तुला राशि में सूर्य व गुरु की युति
जीवन में समृद्धि, खुशी व आशावादिता लाने हेतु एक आदर्श समय
17 अक्टूबर 2017 को ग्रहों का राजा सूर्य गुरुओं के गुरु बृहस्पति के साथ शुक्र की तुला राशि में युति करेगा इसलिए जीवन में समृद्धि, आशावादिता व प्रसन्नता लाने हेतु यह एक 30 दिवसीय महत्वपूर्ण समयावधि है| यह समयावधि धन, व्यवसाय और संबंधों में विस्तार करने हेतु आपकी सहायता कर सकती है क्योंकि आत्मकारक सूर्य वृद्धिकारक बृहस्पति के साथ प्राकृतिक राशिचक्र में संबंधों की प्रतीक तुला राशि में युति करेंगे| त्रिकोण अधिपतियों(सूर्य और बृहस्पति) की इस युति को वैदिक ज्योतिष में शुभ माना जाता है| यह युति आपको हंसमुख व आशावादी बनाकर जीवन में प्रगति करने में सक्षम बना सकती है|
तुला राशि में सूर्य व गुरु की इस 30 दिवसीय गोचरीय अवधि के दौरान एक सकारात्मक प्रस्ताव के माध्यम से आपको धन व खुशी प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे| सूर्य और बृहस्पति की संयुक्त ऊर्जा आपके जीवन को सकारात्मकता व आशावादिता के साथ पुनः आकर प्रदान कर सकती हैं|
इसके अतिरिक्त आप अति-आत्मविश्वास महसूस कर सकते हैं तथा सूर्य व बृहस्पति की तुला राशि में युति की वजह से गर्व व अहंकार से पीड़ित हो सकते हैं।
व्यक्तिगत जीवन हेतु सुझाव-
व्यवसायिक जीवन हेतु सुझाव-
तुला राशि में सूर्य के गोचरीय दिवस पर चंद्रमा सूर्य के उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा| इस दिन चंद्रमा की मंगल व शुक्र के साथ कन्या राशि में युति होगी| कन्या राशि का स्वामी बुध शुक्र के साथ राशि परिवर्तन करेगा| इस दिन सूर्य व शुक्र अपनी नीच राशि में होंगे|
हालांकि बुध व शुक्र के राशि परिवर्तन होने के कारण शुक्र का नीचत्व रद्द हो जाएगा तथा यह एक उत्तम भाग्य को आकर्षित करने के लिए शुभ योग का निर्माण करेंगे|
इसके अतिरिक्त सूर्य-गुरु की तुला राशि में युति व अन्य ग्रहों की युति व राशि परिवर्तन द्वारा जिस ऊर्जा का निर्माण होगा वह समृद्धि व धन संचय को आकर्षित करेगी|
तुला राशि सूर्य प्रवेश प्रधान उपचारात्मक पैकेज
ग्रहों : का राजा सूर्य गुरुओं के गुरु बृहस्पति के साथ शुक्र की तुला राशि में युति करेगा इसलिए जीवन में समृद्धि,
आशावादिता व प्रसन्नता लाने हेतु यह एक 30 दिवसीय महत्वपूर्ण समयावधि है| यह समयावधि धन, व्यवसाय और संबंधों में विस्तार करने हेतु आपकी सहायता कर सकती है क्योंकि आत्मकारक सूर्य वृद्धिकारक बृहस्पति के साथ प्राकृतिक राशिचक्र में संबंधों की प्रतीक तुला राशि में युति करेंगे| आगामी 30 दिनों के दौरान बृहस्पति और सूर्य के आशीर्वाद द्वारा अपने भाग्य को सुदृढ़ करके जीवन में आशावादिता, प्रसन्नता व समृद्धि प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
तुला राशि सूर्य प्रवेश मूलभूत उपचारात्मक पैकेज
तुला राशि : में सूर्य व गुरु की इस 30 दिवसीय गोचरीय अवधि के दौरान एक सकारात्मक प्रस्ताव के माध्यम से आपको
धन व खुशी प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे| सूर्य और बृहस्पति की संयुक्त ऊर्जा आपके जीवन को सकारात्मकता व आशावादिता के साथ पुनः आकर प्रदान कर सकती हैं| आगामी 30 दिनों के दौरान बृहस्पति और सूर्य के आशीर्वाद द्वारा अपने भाग्य को सुदृढ़ करके जीवन में आशावादिता, प्रसन्नता व समृद्धि प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें-: – इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।