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प्रदोष, जो चंद्रमा का 13वां चंद्र चरण है, बुरे कर्म को दूर करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।
हर चीज कर्म द्वारा निर्धारित या नियंत्रित होती है और कर्म निवारण का सबसे अच्छा समय प्रदोष काल है।

डॉ. पिल्लई

विवरण


गुरु प्रदोष - बुरे कर्मों से मुक्त हो गुरु कृपा प्राप्त करें

13वें कृष्ण और शुक्ल पक्ष (घटते और बढ़ते) चंद्र चरण अर्थात प्रदोष का दिन नकारात्मक कर्मों को नष्ट करने का अवसर प्रदान करता हैं। जब प्रदोष गुरुवार (बृहस्पति द्वारा शासित दिन, जिसे संस्कृत में गुरु कहा जाता है) के दिन पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष के रूप में जाना जाता है।

गुरु प्रदोष के दिन किये गये विषेष अनुष्ठानों के फल स्वरूप आप जीवन में फैली नकारात्मकता से मुक्त हो कर सुखी और समृद्ध जीवन जी सकते हैं। इस दिन आध्यात्मिक अनुष्ठानों द्वारा पिछले बुरे कर्म दूर हो सकते हैं जो आपके गुरु के आशीर्वाद या कृपा को आप तक पहुंचने से रोक रहे हैं। यह प्रदोष आपके लिए खुद को शिक्षकों, मार्गदर्षक, स्वामी या बुद्धिमान व्यक्तियों से नई शिक्षा या ज्ञान प्राप्त कर उनके आषीष का भागीदार बनाता है।

हर किसी पर गुरु के शाप का असर नहीं पड़ता। कई बार गुरु श्राप का कारण भी जीवन में कई तरह की बुरी और नकारात्मक स्थितियां उत्पन्न हो जाती है, जिनके दुष्प्रभावों के कारण आपकी षिक्षा, ज्ञान और संपर्क जैसे साधन होते हुए भी, आप जीवन में कुछ बेहतर नही कर पाते हैं। गुरू आषीर्वाद वह राम बाण है जो इन नकारात्मक स्थितियों पर विजय प्राप्त कर खुषहाल जीवन जीने में आपकी सहायता कर सकता है। गुरु प्रदोष के दिन किये गये विषेष अनुष्ठान में हिस्सा लेकर आप भी गुरू सबंधित समस्याओं को हटा सकते हैं, और आषीष प्राप्त कर खुषहाल जीवन जी सकते हैं।

गुरू प्रदोष सेवाएं


शक्तिस्थल मान्यताओं और पवित्र ग्रंथों के अनुसार, नीचे दिए गए अनुष्ठानों को करने से शिव के निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त किए जा सकते हैं।

कर्म-विनाशक 13वां चंद्र चरण जलाभिषेक समाधान समारोह, लघुन्यासम रुद्र प्रसन्नम और चमक प्रसन्नम का जाप करके शिव और शिव के पवित्र बैल का अभिषेक

बुरे कर्म नष्ट करने वाले 13वां चंद्र चरण प्रदोष के दिन जलाभिषेक समारोह, लघुन्यासम रुद्र प्रसन्न और चमक प्रसन्न का जाप करके शिव और शिव के पवित्र नंदी का जल अभिषेक

  • जीवन में प्रगति की ओर ले जाने वाली सकारात्मक चीजों को प्रकट करने में मदद करता है।
रुद्र त्रिशती (रुद्र के 300 नाम) का जाप करके शिव को बिल्व पत्र अर्पित करना

रुद्र त्रिशती (रुद्र के 300 नाम) का जाप करके शिव को बिल्व पत्र अर्पित करना

  • शिव को बिल्व पत्र चढ़ाने से सबसे भयानक कर्म नष्ट हो जाते हैं।
एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में शिव यज्ञ (कर्म-शुद्धि शिव यज्ञ)।

एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में शिव यज्ञ (कर्म-शुद्धि शिव यज्ञ)

  • विकास और सफलता को सीमित करने वाली नकारात्मकता को नष्ट करता है।
मंत्र "थिरु नीला कंटम" 1008 बार लिखना

मंत्र थिरु नीला कांतम 1008 बार लिखना

  • आपके कर्मों को खत्म करता है और साथ ही आपके लिए अच्छे धर्म का निर्माण करता है।
अपने शक्तिस्थल पर शिव की पूज

अपने शक्तिस्थल पर शिव की पूजा

  • कर्म या कार्मिक ऊर्जा को हटाता है जो इस वर्तमान जीवन में हमारी क्षमता को सीमित करता है
नरसिम्हा की पूजा

नरसिम्हा की पूजा

  • आपको अपने उपक्रमों में सफलता प्राप्त करने से रोकने वाले कर्म को खत्म करने में मदद करता है।
शनि की उनके स्थान पर पूजा

