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समृद्धि, लाभ, स्थिरता, शक्ति और संपति आदि का दैवीय स्त्री आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति

देवी से संबंधित आदि मास में जीवन को परिवर्तन करने वाली 4 देवियों का आवाहन
4 सर्वोच्च देवियों का आवाहन करने हेतु अनुष्ठान

देवी राजराजेश्वरी, देवी त्रिपुरासुंदरी, देवी सौभाग्य प्रत्यंगिरा व देवी लक्ष्मी

सीधा प्रसारण 17 जुलाई, 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त, 10 अगस्त

आदि देवी पैकेज पर 20% की छूट प्राप्त करें|

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“देवी बस एक कंपन या आवृत्ति नहीं है। वह एक विशाल दिव्य स्त्री उर्जा हैं, वह दिव्य माँ हैं|”

– डॉ. पिल्लै

देवी से संबंधित आदि मास: देवी की ऊर्जा (शक्ति) को जागृत करने का समय

तमिल माह आदि (17 जुलाई – 16 अगस्त) देवी की शक्ति, संरक्षण और आध्यात्मिक कृपा से परिपूर्ण एक दिव्य मास है। संपूर्ण आदि माह दिव्य स्त्री शक्ति की जीवन परिवर्तनकारी, गतिशील उर्जा का आह्वान करने के लिए पवित्र है। देवी आपको जीवन उद्देश्य, सार्थकता और स्पष्टता प्रदान कर सकती है। देवी अंधकार का नाश करके समृद्धि, ज्ञान और शक्ति प्राप्त करने में आपकी सहायता कर सकती है| जब देवी की उर्जा उपलब्ध होती है तब जीवन में सफलता हेतु आवश्यक कर्म करने के लिए आप ऊर्जा और साहस से परिपूर्ण होते हैं|

तमिल माह आदि का महत्व

इस शुभ माह के दौरान सर्वोच्च देवी से प्रसारित होने वाली ऊर्जा धरती के धरातल पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है तथा विशेष कृपा व जीवन में उत्तम हालातों का निर्माण करने की क्षमता प्रदान कर सकती है। आदि माह के दौरान सूर्य चंद्रमा द्वारा शासित कर्क राशि में प्रवेश करता है। इस माह चंद्रमा की अधिपति देवी शक्ति की पूजा बुरी शक्तियों का शमन कर सकती है और यथार्थ ज्ञान दे सकती है|

आदि मास में सर्वोच्च देवी से संबंधित अनुष्ठान

एस्ट्रोवेद ने 4 शक्तिशाली देवियों से संबंधित अनुष्ठानों का निर्माण किया है ताकि आप देवी से जुड़े इस माह की प्रत्येक अवस्था के दौरान प्रचुर मात्रा में अनोखी दैवीय ऊर्जा प्राप्त कर सकें|  

आदि मास के प्रारंभ व अंत में दो भगवती सेवाएं

भगवती सेवा एक अद्वितीय और शक्तिशाली पूजा है जिसमें आदि मास के प्रारंभ व अंत में सर्वोच्च देवी राजराजेश्वरी के रूप में देवी की सुरक्षात्मक शक्ति शक्तियों का आह्वान किया जाता है। हमारे विशेष रूप से प्रशिक्षित नंबूदरी पुजारी हस्त निर्मित एक रंगीन कमल पुष्प के ऊपर स्थित एक विशाल दीपक में देवी की ऊर्जा का आह्वान करेंगे। ऐसा माना जाता है कि देवी राजराजेश्वरी का आह्वान करने वाले इस भगवती सेवा अनुष्ठान में भाग लेने से आप देवी की कृपा द्वारा जीवन में समृद्धि, शुद्धता व प्रचुर सम्पन्नता प्राप्त कर सकते हैं|

चार आदि शुक्रवार (देवी से संबंधित 4 शुक्रवार)

