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देवी शक्ति महीने भव्य समापन-देवी लक्ष्मी के वरदान प्राप्त करने का दिन और देवी ललिता और प्रत्यंगिरा का अंतिम आडी शुक्रवार

वरलक्ष्मी व्रत (देवी लक्ष्मी के वरदान प्राप्त करने का दिन)24 अगस्त 2018 (भारत मानक समयानुसार)

अंतिम आड़ी शुक्रवार (आडी महीने में चौथी शुक्रवार) 10 अगस्त 2018(IST)
कमल, शहद और बिल्वा पत्तियां के साथ 3-पुजारी भव्य श्री सुक्तम यज्ञ (धन, शक्ति और सामग्री पूर्ति अग्नि प्रार्थना)

आड़ी अंतिम शुक्रवार को रिश्तेदारी के लिए यज्ञ और सौ भाग्य प्रत्यंगिरा देवी यज्ञ- 10, अगस्त 2018

समृद्धि, वरदान, धन, रिश्ते और संरक्षण के लिए वैदिककार्यपद्धति

सम्मिश्रण प्रस्ताव: 15% छूट वरलक्ष्मी व्रत और आड़ी अंतिम शुक्रवार

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देवी शक्ति महीना भव्य समापन

तमिल आडी महीना एक दिव्य महीने है जो देवी की शक्ति, संरक्षण और आध्यात्मिक आशीर्वाद से भरा हुआ है।आडी के दौरान शुक्रवार विशेष रूप से देवी की शक्ति, दैवीय स्त्री शक्ति से जुड़ने के लिए पवित्र हैं|जैसा कि हम देवी महीने आडी के अंत के करीब हैं, एस्ट्रोवीड ने अंतिम शुक्रवार (10 अगस्त, 2018) का पूजा / यज्ञऔर वरलक्ष्मी व्रत (24 अगस्त, 2018) पूजा का संयोजन बनाकर देवी शक्ति महीना भव्य समापन पैकेज बनाया है ताकि आप विपुलता की पराकाष्ठा और शक्तिशाली देवी की अद्वितीय ऊर्जा प्राप्त करने में मदद पा सकते हैं|

वरलक्ष्मी व्रत: वरदान देनेवाली देवी को आमंत्रित करें

वरलक्ष्मी व्रत “वरदान प्रदान करनेवाला शुक्रवार” के रूप में जाना जाता है| यह वरलक्ष्मी के रूप में देवी लक्ष्मी को आह्वान करने का एक शुभ दिन है जो वरदान और इच्छाओं का अनुदान देती है। ‘वर’ का अर्थ है ‘वरदान’ और लक्ष्मी इस रूप में हमारी इच्छाओं को पूरा करती हैं| वरलक्ष्मी व्रत के कठोर नियम और निष्ठा के साथ देवी वरलक्ष्मी को संतुष्ठ करने से देवी आपको समृद्धि, वरदान, प्रजनन, शक्ति और धन प्रदान कर सकती है।इस वरलक्ष्मी व्रत के दिन, एस्ट्रोवेड तीन पवित्र वस्तुओं जैसे कमल, शहद और बिल्वा पत्तियां को अर्पण करके देवी की कृपा आमंत्रित करते हैं| इससे यह माना जाता है कि आपको समृद्धि, वरदान, प्रजनन क्षमता और शक्ति मिल सकती है।

भगवान शिव ने वरदान प्रदान करनेवाले दिन की सिफारिश की

स्कंद पुराण में, भगवान शिव ने जब उनकी पत्नी पार्वती ने पूछा कि कैसे महिलाएं अपने परिवार में समृद्धि ला सकती हैं तब उन्होंने वरलक्ष्मी व्रत से वरदान पाने का महत्व प्रकट किया|भगवान शिव ने चारुमती नामक एक भक्त की कहानी बताते हैं| वहस्त्रीनेसपनों में देवी लक्ष्मी द्वारा अनुशंसित वरलक्ष्मी व्रत का अनुष्ठान जीवन में पालन किया| जिससे उसका पूरा परिवार को देवी लक्ष्मी द्वारा धन, समृद्धि और दिव्य प्रथा के साथ आशीर्वाद दिया गया था|

वरलक्ष्मी व्रत पूजा /अग्नि प्रार्थना के लाभ

ऐसा माना जाता है कि वरलक्ष्मी व्रत के दौरान, देवी वरलक्ष्मी को संतुष्ठ करने से आपको लक्ष्मी के सभी आठ दैवीय रूपों के संयुक्त लाभों की आशीर्वाद मिल सकती है|पवित्र ग्रंथों के मुताबिक, व्रत (उपवास) और विशेष अनुष्ठानों में भाग लेकर सर्वोच्च देवी वरलक्ष्मी को अपनी भक्तिपूर्ण प्रार्थनाएं प्रदान करते हुए आप पर निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं:

