इस अवधि में राहु आपकी चंद्र राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। आपकी अन्तर्ज्ञान शक्ति में वृद्धि होगी। आप अपनी बुद्धिमता का प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे और आप अधिक अंतर्ज्ञान शक्ति का विकास करेंगे। आपकी सोच अधिक रचनात्मक बनेगी और ऐसी सोच आपको बुलंदियों पर पहुँचने में मदद करेगी। आपका दृष्टिकोण अनोखा रहेगा और आप एक अलग व्यक्ति के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करेंगे। दूसरी तरफ, आप अपनी संतान के विकास के बारे में चिंतित होंगे। इस अवधि में आपकी प्रवृति आक्रामक हो सकती है जिसकी वजह से जीवन साथी के साथ आपके संबंध खराब हो सकते हैं। इस अवधि में सट्टेबाजी से लाभ कमाने का प्रलोभन आपके मन में आ सकता है इसलिए सतर्क रहे। आप अनावश्यक रूप से निराश रहेंगे। इससे बचने के लिए प्रार्थना का सहारा लेना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
आपकी अंतर्ज्ञान क्षमता में वृद्धि होगी।
आपका दृष्टिकोण अनोखा रहेगा।
आपको संतान की प्रगति से संबंधित चिंता सताएगी।
आपका स्वभाव आक्रामक हो सकता है।
सट्टेबाजी से लाभ कमाने का लालच आपके मन में आएगा।
केतु :
इस अवधि में केतु आपकी चंद्र राशि से एकादश भाव में गोचर करेगा।आप आध्यात्मिक मामलों में शामिल होकर लाभ प्राप्त करेंगे और इससे आपको राहत भी मिलेगी।जीवन साथी, प्रियजनों और मित्रों के प्रति आपका व्यवहार अधिक सौहार्दपूर्ण रहेगा।पुस्तकों के अधिक अध्ययन द्वारा आप ज्यादा कुशल बनेंगे और आपकी बुद्धिमता का विकास होगा।आप अपनी वाणी का बेहतर प्रयोग करेंगे और इसके द्वारा आप चमत्कार करने में सक्षम रहेंगे।दूसरी ओर, आप अधिक धन संचय करने में सक्षम नहीं होंगे।सांसारिक विषयों में आपका अधिक रुझान नहीं रहेगा।इस गोचर के दौरान आप जो कुछ भी प्राप्त करेंगे उससे आपको सीमित संतुष्टि मिलेगी।
इस अवधि में आपको निम्नलिखित परिणाम अनुभव हो सकते हैं:-
आप अध्यात्म से संबंधित कुछ नया सीखेंगे और इस विषय पर काफी चर्चा करेंगे।
प्रस्तावना: क्या सच में घर की ऊर्जा जीवन को प्रभावित करती है? हमारा घर केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं है, बल्कि वह एक ऊर्जा क्षेत्र (energy field) की तरह कार्य करता है। वैदिक दृष्टिकोण और वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा वहां रहने वाले लोगों के मन, व्यवहार और जीवन की […]13...
आज की दुनिया में, आर्थिक स्थिरता एक शांतिपूर्ण और सफल जीवन के प्रमुख पहलुओं में से एक है। फिर भी कई लोग कड़ी मेहनत के बावजूद लगातार आर्थिक परेशानियों, कर्ज या बचत की कमी का सामना करते हैं। अगर यह आपको परिचित लगता है, तो इसका कारण न केवल बाहरी परिस्थितियों में बल्कि आपकी कुंडली […]13...
भारतीय वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। व्यक्ति के जन्म के समय आकाश में स्थित ग्रहों की स्थिति उसके जीवन के हर पहलू – जैसे स्वभाव, स्वास्थ्य, शिक्षा, विवाह, करियर, धन, संतान और आध्यात्मिकता पर गहरा प्रभाव डालती है। जन्मकुंडली में ग्रहों की भूमिका जब कोई व्यक्ति जन्म लेता […]13...