों और दोस्तों के साथ जुड़ सकते हैं और वे आपका फायदा उठाने का प्रयास कर सकते हैं।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
1) आप विदेश यात्रा कर सकते हैं।
2) आपकी नए लोगों से मुलाकात होगी।
3) आपको नए व्यापारिक सौदे मिल सकते हैं।
4) अपने तानाशाही व्यवहार के प्रति आपको सतर्क रहना चाहिए।
5) आप प्रभावशाली लोगों के साथ जुड़ सकते हैं।
6) आप बुरे लोगों की संगत में पड़ सकते हैं।

केतु :
इस अवधि में केतु आपकी चंद्र राशि से प्रथम भाव में गोचर करेगा।आध्यात्मिकता में आपकी रूचि बढ़ेगी और यह आपको आत्मज्ञान की तरफ ले जाएगा।आप जीवन का यथार्थ खोजने की कोशिश करेंगे।आप अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए अधिक उत्सुक होंगे और इससे आपकी ज्ञान वृद्धि होगी।
इस गोचर के दौरान आप अपने मित्र व जीवनसाथी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखने की स्थिति में नहीं होंगे। इसलिए अच्छे संबंधों का आनंद लेने के लिए आपकी तरफ से भी कुछ समायोजन आवश्यक है।यात्रा के दौरान आपको धन हानि हो सकती है। आप अधिक धन संचय नहीं कर पाएंगे।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
1) आप आध्यात्मिक क्षेत्र में अधिक रूचि लेंगे।
2) आप अपनी ज्ञान वृद्धि में लगे रहेंगे।
3) रिश्तों के प्रति आपको सचेत रहना होगा।
4) धन संचय करने में आपको मुश्किलें आएँगी।