डॉ. पिल्लैकेअनुसार- “वैदिकज्योतिषमेंछायाग्रहोंकोराहु-केतुकहाजाताहै| यहसर्पग्रहलोगोंकेजीवनमेंविशेषरूपसेस्वास्थ्यवभाग्यपरमहत्वपूर्णप्रभावडालतेहैं| यहसमस्तक्षेत्रइनसर्पग्रहोंसेप्रभावितहोतेहैं|”

शास्त्रोंकेअनुसारसांप (संस्कृतमेंइन्हें “नाग/ सर्प” कहतेहैं| ) महानशक्तियोंसेसंपन्नरहस्यमयजीवहैंजोआपकोमहानवरप्रदानकरसकतेहैंयाक्रमशःविनाशकारीशापदेसकतेहैं।उदाहरणकेलिएस्टीवजॉब्सकीजन्मपत्रिकामेंराहुचंद्रराशिसेदसवेंकार्यक्षेत्रकेभावमेंस्थितहैतथाजन्मलग्नसिंहसेपंचमभावमेंहैजिसकीवजहसेवहएकअसाधारणदूरदर्शीवअन्वेषकथे| दूसरीओरगुरुकेसाथराहुकीयुतिनेउन्हेंदुर्लभअग्नाशयकेकैंसरसेपीड़ितकिया|
राहुसर्पकासिरवकेतुउसकीपूंछहै| वैदिकज्योतिषकेअनुसारपीड़ितराहुघरेलूशांति, पारस्परिकसंबंधवशांतिपूर्णदाम्पत्यजीवनमेंसमस्याएंउत्पन्नकरसकताहै| राहुएकशक्तिशालीपापग्रहहैजोअचानकधनप्रदानकरनेकीक्षमतारखताहै।
सर्पग्रहोंकासम्मानकियाजानाचाहिएऔरजबभीवेआपकीजन्मकुंडलीमेंसक्रियहोंजाएंतबउनकेप्रभावकेप्रतिसचेतहोजानाचाहिएतथाउपायोंकेमाध्यमसेउनकीशांतिकरनीचाहिए| जन्मकुंडलीमेंराहुकीस्थितिसंबंधितभावसेजुड़ेसमस्तविषयोंवक्षेत्रोंकोप्रभवितकरतीहै|
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प्रथमभावमेंराहु पीड़ित- अकेलापनवअस्थिरमतितथाव्यक्तित्व| शुभ- यशऔरमान्यता| |
सप्तमभावमेंराहु पीड़ित- बदनामीऔरजटिलवैवाहिकसंबंध| शुभ- भौतिकलाभ, स्पष्टवादीऔरनैतिकव्यवहार| |
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द्वितीयभावमेंराहु पीड़ित- कठोरभाषाशैली, समग्ररूपसेगैरकानूनीधनऔरसंबंधअर्जितकरना| शुभ- संसाधनोंकाबुद्धिमतापूर्णप्रबंधन, परिष्कृतवतर्कसंगत| |
अष्टमभावमेंराहु पीड़ित- दुर्घटना, विनाशकारीगुणऔरहानि| शुभ- गुप्तविद्याओंमेंरूचि, अनुसंधानवगहनविचारधारा| |
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तृतीयभावमेंराहु पीड़ित- नास्तिकऔरआक्रामकप्रकृति| शुभ- कुशलवक्ता, छोटीयात्राओंसेलाभ, प्रभावशालीलेखन| |
नवमभावमेंराहु पीड़ित- स्वास्थ्यसमस्याएंतथाभाग्यऔरसमृद्धिकीकमी| शुभ- उपयोगीलंबीयात्राएंऔरविदेशीप्रभाव| |
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चतुर्थभावमेंराहु पीड़ित- शिक्षामेंबाधाएं, भौतिकसुखसाधनोंकानाशवमानसिकअशांति| शुभ- संतोष, प्राकृतिकबुद्धिऔरभावनाओंपरअच्छानियंत्रण| |