आदि माह में आने वाले शुक्रवार विशेष होते हैं क्योंकि यह शुक्रवार देवी की शक्ति और कृपा से भरे हुए हैं। प्रचुर मात्रा में धन व उत्तम स्वास्थ्य पाने तथा संबंधों से जुड़ी समस्याओं को नष्ट करने हेतु आप आदि शुक्रवार को देवी त्रिपुरा सुंदरी के चार अलग-अलग रूपों से जुड़कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं| आपके पास आदि मास के अंतिम शुक्रवार को देवी सौभाग्य प्रत्यांगिरा से जुड़कर नकारात्मकता का शमन करके प्रसन्नता व विविध प्रकार की प्रचुरता प्राप्त करने का भी सुनहरा अवसर है|

आदि पेरुक्कू (विविध प्रकार की समृद्धि प्रदान करने वाला दिवस)

आदि पेरुक्कू समृद्धि और उर्वरता से संबंधित पर्व है| इस दौरान धन की देवी लक्ष्मी की कृपा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है। आदि पेरुक्कू के दौरान देवी लक्ष्मी आनंद विभोर होकर सब कुछ प्रदान करती हैं| वह धन, साहस, शिक्षा, संतान आदि के रूप में अपना प्रचुर आशीर्वाद प्रदान कर सकती हैं|

देवी से संबंधित आदि मास में होने वाले अनुष्ठानों की व्याख्या

Bhagavati Seva Pooja

17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को भव्य भगवती सेवा पूजा

पारंपरिक केरल पद्धति के अनुसार इस विशेष अनुष्ठान में देवी राजराजेश्वरी की दिव्य ऊर्जा को हस्त निर्मित एक रंगीन कमल पुष्प के ऊपर स्थित एक विशाल दीपक में आमंत्रित किया जाता है ताकि उनकी कृपा द्वारा सुरक्षा, समृद्धि व प्रचुरता का आशीर्वाद मिल सके|

Raktha Pushpanjali

शक्तिस्थल पर 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को रक्त पुष्पांजलि

केरल शक्तिस्थल से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार इस शक्तिस्थल पर पवित्र मंत्रों का जप करते हुए पुष्प अर्पित करने से आपकी जीवनी शक्ति में वृद्धि होती है तथा रक्त की कमी जैसी समस्याएं दूर होती हैं| यह एक पारंपरिक मान्यता है कि यह अनुष्ठान शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति दोनों को बढ़ाने के लिए एक अच्छे उपचार के रूप में भी कार्य करता है|

Goddess

17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को देवी को घी निर्मित पायसम का भोगार्पण

केरल पारंपरिक पद्धति के अनुसार देवी को घी निर्मित पायसम (घी से निर्मित खीर) का भोग लगाने से आपको सर्वोच्च देवी राजराजेश्वरी का कृपापूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|

Archana

चार शक्तिस्थलों पर 4 शुक्रवार तक पूजा-अर्चना

इस शक्तिस्थल से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार चार महत्वपूर्ण शक्तिस्थलों पर देवी के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना करने से आपका जीवन सकारात्मक व सुरक्षात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो सकता है तथा समस्त बाधाएं दूर हो सकती हैं|

Wealth Homa

प्रथम शुक्रवार को धन-संपदा हेतु सामूहिक यज्ञ  

पवित्र स्तोत्र ‘ललिता सहस्त्रनाम’ (देवी ललिता के 1000 नाम) के अनुसार देवी ललिता के ‘श्री कार्ये’ रूप के निमित मंत्र जप करते हुए इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से समस्त प्रकार के वैभव व प्रसन्नता की प्राप्ति होती है|

Chanting

बाधाओं से मुक्ति हेतु द्वितीय शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ

पवित्र स्तोत्र ‘ललिता सहस्त्रनाम’ (देवी ललिता के 1000 नाम) के अनुसार देवी ललिता के ‘विघ्न नाशान्य’ रूप के निमित मंत्र जप करते हुए इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर होकर सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है|

Homa for Health

उत्तम स्वास्थ्य हेतु तृतीय शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ

देवी ललिता के ‘सर्व व्याधिप्रशमननाय’ रूप के निमित मंत्र जप करते हुए इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से रोगों से मुक्ति मिलती है तथा आपको उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है|

