सामान्य अवलोकन यह माह आपको औसत परिणाम देगा। आपको अपने संबंधों का ख़याल रखने व अपनी ज़िम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है| इस दौरान आपके विश्वसनीय लोग आपको धोखा दे सकते हैं इसलिए आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है| किसी भी विवाद को संभालने के दौरान कूटनीति से काम लें| आप व्यावहारिक दृष्टिकोण […]
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कर्क राशिचक्र की चौथी राशि है तथा यह जलतत्व से संबंधित है| इसका प्रतीक एक केकड़ा है| इस राशि के जातक संवेदनशील होते हैं| उनकी अंतर्दृष्टि उच्च कोटि की होती है| उनके दिल को शीघ्र चोट लग जाती है| कर्क राशि ब्राह्मण वर्ग को दर्शाती है इसलिए ऐसे जातक दार्शनिक अवधारणाओं को समझने की क्षमता […]
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मुख पृष्ठ> मुफ्त उपकरण> रोहिणी नक्षत्र रोहिणी (10°00′ to 23°20′ वृषभ) रोहिणी नक्षत्र पूरी तरह से वृषभ राशि में समाविष्ट है| रात के समय आकाश में यह एक उज्ज्वल तारे जिसे अल्देबारन(अल्फा-टौरी) कहा जाता है के अंतर्गत चमकता नज़र आता है| रोहिणी शब्द का अर्थ “लाल वर्ण वाला” है जो इस नक्षत्र की तीव्र व […]
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मुख पृष्ठ> मुफ्त उपकरण>मुखपृष्ठ>मृगशिरा नक्षत्र मृगशिरा(हिरण का मुख) (23°20′ वृषभ राशि से 6°40′ मिथुन राशि तक) रात्रि के आकाश में मृगशिरा नक्षत्र के चार तारे ओरियन नामक सितारे के अंतर्गत चमकते हुए दिखाई देते हैं| इन चार तारों के नाम बेलाट्रिक्स (गामा-ओरियनिस), पी.आई 2, पी. आई 3 व पी. आई 4-ओरियनिस हैं| बेलाट्रिक्स इन तारों […]
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मुख पृष्ठ> मुफ्त उपकरण>आर्द्रा नक्षत्र आर्द्रा (नम) (मिथुन राशि में 6°40′ से 20°00′ तक) रात्रि के आकाश में आर्द्रा ओरियन के अंतर्गत बीटलगुएज़ (अल्फा-ओरियन) नामक सबसे उज्जवल नक्षत्र के रूप में चमकता हुआ दिखाई देता है| ज्योतिष में आर्द्रा नक्षत्र संपूर्ण रूप से मिथुन राशि के अंतर्गत आता है| इस नक्षत्र का प्रतीक अश्रु है […]
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