दशमभावमेंराहु पीड़ित- कार्यमेंआलसऔरअनियमितता| शुभ- नेतृत्वगुण, कार्यक्षेत्रमेंउच्चपदऔरसमाजमेंसम्मानकीप्राप्ति| |
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पंचमभावमेंराहु पीड़ित- अल्पसंततिसुख, संतानकीवजहसेसमस्याएंऔरआत्म-केंद्रित| शुभ- प्रचुरमात्रामेंमानसिकऊर्जा, रचनात्मकता, उत्तमबुद्धिऔरसट्टेबाजीसेलाभ| |
एकादशभावमेंराहु
पीड़ित- बुरीसंगत, व्यसनोंमेंरूचिऔरपैसेकिबर्बादी| शुभ- महत्वाकांक्षी, इच्छाओंकीपूर्तिऔरलक्ष्यकेप्रतिउन्मुख| |
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षष्ठभावमेंराहु पीड़ित- नासमझीभरेकार्य, स्वयंऔरदूसरोंकेलिएहानिकारकतथाशारीरिकचोटें| शुभ- शत्रुओंपरविजय, निडरतातथालक्ष्योंकीप्राप्तिहेतुकड़ीमेहनत| |
द्वादशभावमेंराहु पीड़ित- अकेलापन, मानसिकचिंताएं, पागलपनवभ्रामकभय| शुभ- विदेशसेलाभऔरधर्मार्थस्वभाव| |
एस्ट्रोवेदनेसर्वाधिकशुभसमयकेआधारपरएकव्यापकराहुउपचारात्मकपैकेजकानिर्माणकियाहैजोकिदैवीयअनुग्रहकाआवाहनकरकेराहुदोष (राहुपीड़ा) औरसर्पदोष (सर्पपीड़ा) कोकमकरताहै| राहुशांतिअनुष्ठानोंमेंनियमितरूपसेभागलेकरआपराहुग्रहकीपीड़ाकोकमकरसकतेहैं।एस्ट्रोवेदकेगहनराहुउपचारात्मकपैकेजमेंभागलेकरआपदेवीवाराहीकेआशीर्वादद्वाराराहुग्रहकीकृपाभीप्राप्तकरसकतेहैं| शुभमुहूर्तमेंकिएजानेवालेहमारेअनुष्ठानोंद्वाराआपकोदेवीवाराहीकाआशीर्वादप्राप्तहोताहैतथाअनेकलाभमिलतेहैं|
“मैंनेवाराहीनवरात्रिनववरणपूजामेंभागलियाथा| उसीरातमुझेएकसुंदरसपनादिखाजिसमेंशूकरकेएकप्यारेशिशुरूपमेंदेवीवाराहीसुगंधितगुलगुलेखारहीथी।मुझेसकारात्मकमहसूसहुआऔरमैंनेदेवीवाराहीकेशक्तिस्थलपरजाकरसुगंधितगुलगुलेअर्पितकिए| अगलेकुछदिनोंमेंमेरेबेटेनेमुझेबतायाकिमैंदादीबननेजारहीहूँऔरपिछलेदोवर्षोंसेपूरेपरिवारकोइसपलकीसबसेज्यादाप्रतीक्षाथी|
वाराहीनवरात्रिअनुष्ठानोंकाआयोजनकरनेकेलिएएस्ट्रोवेदकोधन्यवाद| ”
यहव्यक्तिगतयज्ञदेवीवाराहीकीकृपाकाआह्वानकरकेराहुग्रहकेदुष्प्रभावोंकोनियंत्रितकरसकताहै| वाराहीयज्ञमेंभागलेनेसेआपकोराहुदोष (राहुपीड़ा) औरसर्पदोष (सर्पपीड़ा) कोकमकरनेहेतुदैवीयअनुग्रहप्राप्तहोसकताहै| आपकीजन्मकुंडलीमेंछायाग्रहराहुकीस्थितिकेआधारपरहमारेज्योतिषीयज्ञकेलिएसमयनिर्धारितकरतेहैं।