Relationship

उत्तम संबंधों हेतु चतुर्थ शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ

देवी ललिता के ‘शिव शक्ति ऐक्य रूपैन्ये’ (भगवान शिव व देवी शक्ति का एकल स्वरुप) रूप के निमित मंत्र जप करते हुए इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से युगलों के बीच आत्मीयता बढती है, संबंधों में सुदृढ़ता आती है तथा संबंधों से जुड़ा कोई भी दोष दूर होता है|

Pratyangira Devi

आदि मास के अंतिम शुक्रवार को एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में 5 पुजारियों द्वारा सामूहिक सौभाग्य प्रत्यंगिरा देवी यज्ञ

शास्त्रों के अनुसार उग्र देवी सौभाग्य प्रत्यंगिरा के निमित इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से बुरी शक्तियों व नकारात्मक उर्जाओं का शमन होता है तथा आप व आपके प्रियजनों के आसपास एक सुरक्षा कवच का निर्माण होता है|

Lemon-mala

समस्त आदि शुक्रवारों पर देवी को 18 निम्बुओं की माला अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान  

नींबू में नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने और माँ के उग्र रूप को शांत करने की शक्ति होती है| आदि मास में आने वाले शुक्रवारों को शक्तियों के दैवीय रूपों को नींबू की माला अर्पित करने से शांति व अच्छे भाग्य की प्राप्ति तथा इच्छाओं की पूर्ति होती है| साथ ही दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है|

Goddess

भक्तों हेतु रागी दलिये की व्यवस्था संबंधी अनुष्ठान 

रागी दलिया, जिसका गुण शीतलता है, जब मंदिर में आने वाले भक्तों को दान किया जाता है तब आपको देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है|

Lakshmi Kubera Homa

3 अगस्त 2018 को लक्ष्मी कुबेर यज्ञ (समृद्धि व वित्तीय प्रचुरता प्रदान करने वाला यज्ञ)

शास्त्रों के मुताबिक धन की देवी लक्ष्मी जी व कुबेर जी के निमित इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से आपकी जीवनशैली में सुधार होता है, आपको सफलता व धन-संपदा की प्राप्ति होती है तथा किसी भी प्रकार की हानि व असफलता से उभरने में सहायता मिल सकती है|

Chanting Mahalakshmi Ashtottaram

3 अगस्त 2018 को महालक्ष्मी अष्टोत्तर स्तोत्र (देवी महालक्ष्मी जी के 108 नाम) का पाठ

पारंपरिक पद्धति के अनुसार इस शुभ दिवस पर देवी महालक्ष्मी जी के 108 अनोखे नामों का जप करने से आपको वित्तीय प्रचुरता, समृद्धि प्राप्त होकर आपकी समस्त इच्छाओं की पूर्ति हो सकती है|

Powerspot Archana

3 अगस्त 2018 को त्रिमूर्तियों के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना

दिव्य त्रिमूर्ति अर्थात भगवान ब्रह्मा (निर्माता), भगवान विष्णु (संरक्षक व पालक) तथा भगवान शिव (विनाशक) का आवाहन करने से आपको उनकी संयुक्त कृपा प्राप्त हो सकती है| शक्तिस्थल से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार इस विशेष पूजा-अर्चना द्वारा आपकी समस्त बाधाएं दूर हो सकती हैं तथा आपको समग्र रूप से धन, उत्तम स्वास्थ्य व संबंध और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है|