बृहस्पति की उनके शक्तिस्थल पर पूजा

  • विकास और प्रचुरता की संभावनाओं का विस्तार करने के लिए नकारात्मकताओं को अवशोषित करता है।

गुरु प्रदोष पैकेज

शनि प्रदोष के लिए एडवांस्ड अनुष्ठान

गुरु प्रदोष के मूल अनुष्ठान

पैकेज विवरण

गुरु प्रदोष के मूल अनुष्ठानओ में भाग लें। मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने वाले वैदिक मंत्रों का जाप करके शिव और नंदी का शक्तिशाली अभिषेक और पूजा की जाएगी। शिव के पसंदीदा बिल्व पत्र उनके 300 नामों का जाप करके उन्हें चढ़ाए जाएंगे जिन्हें रुद्र त्रिशती कहा जाता है। आपको शिव और बृहस्पति के शक्तिस्थलों पर की जाने वाली पूजा का भी हिस्सा बनने का मौका मिलता है, जो आपको सफलता प्राप्त करने से रोकने वाले कर्मों को शुद्ध करने के लिए शिव और बृहस्पति की कृपा का आह्वान कर सकता है।

  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में लघुन्यास रुद्र प्रसन्न और चमक प्रसन्न का जाप करके शिव और नंदी को बुरे कर्म नष्ट करने वाले प्रदोष के दिन जलाभिषेक
  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में रुद्र त्रिशती (रुद्र के 300 नाम) का जाप करके शिव की बिल्व पत्र पूजा
  • एस्ट्रोवेद रेमेडी सेंटर में आदर्श नरसिम्हा की पूजा
  • अपने शक्तिस्थल पर शिव की पूजा
  • बृहस्पति की उनके शक्तिस्थल पूजा

iमुझे क्या मिलेगा?

आपको हवन से प्राप्त भभूति प्राप्त होगी। इसे अपनी ध्यान/पूजा वेदी पर रखें और ध्यान के दौरान या अन्य समय अपने जीवन में दिव्य आशीर्वाद का विस्तार करने के लिए इसे अपने माथे लगाएं।

डॉ. पिल्लई के अनुसार

अनुष्ठान विचारों का कार्बाेनाइजेशन है। कार्बन हमारे सूचना वाहक परमाणु हैं। प्रसाद के रूप में दी जाने वाली भभूति (कार्बन अवशेष)/(राख) को अपने तीसरे नेत्र क्षेत्र पर रखा कर अपने ईष्ट देवता का आवाहन करने पर मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।

कृपया ध्यान दें

एस्ट्रोवेद शक्तिस्थल का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है और इसलिए पैकेज में शामिल शक्तिस्थल पूजा और प्रसाद शिपमेंट के लिए अपने सदस्यों से शुल्क नहीं लेता है। हालांकि, पैकेज लागत में प्रॉक्सी सेवा वितरण/पूजा सामग्री/सुविधा शुल्क शामिल हैं।

अनुष्ठानों पूरा सेट समाप्त होने के एक सप्ताह बाद, प्रसाद की घर पहुंच सेवा की शुरूआत चेन्नई, तमिलनाडु से होगी।

शनि प्रदोष के लिए संवर्धित अनुष्ठान

गुरु प्रदोष के लिए संवर्धित अनुष्ठान

पैकेज विवरण

गुर प्रदोष के संवर्धित अनुष्ठानों में भाग लें। मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने के लिए पढ़े गए वैदिक मंत्रों का जाप करके शिव और नंदी का शक्तिशाली अभिषेक और पूजा की जाएगी। शिव के पसंदीदा बिल्व पत्र उनके 300 नामों का जाप करके उन्हें चढ़ाए जाएंगे जिन्हें रुद्र त्रिशती कहा जाता है। आपको शिव और बृहस्पति के शक्तिस्थलों और शिव का आह्वान करने वाला एक शक्तिशाली यज्ञ में की जाने वाली पूजा का भी हिस्सा बनने का मौका मिलता है, जो आपको सफलता प्राप्त करने से रोकने वाले कर्मों को शुद्ध करने के लिए शिव और बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में लघुन्यास रुद्र प्रसन्न और चमक प्रसन्न का जाप करके शिव और नंदी को बुरे कर्म नष्ट करने वाले प्रदोष के दिन जलाभिषेक
  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में रुद्र त्रिशती (रुद्र के 300 नाम) का जाप करके शिव की बिल्व पत्र पूजा
  • एस्ट्रोवेद रेमेडी सेंटर में आदर्श नरसिम्हा की पूजा
  • अपने शक्तिस्थल पर शिव की पूजा
  • बृहस्पति की उनके शक्तिस्थल पर पूजा
  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में शिव यज्ञ (कर्म-शुद्धि शिव यज्ञ)

iमुझे क्या मिलेगा?

