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प्रत्यंगिरादेवी यज्ञ अनुष्ठान

(अब पाइए एस्ट्रोवेद के दो परम उपयोगी अनुष्ठानों द्वारा शक्ति, प्रगति व सुरक्षा)

पाँच पुजारियों द्वारा भगवान शरभ जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान पाँच पुजारियों द्वारा शूलिनी दुर्गाजी व प्रत्यंगिरा देवियों से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान

अब वैदिक कार्यपद्धति द्वारा कीजिए नकारात्मक शक्तियों व दुर्भाग्य का नाश
सीधा प्रसारण 12 फरवरी 2017 को 3.00 प्रातः(पैसिफिक मानक समयानुसार)/ 6.00 प्रातः(ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 4.30 सायं (भारतीय मानक समयानुसार)
सीधा प्रसारण 17 फरवरी 2017 को 8.30 रात्रि (पैसिफिक मानक समयानुसार)/ 11.30 रात्रि (ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 18 फरवरी 2017 को 10.00 प्रातः(भारतीय मानक समयानुसार)

भगवान शरभ जी के अनुष्ठान द्वारा कीजिए नकारात्मकताओं का शमन-

भगवान शरभ शिवजी के उग्र रूप हैं। शास्त्रों के अनुसार इनके आठ पाँव, चार हाथ, दो विशाल पंख, पशु शरीर व राक्षसी मुख है। इन्हें नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश करने वाला श्रेष्ठ देवता माना जाता है। इनका एक अन्य नाम पक्षीराज भी है। इनको भगवान शिवजी, भगवान विष्णुजी, प्रत्यंगिरा व शूलिनी देवियों का सामूहिक स्वरुप माना जाता है। पवित्र यज्ञ अनुष्ठान द्वारा इनका आह्वान इन चारों देवताओं की कृपा भी प्रदान करता है।

शूलिनी व प्रत्यंगिरा देवियों के शक्तिशाली अनुष्ठानों द्वारा अब पाइए अचूक सुरक्षा व शक्ति-

प्राचीन पवित्र धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान शिवजी ने प्रत्यंगिरा व शूलिनी दुर्गा देवियों सहित विशाल शरभ (शरभ का एक अर्थ पक्षियों का राजा भी है।) के रुप में अवतार लिया था। यह अवतार उन्होंने भगवान नृसिंह जी (विष्णु जी के एक अवतार) के क्रोध को दबाने हेतु लिया था। उग्र देवी शूलिनी दुर्गा व सिंहमुख देवी प्रत्यंगिरा आपके जीवन से दुखों व कष्टों को दूर करके आपको सकारात्मकता, शक्ति, सुरक्षा व समृद्धि प्रदान करती हैं।

अब तीन उग्र शक्तियों द्वारा पाएं संयुक्त लाभ-

एस्ट्रोवेद ने एक ऐसे भव्य अनुष्ठान का आयोजन किया है, जिसके द्वारा आपको भगवान शरभ जी तथा देवी प्रत्यंगिरा व देवी शूलिनी दुर्गा की शक्तियाँ व कृपा एक साथ प्राप्त होती है। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार इन दो यज्ञ अनुष्ठानों में भाग लेने पर आपके जीवन से नकारात्मकता दूर होकर निम्नलिखित आशीर्वादों की प्राप्ति होती है-

  • आपके जीवन पर पड़ रही नकारात्मक ऊर्जाओं का शमन होता है।
  • आपकी सफलता के रास्ते में आने वाले अवरोध दूर होते हैं ।
  • आपके सौभाग्य व समृद्धि में सुधार होता है।
  • आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होकर बीमारियों से बचाव होता है।
  • आप रुकावटों व बाधाओं पर काबू पाते हैं व आपकी प्रसिद्धि में बढ़ोतरी होती है।
  • खोई हुई शक्ति व सत्ता पुनः पाने में आपको मदद मिलती है।
  • शारीरिक रोग, बुरी नज़र व दुर्भाग्य का शमन होता है।
  • समस्याओं के समाधान ढूंढ़ने में आपको मदद मिलती है।
  • ग्रहों के दुष्प्रभाव शांत होते हैं।
  • दुःस्वप्न व शाप दूर होते हैं।