आपक्याप्राप्तकरेंगे?-
आपकोअभिमंत्रितउत्पादोंकेसाथ-साथपवित्रयज्ञसेप्राप्तविभूतिवलालसिंदूरप्रदानकिएजाएंगे।जोकिइसपवित्रअनुष्ठानद्वारासिद्धहोंगे।इसपवित्रविभूतिवसिंदूरकोअपनेमंदिरअथवाध्यानकक्षमेंरखेंतथाअपनीदैनिकपूजावध्यानकरनेकेसमयइन्हेंअपनेमस्तकपरधारणकरकेदैवीयकृपाप्राप्तकरें।
डॉ. पिल्लैकेअनुसार-
यहअनुष्ठानहमारेविचारोंकाकार्बनीकरणकरदेताहै।कार्बनहमारीसूचनाओंसेसम्बंधितसूक्ष्मअनुकणहोतेहैं।इसकार्बनीकरणप्रक्रियासेप्राप्तपवित्रराखकोप्रसादस्वरुपदियाजाताहै।इसप्रसादस्वरूपपवित्रराखकोमस्तकपरधारणकरनेसेआपकोदैवीयकृपाप्राप्तहोतीहै।
कृपयाध्यानदें-इसपूरीअनुष्ठानप्रक्रियाकेउपरांतआपकोदिएजानेवालेउत्पादतथाप्रसादएकसप्ताहकेबादचेन्नई (तमिलनाडु) सेभेजदिएजाएंगे।विदेशोंमेंपहुँचानेहेतुकृपयाहमेंदोसेचारहफ़्तोंकासमयदें।
शूकरमुखदेवीवाराहीदैवीयमाँललितात्रिपुरासुंदरीकेरथकासंचालनकरतीहैं| यहरथसृजनचक्रोंकोदर्शाताहै| श्रीविद्यापूजाप्रणालीकेअनुसारदेवीवाराहीकीकृपाद्वाराराहुदोष (राहुपीड़ा) औरसर्पदोष (सर्पपीड़ा) कोकमकियाजासकताहै| नकारात्मकताकाशमनकरनेवराहुपीड़ासेमुक्तिप्राप्तकरनेहेतुइनअनुष्ठानोंमेंअवश्यभागलें|
आपक्याप्राप्तकरेंगे?-
आपकोअभिमंत्रितउत्पादोंकेसाथ-साथपवित्रयज्ञसेप्राप्तविभूतिवलालसिंदूरप्रदानकिएजाएंगे।जोकिइसपवित्रअनुष्ठानद्वारासिद्धहोंगे।इसपवित्रविभूतिवसिंदूरकोअपनेमंदिरअथवाध्यानकक्षमेंरखेंतथाअपनीदैनिकपूजावध्यानकरनेकेसमयइन्हेंअपनेमस्तकपरधारणकरकेदैवीयकृपाप्राप्तकरें।
डॉ. पिल्लैकेअनुसार-
यहअनुष्ठानहमारेविचारोंकाकार्बनीकरणकरदेताहै।कार्बनहमारीसूचनाओंसेसम्बंधितसूक्ष्मअनुकणहोतेहैं।इसकार्बनीकरणप्रक्रियासेप्राप्तपवित्रराखकोप्रसादस्वरुपदियाजाताहै।इसप्रसादस्वरूपपवित्रराखकोमस्तकपरधारणकरनेसेआपकोदैवीयकृपाप्राप्तहोतीहै।
कृपयाध्यानदें-इसपूरीअनुष्ठानप्रक्रियाकेउपरांतआपकोदिएजानेवालेउत्पादतथाप्रसादएकसप्ताहकेबादचेन्नई (तमिलनाडु) सेभेजदिएजाएंगे।विदेशोंमेंपहुँचानेहेतुकृपयाहमेंदोसेचारहफ़्तोंकासमयदें।
