संपती बनाने के लिए 4 शानदार विष्णु शनीवार
धन, स्वास्थ्य, खुशी, दीर्घायु और समृद्धि आशीर्वाद के लिए शक्ति दिवस
सीधा प्रसारण सितंबर 21, 28 और अक्तूबर 5,12, 2019 भारतीय मानक समयानुसार
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“हर साल, शनिवार जो कन्या के महीने में पड़ता है, जब सूर्य कन्या राशि में होता है, एक शुभ समय होता है। ये शनिवार महत्वपूर्ण क्यों हो रहे हैं? धन दौलत के लिए ये 4 शनिवार बहुत महत्वपूर्ण हैं। और सूर्य कन्या राशि में चमक रहा है। यह लोगों के लिए अपनी समृद्धि को बढ़ाने का एक शानदार समय है। इसलिए मैं दृढ़ता से अनुशंसा करता हूं कि आप इन 4 शनिवारों का उपयोग करें।”
– डॉ पिल्लै
डॉ पिल्लै का भाषण: संपति और समृद्धि का विष्णु शनिवार
पुरट्टासी तमिल महीना अर्थात मध्य सितंबर – मध्य अक्तूबर महीना के 4 शानदार शनिवार हर साल मनाया जाता है| कारण यह है कि इस महीने के शनिवार विष्णु और वित्तीय समृद्धि से मजबूत संबंध बनाया रखता है| इस महीने के दौरान, सूर्य कन्या राशि में होता है, जो बुध द्वारा शासित किया जाता है। बुध का अधिपति विष्णु, धन का भगवान है। विष्णु के पूजा में भाग लेने के लिए शनिवार का दिन बहुत शुभ होता है, जो इन शक्ति दिनों में समृद्धि का आशीर्वाद दे सकते हैं।
पुरट्टासी तमिल महीना के दौरान विष्णु, वेंकटेश्वर नाम से ,मानव रूप में (भगवान तिरुपति, धन के सर्वोच्च भगवान) पृथ्वी पर उतरकर आते हैं। वेंकटेश्वर कलियुग के रक्षक हैं और धन, भलाई, समृद्धि, सुख, और आध्यात्मिक ज्ञान उन लोगों पर बरस सकते हैं जो उनके शक्तिशाली रूप से जुड़ते हैं।
प्रत्येक विष्णु शनिवार पर, एस्ट्रोवेद जीवन के प्रत्येक निम्न पहलुओं के आशीर्वाद के लिए विष्णु सहस्रनाम (विष्णु के 1000 नाम) से चुनिंदा स्तोत्र का उपयोग करते हुए, विष्णु के लिए एक भव्य यज्ञ का प्रदर्शन करेगा।
पहले शनिवार में, इच्छा और मनोकामनाओं की पूर्ति करनेवाले एक शक्तिशालाई स्तोत्र का प्रयोग करके हम विष्णु का आह्वान करेंगे|
असंख्येयो-अप्रमेयात्मा विशिष्टः शिष्ट-कृत्-शुचिः ।
सिद्धार्थः सिद्धसंकल्पः सिद्धिदः सिद्धिसाधनः||
दूसरे शनिवार पर, स्थिर संपति और सुविधा का आशीर्वाद प्रदान करने वाले शक्तिपूर्ण स्तोत्र का उपयोग करके विष्णु का आह्वान करेंगे |
विस्तार स्थावर स्थाणु प्रमाणम बीजमव्ययम|
अर्तो अनर्थो महकोशो महाभोगो महादनह||
तीसरे शनिवार पर, बीमारियों को ठीक करने और स्वास्थ्य विकारों को दूर करने का आशीर्वाद प्रदान करने वाले शक्तिपूर्ण स्तोत्र का उपयोग करके विष्णु का आह्वान करेंगे |
स्थव्य: स्थवप्रिय स्तोत्रम स्तुति: स्थोथारण प्रिय:|
पूर्ण: पूरयिता पुण्य: पुण्य कीर्ति रनामयह||
अंतिम शनिवार को, पांडित्यता ,बुद्धिमता और चतुरता का आशीर्वाद प्रदान करने वाले शक्तिपूर्ण स्तोत्र का उपयोग करके विष्णु का आह्वान करेंगे |
महाबुद्धिर महावीर्यों महाशक्तिर महाथ्युतिही|
अनिर देश्यवभू श्रीमाण अमेयाथ्मा महा-थ्रि-ध्रुक ||
विष्णु शनिवार के भव्य समापन के रूप में, हम अच्युत नारायण के रूप में विष्णु का आह्वान करेंगे| जो भक्ति से इस यज्ञ में भाग लेकर उनसे प्रार्थना करते हैं, भगवान उन भक्तों की रक्षा हमेशा के लिए करते हैं| उस भगवान के पास धन, ज्ञान, अच्छे स्वास्थ्य, भाग्य, दीर्घायु और मोक्ष (मोक्ष) प्रदान करने की शक्ति है।