शक्ति, प्रगति व सुरक्षा से संबंधित संयुक्त पैकेज

COMBO PACKAGE
  • आपकी तरफ से भगवान शरभ जी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना व अभिषेक किया जाएगा।
  • आपकी तरफ से देवी प्रत्यंगिरा जी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना व अभिषेक किया जाएगा।
  • पाँच अनुभवी पुजारियों द्वारा भगवान शरभेश्वर जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा। जिसका सीधा प्रसारण आप 12 फरवरी 2017 को सांयकाल 04.30 बजे( भारतीय मानक समयानुसार) देख पाएंगे।
  • पाँच अनुभवी पुजारियों द्वारा देवी शूलिनी दुर्गा जी व देवी प्रत्यंगिरा जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा। जिसका सीधा प्रसारण आप 18 फरवरी 2017 को प्रातःकाल 10.00 बजे( भारतीय मानक समयानुसार) देख पाएंगे।
  • उत्पाद: आपको एक सिद्ध व अभिमंत्रित सुरक्षा माला प्रदान की जाएगी।

एस्ट्रोवेद ने भगवान शरभ तथा शूलिनी दुर्गा व प्रत्यंगिरा देवियों से संबंधित एक भव्य अनुष्ठान का आयोजन किया है। जिसके द्वारा इन दोनों देवियों व भगवान शरभ जी की सुरक्षात्मक शक्तियों की मदद से नकारात्मक ऊर्जाओं व दुर्भाग्य को समाप्त किया जा सकता है।

Energized Protection  Mala

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको अभिमंत्रित उत्पाद सहित इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें। अपनी दैनिक पूजा अथवा ध्यान करते समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके जीवन में दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से संबंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- आपको दिए जाने वाले उत्पाद व प्रसाद इन सभी अनुष्ठानों की समाप्ति के एक सप्ताह के उपरांत चेन्नई (तमिलनाडु) से वितरित किए जाएंगे। विदेशों में वितरण हेतु कृपया हमें दो से चार सप्ताहों का समय दें।

भगवान शरभ जी से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान

ARCHETYPE SHARABA HOMA
  • आपकी तरफ से भगवान शरभ जी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना व अभिषेक किया जाएगा।
  • पाँच अनुभवी पुजारियों द्वारा भगवान शरभेश्वर जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा। जिसका सीधा प्रसारण आप 12 फरवरी 2017 को सांयकाल 04.30 बजे( भारतीय मानक समयानुसार) देख पाएंगे।

प्राचीन पवित्र धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान शिवजी ने प्रत्यंगिरा व शूलिनी दुर्गा देवियों सहित विशाल शरभ (शरभ का एक अर्थ पक्षियों का राजा भी है।) के रुप में अवतार लिया था। यह अवतार उन्होंने भगवान नृसिंह जी (विष्णु जी के एक अवतार) के क्रोध को दबाने हेतु लिया था। इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान में उनके आवाह्न द्वारा सभी चार देवताओं की कृपा व लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान से प्राप्त विभूति प्रदान की जाएगी। इस पवित्र विभूति को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें। अपनी दैनिक पूजा अथवा ध्यान करते समय इसे अपने मस्तक पर धारण करके जीवन में दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से संबंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- आपको दिए जाने वाले उत्पाद व प्रसाद इन सभी अनुष्ठानों की समाप्ति के एक सप्ताह के उपरांत चेन्नई (तमिलनाडु) से वितरित किए जाएंगे। विदेशों में वितरण हेतु कृपया हमें दो से चार सप्ताहों का समय दें।

देवी शूलिनी दुर्गा व देवी प्रत्यंगिरा से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान

GODDESSES SHOOLINI DURGA AND PRATYANGIRA HOMA
  • आपकी तरफ से देवी प्रत्यंगिरा जी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना व अभिषेक किया जाएगा।
  • पाँच अनुभवी पुजारियों द्वारा देवी शूलिनी दुर्गा जी व देवी प्रत्यंगिरा जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा। जिसका सीधा प्रसारण आप 18 फरवरी 2017 को प्रातःकाल 10.00 बजे( भारतीय मानक समयानुसार) देख पाएंगे।

उग्र देवी शूलिनी दुर्गा व सिंहमुख देवी प्रत्यंगिरा आपके जीवन से दुखों व कष्टों को दूर करके आपको सकारात्मकता, शक्ति, सुरक्षा व समृद्धि प्रदान करती हैं। इसलिए इन दोनों देवियों से सम्बंधित व पाँच अनुभवी पुजारियों द्वारा किए जाने वाले इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान में अवश्य भाग लें, ताकि आपके जीवन से नकारात्मक शक्तियों व दुर्भाग्य का शमन हो सके।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें। अपनी दैनिक पूजा अथवा ध्यान करते समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके जीवन में दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से संबंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- आपको दिए जाने वाले उत्पाद व प्रसाद इन सभी अनुष्ठानों की समाप्ति के एक सप्ताह के उपरांत चेन्नई (तमिलनाडु) से वितरित किए जाएंगे। विदेशों में वितरण हेतु कृपया हमें दो से चार सप्ताहों का समय दें।