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वित्तीय लक्ष्यों को पुन: परिभाषित करने के लिए, धन कमाने और इच्छाओं को मूर्तरूप बनाने के लिए 235 दिनों

धनुष में मार्गी होनेवाला शनि नयी आषा देता है

अपने लक्ष्यों को समझने और सफलता और अच्छे समय को अधिकतम करने का समय

सीधा प्रसारण सितम्बर 7, 2018

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धनुष में मार्गी अवस्था शनि: अपनी काम का फल पाइए

कर्मकारक शनि वर्तामान में वक्र अवस्था में भ्रमणशील हैं, जो सितम्बर 7, 2018 को मार्गी होंगे और अप्रैल 29, 2019 (भारतीय मानक समयानुसार) तक उसी अवस्था में भ्रमण करेंगे| धनुष में मार्गी होकर शनी हर किसी के जीवन के सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है| इस अवधि के दौरान, शनि आपको अधिक व्यवस्थित, लक्ष्य उन्मुख और आपकी इच्छाओं को पूरा करने पर केंद्रित बना सकता है| आपको दृढ़ता और कड़ी मेहनत के माध्यम से भौतिक संसाधनों को लाने पर ध्यान देना चाहिए। तो, अपने कड़ी मेहनत के लाभों को पाने के लिए धनुष में शनि मार्गी होने का इन 235 दिनों का उपयोग करें।

धनुष में मार्गी अवस्था शनि कैसे आप पर प्रभावित करता है

राशि चक्र में कर्म और धर्म के 9वें घर में सीधे भ्रमण करने से शनि आपकी बुरे कर्मिक प्रभाओं को दूर करके आपके जीवन में सकारात्मकता लाने में मदद कर सकता है| जब शनि मार्गी होता है, तो ऐसा माना जाता है कि आपके कर्म ऋणों का भुगतान करने के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है| सकारात्मकता के इस उछाल के साथ, आप कैरियर, वित्त, विदेशी और लंबी दूरी की यात्रा में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते हैं| इस अवधि के दौरान, अतिरिक्त प्रयास किए बिना जिम्मेदारियों और लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं| कर्मकारक शनि द्वारा सिखाए जानेवाले मंगल का करक बृहस्पति के धनुष भाव में भ्रमण करने वाले शनि, जीवन में एक नई वास्तविकता का अनुभव करने के लिए सकारात्मक विचारों को प्रकट करने में आपकी मदद कर सकता है।

धनुष में शनि मार्गी होने के दौरान क्या करना है

व्यापार और पेशेवर मोर्चे पर:

  1. अधिक ध्यान केंद्रित करें और जिम्मेदारियां लें
  2. संगठन में प्राधिकरण व्यक्तियों का सम्मान करें
  3. सफलता को आमंत्रित करने के लिए अनुशासित और व्यवस्थित रहें
  4. अपने रचनात्मक आत्म व्यक्त करें
  5. धैर्य का अभ्यास करें और अपनी एकाग्रता में सुधार करें

व्यक्तिगत मोर्चे पर:

  1. बुजुर्गों का सम्मान करें
  2. अपने और परिवार के लिए अतिरिक्त समय बिताएं
  3. अपनी चिंता, भय और सीमाओं से छुटकारा पाएं
  4. नकारात्मक विचारों और दूसरों को चोट पहुंचाने वाले शब्दों का उपयोग करने से बचें
  5. पुरानी समस्याओं के समाधान खोजने के लिए सही समय

सर्वश्रेष्ट एक साल का शनि निवारण कार्यक्रम में नामांकन करने का समय

शनि का मार्गी होना मजबूत इरादों को स्थापित करने और लक्ष्यों को फिर से परिभाषित करने के लिए अनुकूल होता है | इसलिए जीवन में आपकी प्रगति को अवरुद्ध करने वाली कर्मिक बाधाओं को दूर करने के लिए हमारे सर्वश्रेष्ट शनि निवारण कार्यक्रम में नामांकन करने का सही समय है| एस्त्रोवेद ने शनि के प्रतिकूल प्रभाव को कम करके सकारात्मक आशीर्वाद को बढ़ाने के लिए अविरत और गहन निवारण का चयन किया है| हमारे साप्ताहिक शनि निवारण कार्यक्रम में शामिल होने का एक विकल्प भी है, जहां एक सप्ताह के लिए निवारण किए जाएंगे|

धनुष में मार्गी शनि एक-बार निवारण समझाया

Archana

मंदिर में अभय वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा अर्चना – सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)

प्ररूपि भगवान वेंकटेश्वर के विपरीत भगवान अभय वेंकटेश्वर स्वामी दायाँ हाथ में अभय मुद्रा (आशीर्वाद पोस) के साथ दर्शन देते हैं| मंदिर परंपरा के अनुसार, आशीर्वाद मुद्रा धारित वेंकटेश्वर स्वामी के लिए विशेष पूजा करने के फलस्वरूप शनि के नकारात्मक प्रभावों को नियंत्रित कर सकती है और आपकी सभी ईमानदार इच्छाओं को पूरा कर सकती है|

Saturn and Lord Shiva

मंदिर में भगवान शिव और शनि की पूजा अर्चना -– सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि और उनके भगवान शिव के लिए अर्चना (पूजा) का प्रदर्शन करने से शनि की पूरी गोचर अवधि (27 जनवरी, 2017- 24 जनवरी, 2020) या शनि की प्रमुख गोचर अवधि के समय (आपका जन्म कुण्डली अनुसार) सुरक्षित रूप से जीवन में यात्रा करने में आपकी सहायता मिल सकते हैं| आपके जन्म कुण्डली में शनि के स्थिति के आधार पर प्रभावित होने वाले नकारात्मकता को कम कर सकते हैं

केरला के मंदिर में धर्म सास्ता को नीरान्जनम सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार):

शास्त्रों के अनुसार, भगवान ऐयप्पा आपके जन्म कुंडली में शनि के दुष्प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं| नीरान्जनम एक विशेष अर्पण है जिसमें आधे नारियल में भरा हुआ, तिल के तेल मग्न तिल (तिल के बीज) और कच्चे चावल को भगवान के लिए अर्पण करते हैं| मंदिर परंपरा के अनुसार, यह अर्पण से आप कठिनाइयों को सामना कर सकते हैं और प्रबंधन करने और आनंददायक जीवन बिता सकते हैं|

Dharma Sastha Homa

केरला के मंदिर में धर्म सास्ता यज्ञ सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार):

मंदिर परंपरा के मुताबिक केरल के नंबुदिरी नाम से प्रसिद्ध विशेष पुजारीयों द्वारा किये जाने वाले विशेष ऐयप्पा यज्ञ, साडे साती, अष्टम ढैया चतुर्थ ढैया के प्रभाव को शांत करने में मदद कर सकती है।

Ellu Para

केरला मंदिर में एल्लू परा सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार):

‘एल्लु’ शब्द का अर्थ तिल के बीज है। पारंपरिक केरल प्रथाओं के अनुसार, शनि के लिए तिल के बीज से भरे एक परा (मापने वाले बरतन) को मंदिर में अर्पण करने से शनि दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है|

Group Thila Homa

सामूहिक तिल यज्ञ सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार):

शनि भगवान का प्रिय धान्य तिल या तिल के बीज है |शास्त्रों के अनुसार गोचर दिवस पर तिल के बीज को अर्पण करके थिल यज्ञ (अग्नि प्रार्थना) करने से भगवान शनि प्रसन्न हो जाते है | तिल यज्ञ अपने पैतृक कर्म को दूर करने में मदद कर सकता है और उनके निरंतर आशीर्वाद प्रदान कर सकता है|

धनुष में मार्गी अवस्था शनि निवारण पैकेज

SATURN DIRECT IN SAGITTARIUS REMEDY PACKAGE
  • मंदिर में अभय वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा अर्चना – सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार))
  • मंदिर में भगवान शिव और शनि की पूजा अर्चना -– सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • केरला के मंदिर में धर्म सास्ता को नीरान्जनम सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार):
  • केरला के मंदिर में धर्म सास्ता यज्ञ सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • केरला मंदिर में एल्लू परा सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
  • सामूहिक तिल यज्ञ सितम्बर 7, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार):

कर्मकारक शनि वर्तामान में वक्र अवस्था में भ्रमणशील हैं, जो सितम्बर 7, 2018 को मार्गी होंगे और अप्रैल 29, 2019 (भारतीय मानक समयानुसार) तक उसी अवस्था में भ्रमण करेंगे| धनुष में मार्गी होकर शनी हर किसी के जीवन के सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है| इस अवधि के दौरान, अतिरिक्त प्रयास किए बिना जिम्मेदारियों और लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको  पवित्र  विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र  अनुष्ठान द्वारा  सिद्ध होंगे। इस पवित्र  विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अन्य अनुशंसित सेवाएं

व्यक्तिगत तिल होमा (यज्ञ)

Individual Saturn Homa

उस दिन अपने व्यक्तिगत तिल होमा (यज्ञ) को बुक करें जब शनि धनुष में मार्गी हो जाता है। तिल या तिल के बीज ग्रह शनि का प्रिय धान्य है। गोचर दिवस पर तिल के बीज की अर्पण करके तिल होमा(यज्ञ) प्रदर्शन करके भगवान शनि को प्रसन्न कर सकते हैं और अपने पैतृक कर्म को हटाने में मदद पा सकते हैं और उनके निरंतर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको  पवित्र  विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र  अनुष्ठान द्वारा  सिद्ध होंगे। इस पवित्र  विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें

डॉ. पिल्लै के अनुसार

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है

कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।