प्राचीन काल से ही मानव जाति ने हमारे सौर मंडल में हमारे दो सबसे उजले और महत्वपूर्ण ग्रह सूर्य और चंद्रमा के साथ-साथ अन्य ग्रहों की गति का भी अनुसरण किया है। इन ग्रहों को आकाश में नग्न आंखों से भी देखा जा सकता था ये ग्रह थे बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि। आधुनिक […]
अधिक पढ़ें →आमतौर पर, नक्षत्र शब्द का अर्थ अविनाशी माना जाता है। नक्षत्र भारत की वैदिक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। ज्योतिष की वैदिक प्रणाली आर्थात राशिचक्र को 28 नक्षत्रों या चंद्र नक्षत्रों में विभाजित किया गया है। इनका प्रयोग ज्योतिषीय अध्ययन में महत्वपूर्ण माना गया है। ये नक्षत्र उनमें स्थित ग्रहों की विशिष्टता को परिभाषित […]
अधिक पढ़ें →राशियों के हिंदी – अंग्रेजी नाम और सामान्य जानकारी क्या आप के मन में भी ज्योतिष के गहरे रहस्यों और इसके माध्यम से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे विवाह, प्रेम, व्यापार, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्या और षिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण की भविष्यवाणी कैसे सटीक और समयबद्ध होती है। दरअसल वैदिक ज्योतिष एक बहुत ही गहरा विज्ञान […]
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राहु-केतु छाया ग्रह हैं जो अपने गोचर के दौरान भी अन्य ग्रहों के साथ संयोजन के आधार पर अपना परिणाम देते हैं। ये ग्रह वक्री गति में एक साथ 1-7 अक्ष में गोचर करते हैं। यह संयोग दृष्टि, युति, अन्य ग्रहों के नक्षत्र में गोचर और किसी विशेष राशि के माध्यम से भी बन सकता […]
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बृहस्पति का मीन गोचर 2022 का राशियों पर प्रभाव बृहस्पति अर्थात गुरु 13 अप्रैल 2022 से 21 अप्रैल 2023 तक मीन राशि में गोचर करेगा। मीन राशि बृहस्पति की स्वाभाविक राशि है और वे मीन राशि के स्वामी भी हैं। इसका अर्थ यह है कि बृहस्पति अर्थात गुरु मीन राशि में शुभ फल देते है। […]
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