ललितासहस्रनाम (देवीललिताके 1000 नाम) मेंदेवीवराहीकोदंडनाथदेवीकेरूपमेंसम्मानितकियागयाहैजोकिन्यायकीदेवीहैंतथाजिनकीकृपासेबाहरीऔरआंतरिकदुश्मनोंकासफायाहोसकताहै| हमअनुशंसाकरतेहैंकिआपगहनराहुउपचारात्मकअनुष्ठानोंमेंअवश्यभागलेंतथादेवीवाराहीकेआशीर्वादद्वाराराहुग्रहकीकृपाप्राप्तकरें|
आपक्याप्राप्तकरेंगे?-
आपकोअभिमंत्रितउत्पादोंकेसाथ-साथपवित्रयज्ञसेप्राप्तविभूतिवलालसिंदूरप्रदानकिएजाएंगे।जोकिइसपवित्रअनुष्ठानद्वारासिद्धहोंगे।इसपवित्रविभूतिवसिंदूरकोअपनेमंदिरअथवाध्यानकक्षमेंरखेंतथाअपनीदैनिकपूजावध्यानकरनेकेसमयइन्हेंअपनेमस्तकपरधारणकरकेदैवीयकृपाप्राप्तकरें।
डॉ. पिल्लैकेअनुसार-
यहअनुष्ठानहमारेविचारोंकाकार्बनीकरणकरदेताहै।कार्बनहमारीसूचनाओंसेसम्बंधितसूक्ष्मअनुकणहोतेहैं।इसकार्बनीकरणप्रक्रियासेप्राप्तपवित्रराखकोप्रसादस्वरुपदियाजाताहै।इसप्रसादस्वरूपपवित्रराखकोमस्तकपरधारणकरनेसेआपकोदैवीयकृपाप्राप्तहोतीहै।
कृपयाध्यानदें: इसपूरीअनुष्ठानप्रक्रियाकेउपरांतआपकोदिएजानेवालेउत्पादतथाप्रसादएकसप्ताहकेबादचेन्नई (तमिलनाडु) सेभेजदिएजाएंगे।विदेशोंमेंपहुँचानेहेतुकृपयाहमेंदोसेचारहफ़्तोंकासमयदें।
शूकरमुखदेवीवाराहीदैवीयमाँललितात्रिपुरासुंदरीकेरथकासंचालनकरतीहैं| यहरथसृजनचक्रोंकोदर्शाताहै| हालांकिदेवीकारूपभयानकहैपरंतुवेबेहदसुरक्षात्मकवदयालुहैंतथाउनसमस्तबुरीशक्तियोंकाविनाशकरतीहैंजोहमेंजीवनमेंप्रगतिकरनेसेरोकतीहैं।देवीवाराहीकेआशीर्वादद्वाराराहुदोष (राहुपीड़ा) औरसर्पदोष (सर्पपीड़ा) कोकमकरनेहेतुहमारेसाथइनअनुष्ठानोंमेंअवश्यभागलें|
आपक्याप्राप्तकरेंगे?-
आपकोअभिमंत्रितउत्पादोंकेसाथ-साथपवित्रयज्ञसेप्राप्तविभूतिवलालसिंदूरप्रदानकिएजाएंगे।जोकिइसपवित्रअनुष्ठानद्वारासिद्धहोंगे।इसपवित्रविभूतिवसिंदूरकोअपनेमंदिरअथवाध्यानकक्षमेंरखेंतथाअपनीदैनिकपूजावध्यानकरनेकेसमयइन्हेंअपनेमस्तकपरधारणकरकेदैवीयकृपाप्राप्तकरें।
डॉ. पिल्लैकेअनुसार-
यहअनुष्ठानहमारेविचारोंकाकार्बनीकरणकरदेताहै।कार्बनहमारीसूचनाओंसेसम्बंधितसूक्ष्मअनुकणहोतेहैं।इसकार्बनीकरणप्रक्रियासेप्राप्तपवित्रराखकोप्रसादस्वरुपदियाजाताहै।इसप्रसादस्वरूपपवित्रराखकोमस्तकपरधारणकरनेसेआपकोदैवीयकृपाप्राप्तहोतीहै।”
कृपयाध्यानदें-इसपूरीअनुष्ठानप्रक्रियाकेउपरांतआपकोदिएजानेवालेउत्पादतथाप्रसादएकसप्ताहकेबादचेन्नई (तमिलनाडु) सेभेजदिएजाएंगे।विदेशोंमेंपहुँचानेहेतुकृपयाहमेंदोसेचारहफ़्तोंकासमयदें।