देवी से संबंधित आदि मास अनुष्ठान

कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर 20% की छूट प्राप्त करें| – GODDESSAADI Aadi Goddess Month Ceremonies
  • आपकी तरफ से 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को भव्य भगवती सेवा पूजा की जाएगी|
  • आपकी तरफ से शक्तिस्थल पर 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को रक्त पुष्पांजलि अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 के दिन देवी को घृत से निर्मित पायसम का भोग लगाया जाएगा|
  • आपकी तरफ से चार शक्तिस्थलों पर 4 शुक्रवार तक पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से प्रथम शुक्रवार को धन-संपदा हेतु सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से बाधाओं से मुक्ति हेतु द्वितीय शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से उत्तम स्वास्थ्य हेतु तृतीय शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से उत्तम संबंधों हेतु चतुर्थ शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से आदि मास के अंतिम शुक्रवार को एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में 5 पुजारियों द्वारा सामूहिक सौभाग्य प्रत्यंगिरा देवी यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से समस्त आदि शुक्रवारों पर देवी को 18 निम्बुओं की माला अर्पित की जाएगी|
  • आपकी तरफ से समस्त आदि शुक्रवारों पर भक्तों को रागी दलिया खिलाया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 3 अगस्त 2018 को लक्ष्मी कुबेर यज्ञ (समृद्धि व वित्तीय प्रचुरता प्रदान करने वाला यज्ञ) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 3 अगस्त 2018 को महालक्ष्मी अष्टोत्तर स्तोत्र (देवी महालक्ष्मी जी के 108 नाम) का पाठ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 3 अगस्त 2018 को त्रिमूर्तियों के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी
  • आपको एक अभिमंत्रित शक्ति कंगन प्रदान की जाएगी|

जब देवी की उर्जा उपलब्ध होती है तब जीवन में सफलता हेतु आवश्यक कर्म करने के लिए आप ऊर्जा और साहस से परिपूर्ण होते हैं| एस्ट्रोवेद ने 4 शक्तिशाली देवियों से संबंधित अनुष्ठानों का निर्माण किया है ताकि आप देवी से जुड़े इस माह की प्रत्येक अवस्था के दौरान प्रचुर मात्रा में अनोखी दैवीय ऊर्जा प्राप्त कर सकें| समृद्धि, वरदान, स्थिरता, शक्ति और धन-संपदा हेतु देवी से संबंधित इस आदि माह के दौरान 4 सर्वोच्च देवियों की कृपा का प्राप्त करें।

Shakti Bracelet

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार:

” यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

आदि माह के चार शुक्रवारों(देवी से जुड़े 4 शुक्रवार) पर अनुष्ठान

Four Aadi Fridays (4 Goddess Fridays) Ceremonies
  • आपकी तरफ से आदि मास के चार शुक्रवारों तक चार शक्तिस्थलों पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से प्रथम शुक्रवार को धन-संपदा हेतु सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से बाधाओं से मुक्ति हेतु द्वितीय शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से उत्तम स्वास्थ्य हेतु तृतीय शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से उत्तम संबंधों हेतु चतुर्थ शुक्रवार को सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से आदि मास के अंतिम शुक्रवार को एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में 5 पुजारियों द्वारा सामूहिक सौभाग्य प्रत्यंगिरा देवी यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से समस्त आदि शुक्रवारों पर देवी को 18 निम्बुओं की माला अर्पित की जाएगी|
  • आपकी तरफ से समस्त आदि शुक्रवारों पर भक्तों को रागी दलिया खिलाया जाएगा|
  • आपको एक अभिमंत्रित शक्ति कर माला प्रदान की जाएगी|
  • आपको एक अभिमंत्रित शक्ति कंगन प्रदान की जाएगी|

आदि माह में आने वाले शुक्रवार विशेष होते हैं क्योंकि यह शुक्रवार देवी की शक्ति और कृपा से भरे हुए हैं। प्रचुर मात्रा में धन व उत्तम स्वास्थ्य पाने तथा संबंधों से जुड़ी समस्याओं को नष्ट करने हेतु आप आदि शुक्रवार को देवी त्रिपुरा सुंदरी के चार अलग-अलग रूपों से जुड़कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं| आपके पास आदि मास के अंतिम शुक्रवार को देवी सौभाग्य प्रत्यांगिरा से जुड़कर नकारात्मकता का शमन करके प्रसन्नता व विविध प्रकार की प्रचुरता प्राप्त करने का भी सुनहरा अवसर है|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार:

” यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

आदि पेरुक्कू दिवस (विविध समृद्धि प्रदाता दिवस) से संबंधित अनुष्ठान

Aadi Perukku
  • आपकी तरफ से 3 अगस्त 2018 को लक्ष्मी कुबेर यज्ञ (समृद्धि व वित्तीय प्रचुरता प्रदान करने वाला यज्ञ) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 3 अगस्त 2018 को महालक्ष्मी अष्टोत्तर स्तोत्र (देवी महालक्ष्मी जी के 108 नाम) का पाठ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 3 अगस्त 2018 को त्रिमूर्तियों के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|

