केरल शक्तिस्थल पर 6 पुजारियों द्वारा भव्य सुकृत यज्ञ
कार्मिक बोझ को दूर करने और आत्मविश्वास व संबंधों को सुदृढ़ करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति
31 अक्टूबर 2017
सुकृत यज्ञ को समस्त यज्ञों में सबसे अच्छा माना जाता है तथा यह उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, शुभता व समृद्धि प्रदान करता है| यह यज्ञ वेद माता देवी गायत्री का आशीर्वाद प्रदान करता है। देवी गायत्री समस्त आपदाओं से रक्षा करके बुद्धि व सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं|
देवी गायत्री लाल कमल पुष्प पर विराजमान हैं व हृदय की जागृति का प्रतीक हैं| वह पंचमुखी (पांच मुख वाली) हैं| उनके पांच मुख बाहरी पांच इन्द्रियों व आंतरिक पांच प्राणों को इंगित करते हैं| देवी उन्हें शुद्ध करती है| उनकी दस आंखें हैं जो सभी दस दिशाओं में देखती हैं। उनका दिव्य वाहन एक सफेद हंस है| देवी वेद पुस्तकों को पकडे हुए है जो समस्त प्रकार के ज्ञान व बुद्धिमत्ता के स्रोत हैं|
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान के माध्यम से दिव्य देवी गायत्री के आशीर्वाद को प्राप्त करके आप निम्नलिखित लाभ उठा सकते हैं:
सुकृत यज्ञ पैकेज
सुकृत यज्ञ वेदमाता देवी गायत्री का आवाहन करके आशीर्वाद प्रदान करता है| देवी गायत्री समस्त आपदाओं से रक्षा करके बुद्धि व सकारात्मक ऊर्जा(शक्तियां) प्रदान करती हैं| यह पवित्र यज्ञ उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, शुभता व समृद्धि प्रदान करता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।