चंद्र राशि वृश्चिक के लिए राहु-केतु का गोचर भविष्यफल
राहु :
इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से नवम भाव में गोचर करेगा जिसके फलस्वरूप आप लंबी दूरी की विदेश यात्राएं करेंगे।विदेशों से पैसा कमाने के मामले में आपका भाग्य पूरी तरह साथ देगा।आपका मन सक्रिय रहेगा और आपकी अपनी क्षमता से ज्यादा प्रगति होगी।आप अपनी बात और दृष्टिकोण पर अड़िग रहेंगे।दूसरी ओर, पिता की अचानक स्वास्थ्य समस्याओं के चलते आपका अधिक ख़र्चा होने की संभावनाएं हैं।आप अपने बहनोई व भाइयों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में सक्षम नहीं होंगे।आप बड़े-बुजुर्गों की सलाह सुनना पसंद नहीं करेंगे और आपका स्वभाव जिद्दी रहेगा।आपके करियर और भाग्य में कुछ बाधाएं आ सकती हैं।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
आप लंबी दूरी की यात्राएं कर सकते हैं।
विदेश से धनार्जन करने में किस्मत आपका साथ देगी।
आप अपनी क्षमता से ज्यादा सोचेंगे।
पिता का स्वास्थ्य आपकी चिंता का कारण बनेगा।
भाइयों के साथ आपके तनावपूर्ण संबंध रहेंगे।
आप किसी की भी सलाह को पसंद नहीं करेंगे।
आपको करियर व भाग्य में बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।
केतु :
इस अवधि में केतु आपकी चंद्र राशि से तृतीय भाव में गोचर करेगा जिसके फलस्वरूप आपको इस गोचर के दौरान शुभ फल प्राप्त होंगे।आप अपने आप को अच्छी तरह से व्यक्त करने की क्षमता रखेंगे।आप यात्रा करने में अधिक व्यस्त रहेंगे और इस तरह की यात्राओं से आपको लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान लंबी समय से रुकी हुई कोई तीर्थयात्रा आप कर सकते हैं और इससे आपको आंतरिक शांति प्राप्त होगी।आप सही निर्णय लेने में सक्षम रहेंगे और यह आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी भागीदारी के कारण संभव होगा।दूसरी तरफ, अपने सहयोगियों के साथ आपके संबंध तनावपूर्ण रह सकते हैं।आप अपने जिद्दी रवैया के कारण बहस करने में लगे रहेंगे।आप समय पर मदद प्राप्त करने में बाधाओं का सामना करेंगे।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
मार्च 2026 का महीना वैदिक ज्योतिष के अनुसार कई महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तनों का संकेत दे रहा है। यह समय आत्मचिंतन, अनुशासन और व्यावहारिक निर्णय लेने का है। कुछ राशियों के लिए यह प्रगति का द्वार खोलेगा, तो कुछ को धैर्य और संयम की परीक्षा दे सकता है। यदि आप अपने चंद्र राशि आधारित मार्च राशिफल […]13...
प्रस्तावना: विवाह में देरी क्यों चिंता का कारण बनती है? विवाह भारतीय संस्कृति में केवल एक सामाजिक संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो जीवन दृष्टियों का संगम माना जाता है। जब विवाह सही समय पर न हो पाए या बार-बार रुकावटें आएं, तो व्यक्ति और परिवार दोनों मानसिक तनाव का अनुभव करते हैं। कई […]13...
प्रस्तावना: क्या सच में घर की ऊर्जा जीवन को प्रभावित करती है? हमारा घर केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं है, बल्कि वह एक ऊर्जा क्षेत्र (energy field) की तरह कार्य करता है। वैदिक दृष्टिकोण और वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा वहां रहने वाले लोगों के मन, व्यवहार और जीवन की […]13...