अरोग्य सौंदर्य सम्मोहन यज्ञ (स्वास्थ्य, सौंदर्य और आकर्षण यज्ञ प्रार्थनाओं) में भगवान धनवंतरी, देवी पार्वती और देवी समोहन सुंदरी को आह्वान करें
1 अगस्त, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)पर सीधा प्रसारण
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सौंदर्य, आकर्षण और उपचार का ग्रह शुक्र, 1 अगस्त, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार) पर सौंदर्य और आकर्षण राशी कन्या में प्रवेश करता है| शुक्र 30 दिनों तक कन्या में होगा, जो आपके स्वास्थ्य, सौंदर्य, आकर्षण की शक्तियों और करिश्माई व्यक्तित्व को बढ़ावा देगा| एस्ट्रोवेद एक विशेष अरोग्य सौंदर्य सम्मोहन यज्ञ (स्वास्थ्य, सौंदर्य और आकर्षण बढ़ाने वाले यज्ञ) कर रहे हैं, जो भगवान धनवंतरी, देवी पार्वती और देवी सम्मोहन सुंदरी के अद्वितीय आशीर्वाद का आह्वान करेंगे।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शुक्र ग्रह जो सुक्राचार्य के रूप में व्यक्त किया जाता है, एक महान चिकित्सक माना जाता है। सुक्रचार्य ने भगवान शिव से मृतकों को पुनर्जीवित करने की कला सीखी|जब कन्या में शुक्र होता है, उस समय धनवंतरी से जुड़कर (जो श्रीमद् भगवतम के अनुसार दिव्य चिकित्सक और चिकित्सा के देवता हैं) अपने स्वास्थ्य में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करने का एक अनुकूल समय है|दूध के लौकिक महासागर के चौदह रत्नों में से एक माने जानेवाले आयुर्वेद के भगवान धनवंतरी विष्णु का अवतार है जो अच्छे स्वास्थ्य प्रदान कर सकता है
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कन्या सौंदर्य का भी ग्रह है| जब शुक्र, सुंदरता का राशी कन्या में होगा वहां वह कमजोर होगा । मगर 1 अगस्त को शुक्र चन्द्र के केंद्र पर स्तापित होने के कारण नीच भंग राजयोग बनता है जो सुंदरता के ग्रह को सौंदर्य का प्रतीक देवी पार्वती के आशीर्वाद तक पहुंचने के लिए अनुकूल बनाता है| सौंदर्य लहरी( सार्वभौमिक मां की स्तुति भजन) के अनुसार देवी के आशीर्वाद आपको अपनी सुंदरता में सुधार करने और अपनी ईमानदार प्रार्थनाओं को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
1 अगस्त को, (भारतीय मानक समयानुसार) शनि शुक्र के केंद्र पर स्तापित होता है, जिससे आकर्षण की शक्ति प्रदान करने में यह बहुत मजबूत हो जाएगा।उसी दिन, चंद्र ग्रहों की रानी, जो चुंबकत्व और आकर्षित करने की क्षमता प्रदान करती है, भी शुक्र के केंद्र पर स्तापित होता है और दिन की ऊर्जा को बढ़ाता है| जिसके कारण सर्वोच्च देवी त्रिपुरा सुंदरी के रूपवाली सम्मोहन सुंदरी के आशीर्वाद का आह्वान करके आपके व्यक्तित्व, आकर्षण शक्ति में सुधार लाकर आपको आकर्षक कर देता है|
1 अगस्त को(भारतीय मानक समयानुसार) एस्त्रोवेद उपचारात्मक केंद्र पर आरोग्य सौंदर्य समोहन यज्ञ(स्वास्थ्य, सौंदर्य और आकर्षण बढाव यज्ञ प्रार्थना)- – वैदिक ग्रंथों के अनुसार, मंत्रों का जाप करके पवित्र अग्नि में धनवंतरी, देवी पार्वती और देवी सम्मोहन सुंदरी का आह्वान करने से आप अपने स्वास्थ्य, सौंदर्य और आकर्षण की शक्ति को बेहतर बनाने में आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
1 अगस्त को मंदिर में पूजा अर्चना – इस शक्ति स्थल पर, हम भगवान धनवंतरी और शुक्र के आशीर्वादों को एक साथ आह्वान करते हैं| पारंपरिक परिपाठी के अनुसार यह शक्ती स्थल शुक्र परिहार स्थल भी माना जाता है | ऐसा माना जाता है कि इस पूजा करने से आप अपनी खाद्य आदतों को सही तरीके से स्थापित कर सकते हैं, स्वस्थ जीवन शैली बना सकते हैं और आपको अपने शरीर को फिर से जीवंत करने में मदद पा सकते हैं
1 अगस्त को एस्त्रोवेद उपचारात्मक केंद्र पर सौंदर्य लक्ष्मी के लिए कुम-कुम (सिन्दूर) अर्चना – समस्कृत में सौंदर्य ध्वनी का अर्थ है सुन्दरता |शास्त्रों के अनुसार, कुम-कुम अर्चना द्वारा सुंदरता प्रदान करने वाली सौंदर्य लक्ष्मी के आशीर्वाद का आह्वान करने से आप अपने करिश्मा, चमक और सौंदर्य को बेहतर बनाने में मदद पा सकते हैं
1 अगस्त को एस्त्रोवेद उपचारात्मक केंद्र पर धन्वंतरी अष्ठोतरम – पवित्र ग्रंथों के अनुसार, धनवंतरी के 108 नामों का जाप करने से स्वास्थ्य समस्याओं को खत्म करने, बीमारियों से आपकी रक्षा करने और समग्र स्वास्थ्य के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है
सौंदर्य, आकर्षण और उपचार का ग्रह शुक्र, 1 अगस्त, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार) पर सौंदर्य और आकर्षण राशी कन्या में प्रवेश करता है| शुक्र 30 दिनों तक कन्या में होगा, जो आपके स्वास्थ्य, सौंदर्य, आकर्षण की शक्तियों और करिश्माई व्यक्तित्व को बढ़ावा देगा| एस्ट्रोवेद एक विशेष अरोग्य सौंदर्य सम्मोहन यज्ञ (स्वास्थ्य, सौंदर्य और आकर्षण बढ़ाने वाले यज्ञ) कर रहे हैं, जो धनवंतरी, देवी पार्वती और देवी सम्मोहन सुंदरी के अद्वितीय आशीर्वाद का आह्वान करेंगे।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें