हैदराबाद से सीधा प्रसारण 24 मार्च 2018 सांयकाल 6:00 बजे (पैसेफिक मानक समयानुसार)/ रात्रि 9:00 बजे (ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 25 मार्च 2018 को प्रातः 6:30 (भारतीय मानक समयानुसार)
राम जन्मदिवस पैकेज पर 10% की छूट प्राप्त करें|
“ भगवान राम की कथा की गहराई को मानवीय बुद्धि से नहीं जाना जा सकता| भगवान राम की कथा एक आकाशगंगा या किसी अन्य स्थल में हर समय घटित हो रही है| भगवान राम ने किसी भी अन्य अवतार की तुलना में सबसे अधिक त्याग किया जो समग्र रूप से मानवीय पीड़ा को अवशोषित करता था। शुक्लपक्ष की नवमी(राम नवमी) उनका जन्मदिवस है| भगवान का जन्मदिवस उनसे जुड़ने की एक कड़ी है| इसलिए उनके जन्मदिवस पर ध्यान, पूजा या मंदिरों में जाकर उनके दर्शन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। राम नवमी पर भगवान राम के चिंतन व उनकी पूजा-प्रार्थना में समय व्यतीत करना चाहिए|”
डॉ. पिल्लै-
भगवान राम श्री विष्णु के 7वें अवतार हैं जो मानवता के संरक्षक थे तथा आध्यात्मिक व भौतिक रूप से मानव जीवन को एक उच्च अवस्था में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं| भगवान राम एक योद्धा थे जो समस्त सद्गुणों से भरपूर थे तथा वे सारा जीवन सत्य के लिए लड़ते रहे| अवतारों के जन्म का सम्मान करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे संसार के लिए सच्ची आशा का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका जन्मदिवस एक अनुस्मारक है कि आप उनकी दिव्य ऊर्जा को अपने भीतर जगा सकते हैं।
महान महाकाव्य रामायण में भगवान राम के जीवन इतिहास तथा उन कठिनाइयों का वर्णन है जो राजकुमार होने के बावजूद उन्हें सहन करनी पड़ी थी| श्री राम के इस अवतार के रूप में उन्होंने लोगों की स्थिति को सुधारने के लिए निरंतर कार्य किया। इस महाकाव्य में इस प्रकार के कई उदाहरणों का वर्णन है- उन्होंने एक वानर को दिव्य अस्तित्व पाने हेतु उन्नत किया, राजा होते हुए एक योद्धा का जीवन जिया व अपने भाई के साथ एक शिकारी की भूमिका निभाई तथा इसी प्रकार के और भी कई उदाहरण मौजूद हैं| जीवन में तीव्रता व सरलता से उच्च पद पाने हेतु भगवान राम का आवाहन करें|
डॉ. पिल्लै के अनुसार “जब भी आप उदास हों या स्वयं को उर्जाहीन महसूस करें तो उसी क्षण “राम राम राम राम राम का जप करना शुरु कीजिए| यह ध्वनि आपको अपने अधिकार में ले लेगी तथा फिर यह आपके बुरे कर्मों को रोक देगी|” ‘राम’ नाम की ध्वनि अविनाशी है तथा यह ॐ के अतिरिक्त अन्य समस्त ध्वनियों के मुक़ाबले सबसे अधिक शक्तिशाली है। ‘राम’ नाम की यह ध्वनि आपको मुक्त कर सकती है, आनंद प्रदान कर सकती है, पापों का शमन करके जीवन में आपकी स्थिति को उन्नत कर सकती है|
राम का नाम दो प्रमुख व्यंजनों से व्युत्पन्न हुआ है- ॐ नमो नारायण (भगवान विष्णु) से ‘रा’ तथा ॐ नमः शिवाय से ‘म’ उत्पन्न हुआ है| राम नाम के जप से रक्षक व तारक दोनों की दोहरी कृपा स्पष्ट प्राप्त होती है|
डॉ पिल्लई के अनुसार “सबसे महत्वपूर्ण बात सिर्फ ध्वनि पर ध्यान देना है| राम ध्वनि आपको बदल सकती है| एक कथा के अनुसार अलग-अलग देवी-देवताओं का आवाहन करने हेतु भगवान राम को एक मंत्र दिया गया था। जैसे ही वे इन देवी-देवताओं का आवाहन करते हैं वे सभी तुरंत ही प्रस्तुत हो जाते हैं। एक बार जब वे उपस्थित हो जाते हैं तब आपको उन्हें रहने के लिए एक स्थान देना पड़ता है| इस प्रकार भगवान राम ने भी उन्हें स्थान देने के लिए अपने शरीर का प्रयोग किया| इसलिए भगवान राम में समस्त देवी-देवताओं की विभिन्न शक्तियाँ निहित हैं| यही कारण है कि राम नाम की ध्वनि बहुत ही शक्तिशाली है।”
इसलिए इस राम मंत्र ( जो कि तारक मंत्र के नाम से भी प्रसिद्ध है) के जाप से आप एक बेसुध अवस्था में सर्वोच्च ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ जाते हैं| यज्ञ के दौरान राम तारक मंत्र का जप करते हुए आहुतियाँ देना एक ऐसी नौका के समान है जो आपको दुःखों के समुद्र और बाधाओं के महासागर से पार ले जा सकती है| माना जाता है कि इस शुद्ध व उन्नत ऊर्जा द्वारा आप जन्म चक्र के पार जाकर मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।
माना जाता है कि भगवान राम के जन्म दिवस पर उनके गौरवशाली नाम का जप करते हुए इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपका उनके साथ एक व्यक्तिगत संबंध स्थापित हो सकता है तथा सुरक्षा, समृद्धि और विजय के अतिरिक्त मोक्ष की प्राप्ति भी हो सकती है|
मान्यता है कि भगवान राम के निमित इस पूजा-अर्चना द्वारा आप उनकी सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करके अपने आध्यात्मिक और मानसिक स्तर को बढ़ा सकते हैं तथा अपने मार्ग में आने वाली समस्त बाधाओं को समाप्त कर सकते हैं।
हनुमान जी भगवान राम के उत्साही भक्त हैं। माना जाता है कि राम नवमी पर्व पर हनुमान जी के निमित इस पूजा-अर्चना द्वारा आपको शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति के अतिरिक्त स्वास्थ्य, धन और उत्तम संबंधों हेतु आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|
सुंदरकाण्ड का पाठ आपको अनेक लाभ प्रदान कर सकता है| इसका प्रत्येक अध्याय एक विशिष्ट आशीर्वाद देता है। आपको जीवन में समस्याओं को कम करने की शक्ति, सफलता, शांति, समृद्धि आदि की प्राप्त होती है|
भगवान राम श्री विष्णु के 7वें अवतार हैं जो मानवता के संरक्षक थे तथा आध्यात्मिक व भौतिक रूप से मानव जीवन को एक उच्च अवस्था में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं| भगवान राम के साथ एक व्यक्तिगत संबंध स्थापित करने के लिए राम नवमी अनुष्ठानों में अवश्य भाग लें तथा सुरक्षा, समृद्धि, विजय और मोक्ष की प्राप्ति हेतु दैवीय सहायता प्राप्त करें।
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
राम नवमी के शुभावसर पर सुंदरकाण्ड मंत्रोच्चारण सहित इस व्यक्तिगत राम नाम तारक यज्ञ हेतु अपना पंजीकरण करवाएं| सुंदरकाण्ड का पाठ आपको अनेक लाभ प्रदान कर सकता है| इसका प्रत्येक अध्याय एक विशिष्ट आशीर्वाद देता है। आपको जीवन में समस्याओं को कम करने की शक्ति, सफलता, शांति, समृद्धि आदि की प्राप्त होती है| भगवान राम के जन्म दिवस पर उनके गौरवशाली नाम का जप करते हुए इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपका उनके साथ एक व्यक्तिगत संबंध स्थापित हो सकता है तथा सुरक्षा, समृद्धि और विजय के अतिरिक्त मोक्ष की प्राप्ति भी हो सकती है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
इस व्यक्तिगत अश्वमेध मंत्रोच्चारण अनुष्ठान तथा भाग्य सूक्तम यज्ञ ( भाग्य व धन-संपदा को बढाने हेतु यज्ञ) हेतु अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं जिससे आपको निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:-
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें। .