आदि पेरुक्कू समृद्धि और उर्वरता से संबंधित पर्व है| इस दौरान धन की देवी लक्ष्मी की कृपा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है। आदि पेरुक्कू के दौरान देवी लक्ष्मी आनंद विभोर होकर सब कुछ प्रदान करती हैं| वह धन, साहस, शिक्षा, संतान आदि के रूप में अपना प्रचुर आशीर्वाद प्रदान कर सकती हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार:

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

आदि मास के प्रारंभ व अंत में दो भगवती सेवा अनुष्ठान

Duo Bhagavati Seva at Start and End of Aadi Month
  • आपकी तरफ से 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को भव्य भगवती सेवा पूजा की जाएगी|
  • आपकी तरफ से शक्तिस्थल पर 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 को रक्त पुष्पांजलि अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 17 जुलाई 2018 व 10 अगस्त 2018 के दिन देवी को घृत से निर्मित पायसम का भोग लगाया जाएगा|

भगवती सेवा एक अद्वितीय और शक्तिशाली पूजा है जिसमें आदि मास के प्रारंभ व अंत में सर्वोच्च देवी राजराजेश्वरी के रूप में देवी की सुरक्षात्मक शक्ति शक्तियों का आह्वान किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि देवी राजराजेश्वरी का आह्वान करने वाले इस भगवती सेवा अनुष्ठान में भाग लेने से आप देवी की कृपा द्वारा जीवन में समृद्धि, शुद्धता व प्रचुर सम्पन्नता प्राप्त कर सकते हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अन्य अनुशंसित सेवाएं

केरल शक्तिस्थल पर व्यक्तिगत भगवती सेवा

Individual Bhagavati Seva at Kerala Powerspot

इस व्यक्तिगत भगवती सेवा अनुष्ठान हेतु आज ही पंजीकरण करवाएं जिसे केरल शक्तिस्थल पर संपन्न किया जाएगा| यह भगवती सेवा अनुष्ठान गहन आंतरिक अर्थ से जुड़े प्रतीकों व पद्धतियों का उपयोग करता है। यह विशेष अनुष्ठान देवी राजराजेश्वरी की दिव्य ऊर्जा का आवाहन आपके जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और प्रचुरता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए करता है।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

व्यक्तिगत ललिता सहस्रनाम मंत्रोच्चारण व दुर्गा सूक्तम यज्ञ

Individual Lalita Sahasranamam Chanting and Durga Suktam Homa

इस व्यक्तिगत ललिता सहस्रनाम मंत्रोच्चारण व दुर्गा सूक्तम यज्ञ हेतु आज ही पंजीकरण करवाएं| ललिता सहस्त्रनाम एक ऐसा पवित्र स्तुति पाठ है जिसमें देवी ललिता त्रिपुरासुंदरी के 1000 अनोखे नाम शामिल हैं| यह 1000 नाम देवी ललिता को बहुत प्रिय हैं जिनका निवास बिन्दु ( महा मेरु के सर्वोच्च उच्च बिंदु) में है तथा जो पापों का शमन कर सकती हैं| दुर्गा सूक्तम यज्ञ देवी दुर्गा के कार्यों का बखान व उनके अंतहीन दिव्य गुणों को सूचीबद्ध करता है।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार:

यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

प्रत्यंगिरा देवी यज्ञ

Prathyangira Devi Homa

प्रत्यंगिरा देवी के निमित इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान द्वारा बाधाओं व नकारात्मकता का शमन करने, दुर्घटना व बुरी नज़र से बचने, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने तथा एक समृद्ध जीवन जीने में सहायता मिल सकती है| देवी आपको सकारात्मकता, शांति और समृद्धि प्रदान कर सकती है तथा उनकी दैवीय कृपा आप पर सदैव बनी रह सकती है| यह व्यक्तिगत प्रत्यंगिरा देवी यज्ञ आपके आभा चक्र के आसपास मौजूद समस्त नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करके आपके जीवन को बदल सकता है|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

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“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।