आपको हवन से प्राप्त भभूति प्राप्त होगी। इसे अपनी ध्यान/पूजा वेदी पर रखें और ध्यान के दौरान या अन्य समय अपने जीवन में दिव्य आशीर्वाद का विस्तार करने के लिए इसे अपने माथे लगाएं।

डॉ. पिल्लई के अनुसार

अनुष्ठान विचारों का कार्बाेनाइजेशन है। कार्बन हमारे सूचना वाहक परमाणु हैं। प्रसाद के रूप में दी जाने वाली भभूति (कार्बन अवशेष)/(राख) को अपने तीसरे नेत्र क्षेत्र पर रखा कर अपने ईष्ट देवता का आवाहन करने पर मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।

कृपया ध्यान दें

एस्ट्रोवेद शक्तिस्थल का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है और इसलिए पैकेज में शामिल शक्तिस्थल पूजा और प्रसाद शिपमेंट के लिए अपने सदस्यों से शुल्क नहीं लेता है। हालांकि, पैकेज लागत में प्रॉक्सी सेवा वितरण/पूजा सामग्री/सुविधा शुल्क शामिल हैं।

अनुष्ठानों पूरा सेट समाप्त होने के एक सप्ताह बाद, प्रसाद की घर पहुंच सेवा की शुरूआत चेन्नई, तमिलनाडु से होगी।

शनि प्रदोष के लिए मूल अनुष्ठान

गुरु प्रदोष के एडवांस्ड अनुष्ठान

पैकेज विवरण

गुरु प्रदोष के एडवांस्ड अनुष्ठानों में भाग लें। शिव और नंदी का शक्तिशाली अभिषेक और पूजा वैदिक मंत्रों का जाप करके की जाती है। जो मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करता है। शिव के पसंदीदा बिल्व पत्र उनके 300 नामों का जाप करके उन्हें चढ़ाए जाएंगे जिन्हें रुद्र त्रिशती कहा जाता है। आपको शिव और बृहस्पति के शक्तिस्थलों और शिव का आह्वान करने वाले एक शक्तिशाली यज्ञ में की जाने वाली पूजा का भी हिस्सा बनने का मौका मिलता है, जो आपको सफलता प्राप्त करने से रोकने वाले बुरे कर्मों को शुद्ध करने के लिए शिव और बृहस्पति की कृपा का आह्वान कर सकता है। इस पैकेज में, आपको 1008 बार थिरु नीला कांतम प्रॉक्सी मंत्र लेखन के माध्यम से अपने कर्मों को शुद्ध करने के साथ-साथ खुद को अच्छा धर्म परायण इंसान बनाने का अवसर भी देता है।

  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में लघुन्यासम रुद्र प्रसन्न और चमक प्रसन्न का जाप करके शिव और नंदी को बुरे कर्म नष्ट करने वाले प्रदोष के दिन जलाभिषेक
  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में रुद्र त्रिशती (रुद्र के 300 नाम) का जाप करके शिव की बिल्व पत्र पूजा
  • एस्ट्रोवेद रेमेडी सेंटर में आदर्श नरसिम्हा की पूजा
  • अपने शक्तिस्थल पर शिव की पूजा
  • बृहस्पति की उनके शक्तिस्थल पर पूजा
  • एस्ट्रोवेद उपचार केंद्र में शिव यज्ञ (कर्म-शुद्धि शिव यज्ञ)।
  • 1008 बार मंत्र लेखन - थिरु नीला कांतम

iमुझे क्या मिलेगा?

आपको हवन से प्राप्त भभूति प्राप्त होगी। इसे अपनी ध्यान/पूजा वेदी पर रखें और ध्यान के दौरान या अन्य समय अपने जीवन में दिव्य आशीर्वाद का विस्तार करने के लिए इसे अपने माथे लगाएं।

डॉ. पिल्लई के अनुसार

अनुष्ठान विचारों का कार्बाेनाइजेशन है। कार्बन हमारे सूचना वाहक परमाणु हैं। प्रसाद के रूप में दी जाने वाली भभूति (कार्बन अवशेष)/(राख) को अपने तीसरे नेत्र क्षेत्र पर रखा कर अपने ईष्ट देवता का आवाहन करने पर मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।

कृपया ध्यान दें

एस्ट्रोवेद शक्तिस्थल का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है और इसलिए पैकेज में शामिल शक्तिस्थल पूजा और प्रसाद शिपमेंट के लिए अपने सदस्यों से शुल्क नहीं लेता है। हालांकि, पैकेज लागत में प्रॉक्सी सेवा वितरण/पूजा सामग्री/सुविधा शुल्क शामिल हैं।

अनुष्ठानों पूरा सेट समाप्त होने के एक सप्ताह बाद, प्रसाद की घर पहुंच सेवा की शुरूआत चेन्नई, तमिलनाडु से होगी।