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Vedic New Year

वर्ष 2017 का प्रथम विष्णुपति
सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश


समृद्धि लाभ प्राप्त करने का दिवस
13 फरवरी 2017 (भारतीय मानक समयानुसार)

अब वैदिक कार्यपद्धति द्वारा आदर्शरूप भगवान विष्णु जी का आह्वान परिवर्तन व विकास हेतु करें।


समृद्धि लाभ हेतु अनोखी समयावधि-

ज्योतिषीय घटना विष्णुपति एक अनोखी घटना है क्योंकि यह वर्ष भर में केवल चार बार उस समय घटित होती है। जब सूर्यदेव कुंभ, सिंह, वृश्चिक या वृष इन स्थिर राशियों में प्रवेश करते हैं। जब सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है तो यह उस वर्ष के लिए समृद्धि लाभ प्राप्त करने का अंतिम अवसर होता है। विष्णुपति के दौरान आदर्शरूप भगवान विष्णु जो कि सृष्टि के पालनहार हैं अपना आशीर्वाद प्रदान करने के लिए सहज रूप से उपलब्ध होते हैं। आर्थिक स्थिति को सुधारने व आकस्मिक परिणाम पाने के लिए यह अनोखी समयावधि भगवान विष्णु की प्रार्थना हेतु एक महत्वपूर्ण समय होता है। जीवन में धन व समृद्धि प्राप्त करने के लिए पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र इस दिन को और भी अधिक शक्तिशाली बनाता है।

विष्णुपति के दौरान भगवान विष्णु चमत्कार करते हैं-

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विष्णुपति वह समयावधि है, जब भगवान विष्णु सभी के कल्याण हेतु चमत्कारपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि विष्णुपति तब घटित होता है जब-

  • भगवान विष्णु पृथ्वी पर अवतरित होते हैं।
  • भगवान विष्णु के सभा-सदस्य सक्रिय होते हैं।
  • लोगों के रक्षार्थ भगवान विष्णु अपने प्रयास को कई गुना बढ़ा देते हैं।
  • भगवान विष्णु उनके लिए चमत्कार करते हैं जो उनकी प्रार्थना करते हैं।
  • भक्तजन भगवान विष्णु में समाहित हो जाते हैं।
  • आप समाधि का अनुभव कर सकते हैं।

विष्णुपति का महत्व-

प्रत्येक विष्णुपति अपने आप में एक अनोखी अवधि होती है। इसमें एक विशेष शक्ति होती है जिसकी पुनरावृति केवल 60 वर्षों के उपरांत वैदिक कालचक्र में होती है।

इस दौरान सूर्य, कालपुरुष जन्मपत्रिका के पंचम भाव का स्वामी कुंभ राशि में स्थित होकर अपनी स्वराशि सिंह को देख रहा होगा। सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश परिवर्तन व ज्ञान के आशीर्वाद द्वारा जीवन में सर्वांगीण उन्नति करने हेतु एक महान समय होता है।

इस दिन का ज्योतिषीय महत्व-

इस दिन, चन्द्रमा शुक्र के पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होगा। चन्द्रमा सिंह राशि में स्थित होकर वायु तत्व राशि कुंभ में बैठे सूर्य से दृष्ट होगा। यह ग्रहीय संयोग भगवान विष्णु के वामन रूप का आह्वान करता है। जिन्होंने पृथ्वी, पाताल व स्वर्ग को तीन पग में नापकर राजा के गर्व को चूर किया था। विष्णुपति की इस समयावधि में जब सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करता है तो यह भगवान विष्णु के वामन रूप की कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत शक्तिशाली समय माना जाता है। भगवान विष्णु का वामन रूप बुद्धिमता को इंगित करता है। यह वामन अवतार परिवर्तन व विकास का प्रतीकात्मक रूप है जो कि जीवन में उद्देश्यों को प्राप्त करते हेतु अपेक्षित होते हैं। यह दिन बुद्धि व बुद्धिमता प्राप्त करने की सकारात्मक शक्ति से भरा हुआ होता है। जो कि जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने हेतु आवश्यक होती है। यही वह समय है जब आकाशीय ऊर्जा एक साथ मिलकर आपके भौतिक जीवन को बेहतर बनाने का कार्य करती हैं।


विष्णुपति से संबंधित शक्तिशाली अनुष्ठान

विष्णुपति से संबंधित शक्तिशाली अनुष्ठान
  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान केंद्र में भगवान विष्णु के वामन अवतार से संबंधित सामूहिक यज्ञ 13 फरवरी 2017 को प्रातः 06:30 बजे(भारतीय मानक समयानुसार)किया जाएगा।
  • आपकी तरफ से भगवान विष्णु जी के पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी।

इस विष्णुपति अनुष्ठान में अवश्य भाग लें। सूर्य के कुंभ राशि में प्रविष्ट करने से जुड़े इस अनुष्ठान में भगवान विष्णु जी का सामूहिक यज्ञ करके उनके पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना की जाती है। अनुष्ठानों के दौरान शक्तिशाली वैदिक मंत्रों का उच्चारण आपको दैवीय आशीर्वादों से परिपूर्ण कर देगा। जिन्हें उद्देश्यों व इच्छाओं की पूर्ति हेतु अनिवार्य समझा जाता है।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें। अपनी दैनिक पूजा अथवा ध्यान करते समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके जीवन में दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से संबंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- आपको दिए जाने वाला प्रसाद इन सभी अनुष्ठानों की समाप्ति के एक सप्ताह के उपरांत चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार सप्ताहों का समय दें।

भगवान विष्णु के वामन अवतार से संबंधित व्यक्तिगत यज्ञ अनुष्ठान

(केवल सीमित संख्या में उपलब्ध)

भगवान विष्णु के वामन अवतार से संबंधित व्यक्तिगत यज्ञ अनुष्ठान

विष्णुपति दिवस के शुभावसर पर भगवान विष्णु के वामन अवतार से संबंधित इस व्यक्तिगत यज्ञ अनुष्ठान के लिए अपना पंजीकरण करवाएं। यह वामन अवतार परिवर्तन व विकास का प्रतीकात्मक रूप है जो कि जीवन में उद्देश्यों को प्राप्त करते हेतु अपेक्षित होते हैं। इस विष्णुपति पर्व के शुभावसर पर भगवान विष्णु से जुड़कर स्वयं व प्रियजनों के लिए दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करें।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें। अपनी दैनिक पूजा अथवा ध्यान करते समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके जीवन में दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से संबंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।

कृपया ध्यान दें- : आपको दिए जाने वाला प्रसाद इन सभी अनुष्ठानों की समाप्ति के एक सप्ताह के उपरांत चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार सप्ताहों का समय दें।