AstroVed Menu
AstroVed
search
HI language
x
cart-added The item has been added to your cart.
x
Blogs

शतभिषा नक्षत्र

Shatabhisha Nakshatra Hindi Small

शतभिषा (कुंभ राशि के 6°40′ से 20°00′ तक) कुंभ राशि के अंतर्गत धुंधले तारों का एक समूह शतभिषा नक्षत्र का निर्माण करता है। रात्रि के आकाश में जब इस नक्षत्र समूह पर गौर किया जाता है तब सदलाच्बिया (गामा एक्वरी) नामक तारा सबसे उज्जवल प्रतीत होता है। शतभिषा का अर्थ “100 चिकित्सक” है तथा यह […]

अधिक पढ़ें

धनिष्ठा नक्षत्र

Dhanishtha Nakshatra Small

धनिष्ठा (23°20′ मकर राशि से 6°40′ कुंभ राशि तक) धनिष्ठा नक्षत्र डेल्फिनी तारा समूह के अंतर्गत आने वाले चार तारों से मिलकर बना है| आकाश में अल्फा, बीटा, गामा व डेल्टा डेल्फिनी नामक तारे एक प्रकार की समुद्री मछली डॉल्फ़िन का सिर बनाते हैं| ज्योतिष में धनिष्ठा नक्षत्र मकर व कुंभ राशि के अंतर्गत आता […]

अधिक पढ़ें

श्रवण नक्षत्र

Shravana Nakshatra Small

श्रवण (मकर राशि में 10°00′ – 23°20′ तक) श्रवण नक्षत्र में अल्टेएर, अलशेन और ताराज़ेड नामक तारे शामिल हैं जो रात्रि को आकाश में दिखाई देते हैं| श्रवण शब्द का अर्थ ‘सुनना’ है तथा इस नक्षत्र के प्रतीक कान हैं| यह नक्षत्र सुनने और सीखने से संबंधित है। जैसे प्राचीन संस्कृति में मौखिक परंपराओं के […]

अधिक पढ़ें

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र

Uttarashadha Nakshatra Small

उत्तराषाढ़ा (26°40′ धनु राशि से 10°00′ मकर राशि तक) ज्योतिष में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र धनु व मकर राशि के अंतर्गत आता है| रात्रि को आकाश में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सिग्मा, ताऊ, फी व जीटा सगीट्टारी तारों के रूप में दिखाई देता है| उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मानवता के लिए गहन ईमानदारी व लगाव रखता है| इस नक्षत्र के अधिपति […]

अधिक पढ़ें

पूर्वाषाढा नक्षत्र

Purvashadha Nakshatra Small

पूर्वाषाढ़ा (धनु राशि में 13°20′ – 26°40′ तक) पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र कौस ऑस्ट्रलिस , कौस बोरेलिस और कौस मीडिया नामक तीन तारों से मिलकर बना है तथा यह धनु राशि के मध्य भाग में स्थित है। ये तारे रात्रि को आकाश में आसानी से दिखाई देते हैं तथा एक पंखें के सदृश लगते हैं| इस नक्षत्र […]

अधिक पढ़ें

नवीनतम ब्लॉग्स

  • ज्योतिषीय उपायों में छुपा है आपकी आर्थिक समस्याओं का समाधान
    आज की दुनिया में, आर्थिक स्थिरता एक शांतिपूर्ण और सफल जीवन के प्रमुख पहलुओं में से एक है। फिर भी कई लोग कड़ी मेहनत के बावजूद लगातार आर्थिक परेशानियों, कर्ज या बचत की कमी का सामना करते हैं। अगर यह आपको परिचित लगता है, तो इसका कारण न केवल बाहरी परिस्थितियों में बल्कि आपकी कुंडली […]13...
  • ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की भूमिका और कुंडली में प्रभाव
    भारतीय वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। व्यक्ति के जन्म के समय आकाश में स्थित ग्रहों की स्थिति उसके जीवन के हर पहलू – जैसे स्वभाव, स्वास्थ्य, शिक्षा, विवाह, करियर, धन, संतान और आध्यात्मिकता पर गहरा प्रभाव डालती है।   जन्मकुंडली में ग्रहों की भूमिका जब कोई व्यक्ति जन्म लेता […]13...
  • पंचमुखी रुद्राक्ष का महत्व, लाभ और पहनने की विधि
    भारतीय संस्कृति और अध्यात्म में रुद्राक्ष को दिव्य मणि कहा गया है। इसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। रुद्राक्ष की हर मुखी के अलग-अलग गुण और प्रभाव होते हैं। इनमें से पंचमुखी रुद्राक्ष सबसे आम और अत्यंत शुभ माने जाने वाले रुद्राक्षों में से एक है। यह न केवल आध्यात्मिक साधना में सहायक […]13...