  1. अच्छा स्वास्थ्य, धन, प्रसिद्धि, भाग्य और समृद्धि
  2. आपको बुराई बलों से बचाएं, स्वयं और परिवार की दीर्घायु को बढ़ावा दें
  3. वित्तीय समस्याओं को खत्म करें और व्यवसाय में लाभ प्रदान करें
  4. आंतरिक शांति प्राप्त करें और अपनी भौतिक इच्छाओं को पूरा करें
देवी महीने में अंतिम शुक्रवार: देवी आशीर्वाद की पराकाष्ठा

आडीमहीने में शुक्रवार विशेष हैं क्योंकि शुक्रवार देवी शक्ति और आशीर्वाद से भरे हुए हैं|आड़ी के आखिरी शुक्रवार में, एस्ट्रोवीड दो शक्तिशाली देवी के आशीर्वाद का आह्वान करेगा| सर्वोच्च देवी ललिता और सौ भाग्य प्रत्यंगिरा | देवी ललिता को ‘शिव शक्ति ऐक्य रूपिनी’ के रूप में आह्वान किया जाता है, जो शिव और शक्ति का एकीकरण है

पवित्र ग्रंथ ललिता सहस्रनामम इस रूप में देवी का अभिवादन करता है ताकि अच्छे रिश्तों और दम्पति के बीच संबंध को मजबूत रखने के लिए आपको आशीर्वाद मिल सकता है |आड़ी अंतिम शुक्रवार में, आपको देवी सौभाग्य प्रत्यांगिरा का आह्वान करने का अवसर भी है, जो अपने उग्र रूप में नकारात्मकता को उखाड़ फेंक सकती है और कई गुना खुशी और बहुतायत आशीर्वाद दे सकती है।

अंतिम आडी शुक्रवार पूजा / यज्ञ (आग प्रार्थनाओं) के लाभ

शास्त्रों के अनुसार, यज्ञ और अन्य पूजा में शिव शक्ति ऐक्य रूपिनी और सौभाग्य या प्रत्यांगिर देवी के रूप में देवी की ऊर्जा का आह्वान करने से आप निम्नलिखित लाभों का आनंद ले सकते हैं:

  1. शांति, अच्छे भाग्य और इच्छाओं की पूर्ती
  2. दम्पति के बीच घनिष्ठता बढ़ाव
  3. रिश्तों को प्रभावित करने वाले दोष (दुःख) को हटा दें
  4. शारीरिक और मानसिक रोगों के रूप में होनेवाले नकारात्मकता का नष्ट
  5. अपने प्रयासों को कम करनेवाले देरी और नकारात्मकता को हटा दें
  6. अपनी प्रगति को रोकने वाली गहरी अंतर्निहित नकारात्मक ऊर्जा निकालें
Last Friday in Goddess Month

वरलक्ष्मी व्रत और आड़ी शुक्रवार पूजा / यज्ञ प्रार्थनाओं की सम्मिश्रण सेवाएं का विवरण

Grand Kalaratri Devi Homa

कमल, शहद और बिल्वा पत्तियां के साथ 3-पुजारी भव्य श्री सुक्तम यज्ञ-24 अगस्त2018(भारत मानक समयानुसार) –

‘श्री’ का अर्थ है देवी लक्ष्मी और ‘सुकतम’ का अर्थ प्रशंसा का भजन है।रिग और अधर्व वेद में श्री सुक्तम विशिष्ट रूप से दर्शाया गया है | वैदिक ग्रंथों के अनुसार, इस अग्नि प्रार्थना में भाग लेने से देवी लक्ष्मी के आशीर्वाद का आह्वान कर सकते हैं और आप समृद्धि, शांति, ज्ञान, संतान प्रदान कर सकते हैंऔर अभाव को घटा सकते हैं|

Ashtalakshmi Powerspot Archana

अष्टलक्ष्मी मंदिर अर्चना (पूजा)24अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)-

मंदिर के पौराणिक कथा के अनुसार, मंदिर में अष्टलक्ष्मीलक्ष्मी के)8 दिव्य रूपपूजा (करने से आप आठ प्रकार के धन प्रदान कर सकते हैं – पैसा, वाहन, वीर, शिक्षा, संतान, जीत, भाग्य और स्वास्थ्य

Kum-Kum Archana

24 अगस्त, 2018 (भारत मानक समयानुसार) को लक्ष्मी अष्टोत्तरम (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) का जप करके कुम-कुम अर्चना (पूजा) –

पारंपरिक धारणा के अनुसार, देवी लक्ष्मी के 108 अद्वितीय नामों का जाप करके कुम-कुम अर्चना (पूजा) का प्रदर्शन करके आप वित्तीय बहुतायत, समृद्धि और इच्छा पूर्ति के लिए बहुगुणित समृद्धि आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं

Fire Prayer

10 अगस्त, 2018 (भारत मानक समयानुसार) को रिश्ते के लिए यज्ञ-

पिछली आडी शुक्रवार को, देवी ललिता को देवी ललिता को ‘शिव शक्ति ऐक्य रूपिनी’ के रूप में आह्वान किया जाता है, जो शिव और शक्ति का एकीकरण है|ललिता सहस्रनामम के अनुसार इस रूप में देवी का अभिवादन करने से अच्छे रिश्तों और दम्पति के बीच संबंध को मजबूत रखने के लिए आपको आशीर्वाद मिल सकता है|

Fire Prayer

सौभाग्य प्रत्यंगिरा देवी अग्नि प्रार्थना (यज्ञ) –

शास्त्रों के मुताबिक, सौभाग्य प्रत्यंगिरा देवी का आह्वान करते हुए पवित्र यज्ञ प्रार्थनाएं करने से, उग्र देवी, बुरी ताकतों और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर सकती हैं, और आपके और आपके प्रियजनों के चारों ओर एक मजबूत सुरक्षात्मक ढाल प्रदान कर सकती हैं।

Sponsoring Ragi Porridge

भक्तों के लिए रागी दलिया प्रायोजित करना –

रागी दलिया, जिसमें शीतलन गुणस्वभाव है, जब मंदिर का दौरा करने वाले भक्तों को दान किया जाता है तो आपको माता देवी के आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं

Offering 18-Lemon Garland

देवी को 18-नींबू मालार्पण –

नींबू में नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने और देवी माँ के क्रोध को ठंडा करने की गुणस्वभाव है। पारंपरिक अभ्यास के अनुसार, आडी शुक्रवार पर दैवीय रूपवाली शक्ति को नींबू माला अर्पण करने से शांति, अच्छा भाग्य, इच्छाओं की पूर्ती और दीर्घायु के आशीर्वाद मिलता है|

वरलक्ष्मी व्रत पूजा

VARALAKSHMI VRATHAM POOJA
  • कमल, शहदऔरबिल्वा पत्तियां के साथ 3-पुजारी भव्य श्री सुक्तम यज्ञ (धन, शक्ति और सामग्री पूर्ति अग्नि प्रार्थना) – 24अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • एस्ट्रोवेड उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी अष्टोत्तरम का जाप करके कुम-कुम (सिन्दूर) अर्चना- 24अगस्त 2018(भारतीय मानक समयानुसार)
  • अष्टलक्ष्मी मंत्दिर अर्चना (पूजा) -24अगस्त2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • सम्मानार्थ भेंट: क्रिस्टल और जेड सम्मिश्रित कंगन

तमिल महीने आडी में पूर्णचंद्र से पहले शुक्रवार को ” वरदान देने वाला शुक्रवार” कहा जाता है। यह वरलक्ष्मी के रूप में देवी लक्ष्मी को आह्वान करने का एक शुभ दिन है जो वरदान और इच्छाओं को अनुदान देता है। इस वरदान-उत्सव के दिन, एस्ट्रोवेड तीन पवित्र वस्तुओं जैसे कमल, शहद और बिल्वा पत्तियां जो देवी लक्ष्मी के दिल के करीब हैं उनको अर्पण करके श्री सुक्तम यज्ञ (अग्नि प्रार्थना) कर रहे हैं| कठोर नियम और निष्ठा के साथ देवी वरलक्ष्मी को संतुष्ठ करने से देवी आपको समृद्धि, वरदान, प्रजनन, शक्ति और धन प्रदान कर सकती है।

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै केअनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होतीहै।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

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वरलक्ष्मी व्रत और अंतिम आड़ी शुक्रवार सम्मिश्रण पैकेज

COMBO PACKAGE
  • कमल, शहदऔरबिल्वा पत्तियां के साथ 3-पुजारी भव्य श्री सुक्तम यज्ञ (धन, शक्ति और सामग्री पूर्ति अग्नि प्रार्थना – 24अगस्त2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • एस्ट्रोवेड उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी अष्टोत्तरम का जाप करके कुम-कुम (सिन्दूर) अर्चना- 24अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • अष्टलक्ष्मी मंत्दिर अर्चना (पूजा) – 24अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • सम्मानार्थ भेंट: क्रिस्टल और जेड मिश्रित कंगन
  • रिश्तेदारी के लिए सामूहिक यज्ञ-10अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • एस्ट्रोवेड उपचारात्मक केंद्र में 5 पुजारीसौभाग्य प्रत्यंगिरा देवी सामूहिक अग्नि प्रार्थना (यज्ञ) 10अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • आड़ी शुक्रवार देवी को 18- नींबू माला अर्पण 10अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • भक्तों को रागी का दलिया प्रायोजित करना10अगस्त 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै केअनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होतीहै।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।