ज्योतिषीय रूप से, पुरट्टासी में चारों शनिवारों में से प्रत्येक अद्वितीय है, और सभी शनिवार शनि गृह के प्रभाव को कम करने की शक्ति साझा करते हैं। पारंपरिक प्रथाओं के अनुसार, जब आप इन विशेष शनिवार को विष्णु का आह्वान करते हैं, तो आप स्वास्थ्य, धन, खुशी और करियर के लिए आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
आप को अपनी इच्छा-पूर्ति, धन-समृद्धि, स्वास्थ्य-वर्धक और ज्ञान-वर्धक आशीर्वाद प्राप्त कराने के लिए अस्ट्रोवेद विष्णु सहस्रनाम (भगवान विष्णु के 1000 नाम) से भगवान विष्णु के 4 अनूठे नामों का जाप करते हुए 4 पवित्र यज्ञ करेगा। विष्णु सहस्रनाम के अनुसार, इन नामों का जाप करके विष्णु का आह्वान करने वाली पवित्र अग्नि प्रयोगशालाओं को करने से निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
पवित्र ग्रंथों के अनुसार, वेंकटेस सहस्रनाम (भगवान वेंकटेश्वर के 1000 नामों) का जाप करके अच्युत नारायण रूप में भगवान विष्णु के लिए यज्ञ करना, नकारात्मकता, भय, गरीबी, शत्रुता को नष्ट कर सकते हैं, ग्रह दोषों (विपत्तियों) से छुटकारा पाने और अच्छा स्वास्थ्य, भाग्य, दीर्घायु और मोक्ष (मोक्ष) धन, ज्ञान प्राप्त करने में मदद करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान अयप्पा का जन्म उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में हुआ था, जो भगवान विष्णु और शिव के संगम से हुआ था | शनि के दुष्प्रभाव को नियंत्रित करने का अद्वितीय शक्तियां उसके पास हैं। दूसरा शनिवार (उत्तर फाल्गुनी नक्सथ्रा के दिन) पर अय्यप्पा के लिए अर्चना करना, साढ़े साती, अर्धाष्टम शनी, अष्टम शनी और शनी दोष के प्रभाव को कम कर सकता है।
शनिवार को इस पवित्र भजन का जाप करना, जिसमें विष्णु के 1000 अनूठे नाम शामिल हैं, धन, भौतिक सुख, जीत, भय और नकारात्मक विचारों से राहत और मोक्ष प्रदान कर सकते हैं।
पुरट्टासी तमिल महीना अर्थात मध्य सितंबर – मध्य अक्तूबर महीना के 4 शानदार शनिवार हर साल मनाया जाता है| कारण यह है कि इस महीने के शनिवार विष्णु और वित्तीय समृद्धि से मजबूत संबंध बनाया रखता है| इस महीने के दौरान, सूर्य कन्या राशि में होता है, जो बुध द्वारा शासित किया जाता है। बुध का अधिपति विष्णु, धन का भगवान है। विष्णु के पूजा में भाग लेने के लिए शनिवार का दिन बहुत शुभ होता है, जो इन शक्ति दिनों में समृद्धि का आशीर्वाद दे सकते हैं।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र कुमकुम और विभूति प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र कुमकुम और विभूति को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
पुरट्टासी तमिल महीना अर्थात मध्य सितंबर – मध्य अक्तूबर महीना के 4 शानदार शनिवार हर साल मनाया जाता है| कारण यह है कि इस महीने के शनिवार विष्णु और वित्तीय समृद्धि से मजबूत संबंध बनाया रखता है| इस महीने के दौरान, सूर्य कन्या राशि में होता है, जो बुध द्वारा शासित किया जाता है। बुध का अधिपति विष्णु, धन का भगवान है। विष्णु के पूजा में भाग लेने के लिए शनिवार का दिन बहुत शुभ होता है, जो इन शक्ति दिनों में समृद्धि का आशीर्वाद दे सकते हैं।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र कुमकुम और विभूति प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र कुमकुम और विभूति को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।