पितृ दोष के कारण, नुकसान और उपाय एक साथ वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पितृ दोष एक कुंडली में हानिकारक ऊर्जाओं की उपस्थिति दर्शाता है, जो किसी के पितृ या पूर्वजों के कारण पाप और शाप का संकेत देता है। मूल रूप से, पितृ दोष वाले व्यक्ति पर पूर्वजों के कर्म ऋण का भुगतान करने की […]
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इन सहज मंत्रों और आसान उपायों से राहु को करें खुश वैदिक ज्योतिष में राहु को एक पाप ग्रह माना जाता है आमतौर पर जटिलता, चिंता, निराशा और पीड़ा के कारण अराजकता लाने वाले राहु व्रक गति से चलते है। राहु संक्रामक रोगों, अधार्मिक आदतों या विषाक्त पदार्थों के उपयोग का संकेत दे सकता है […]
अधिक पढ़ें →प्राचीन काल से ही मानव जाति ने हमारे सौर मंडल में हमारे दो सबसे उजले और महत्वपूर्ण ग्रह सूर्य और चंद्रमा के साथ-साथ अन्य ग्रहों की गति का भी अनुसरण किया है। इन ग्रहों को आकाश में नग्न आंखों से भी देखा जा सकता था ये ग्रह थे बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि। आधुनिक […]
अधिक पढ़ें →आमतौर पर, नक्षत्र शब्द का अर्थ अविनाशी माना जाता है। नक्षत्र भारत की वैदिक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। ज्योतिष की वैदिक प्रणाली आर्थात राशिचक्र को 28 नक्षत्रों या चंद्र नक्षत्रों में विभाजित किया गया है। इनका प्रयोग ज्योतिषीय अध्ययन में महत्वपूर्ण माना गया है। ये नक्षत्र उनमें स्थित ग्रहों की विशिष्टता को परिभाषित […]
अधिक पढ़ें →राशियों के हिंदी – अंग्रेजी नाम और सामान्य जानकारी क्या आप के मन में भी ज्योतिष के गहरे रहस्यों और इसके माध्यम से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे विवाह, प्रेम, व्यापार, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्या और षिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण की भविष्यवाणी कैसे सटीक और समयबद्ध होती है। दरअसल वैदिक ज्योतिष एक बहुत ही गहरा विज्ञान […]
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