अब वैदिक कार्यपद्धति के द्वारा नकारात्मकता को दूर करके सफलता व सुरक्षा प्राप्त करें|
सुदर्शन जयंती सर्वोच्च दिव्य सुदर्शन चक्र का जन्मदिवस है| यह भगवान विष्णु का शक्तिशाली हथियार है| यह शक्तिशाली हथियार संरक्षक और निर्वाहक भगवान विष्णु से संबंधित है यह धार्मिकता की एक ठोस ढाल के रूप में उन सभी नकारात्मक शक्तियों का सामना कर सकता है जो आपके विकास और सफलता को रोकती हैं। सुदर्शन जयंती तमिल मास आदि (जुलाई-अगस्त) के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाती है|
संस्कृत में ‘सुदर्शन’ शब्द का अर्थ है ‘भ्रम रहित’ दर्शन। सुदर्शन चक्र अपनी शुभता तथा नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। भगवान विष्णु के इस दैवीय हथियार का आह्वान करने से भगवान विष्णु के सभी दस अवतारों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह पवित्र चक्र आपकी बीमारियों का इलाज करने में मदद कर सकता है तथा आपको पापमुक्त करके मोक्ष प्रदान कर सकता है| सुदर्शन चक्र जिसे चकराताश्वर का आदर्शरूप माना जाता है, इस विशेष अवसर पर आपको एक स्वस्थ, विजयी और आनंदमय जीवन प्रदान कर सकता हैं।
कई पौराणिक संदर्भ हैं जहां भगवान विष्णु राक्षसों का शीश काटने के लिए सुदर्शन चक्र का उपयोग करते हैं। लेकिन, सुदर्शन चक्र के जन्म या उत्पत्ति से संबंधित पौराणिक कथाएं थोड़ी ही हैं| एक ऐसी ही कहानी बताती है कि भगवान शिव ने भगवान विष्णु को उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर सुदर्शन चक्र दैत्यों को मारने हेतु उपहारस्वरुप दिया था। एक अन्य कथा के अनुसार देवताओं के मुख्य वास्तुकार विश्वकर्मा ने सूर्य की दीप्ति को कम करके सुदर्शन चक्र को बनाया था, उन्होंने सूर्य की चमक के कुछ हिस्सों का उपयोग करके इस चक्र का निर्माण किया|
पवित्र ग्रंथों के अनुसार, पवित्र सुदर्शन चक्र के निर्माण दिवस पर पवित्र मंत्रों तथा विशेष अनुष्ठानों द्वारा इसकी पूजा करने से आपको निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:
सामूहिक महासुदर्शन यज्ञ अनुष्ठान – महासुदर्शन यज्ञ द्वारा सुदर्शन चक्र की चिकित्सीय शक्ति का आवाहन किया जाता है| यह चक्र सर्वोच्च धन संपदा के स्वामी भगवान विष्णु के हाथों में विराजमान है| माना जाता है कि सुदर्शन यज्ञ सभी प्रकार की नकारात्मक उर्जाओं का नाश कर सकता है तथा सभी तरह के शाप व अभिचार कर्म को रोक सकता है| सुदर्शन यज्ञ का प्राथमिक उद्देश्य सकारात्मकता, सफलता, खुशी प्रदान करके आपके जीवन से दर्द व पीड़ाओं को दूर करना है| इस यज्ञ अनुष्ठान में में भाग लेकर आप ग्रह पीड़ाओं को दूर कर सकते हैं तथा इस जीवनकाल में किए गए पापों से मुक्ति पा सकते हैं|
महासुदर्शन यज्ञ भय, खतरे, भ्रम व बुरे स्वप्न, मतिभ्रम तथा अन्य सभी नकारात्मक उर्जाओं को नष्ट करता है| , इस प्रकार यह अनुष्ठान शरीर व मन दोनों को स्वस्थ रखता है| यह यज्ञ किसी भी परियोजना या लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के साथ-साथ समग्र विकास, सफलता और समृद्धि में भी सहायता कर सकता है।
चकराताश्वर की अर्चना व जलाभिषेक – सुदर्शन चक्र के दिव्य अवतार चकराताश्वर जी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक अनुष्ठान द्वारा आप अपने शत्रुओं पर विजय, रोगों का नाश, नकारात्मक शक्तियों का शमन तथा जीवन में आने वाली समस्त बाधाओं को समाप्त करके सफलता प्राप्त कर सकते हैं|
महासुदर्शन यज्ञ द्वारा सुदर्शन चक्र की चिकित्सीय शक्ति का आवाहन किया जाता है| यह चक्र सर्वोच्च धन संपदा के स्वामी भगवान विष्णु के हाथों में विराजमान है| सुदर्शन यज्ञ का प्राथमिक उद्देश्य सकारात्मकता, सफलता, खुशी प्रदान करके आपके जीवन से दर्द व पीड़ाओं को दूर करना है| इस यज्ञ अनुष्ठान में में भाग लेकर आप ग्रह पीड़ाओं को दूर कर सकते हैं तथा इस जीवनकाल में किए गए पापों व नकारात्मकता से मुक्ति पा सकते हैं|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार –
यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।
कृपया ध्यान दें – इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।