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पितृ दिवस: पिता के साथ आत्मीय संबंध घनिष्ठ करने हेतु दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करें


भगवान शिव से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान-सीधा प्रसारण 17 जून 2017 को सांयकाल 5:30 बजे(पैसेफिक मानक समयानुसार) / रात्रि 8:30 बजे(ईस्टर्न मानक समयानुसार) / 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे(भारतीय मानक समयानुसार)
भगवान धन्वंतरी से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान- सीधा प्रसारण 17 जून 2017 को रात्रि 8:45 बजे(पैसेफिक मानक समयानुसार) / रात्रि 11:45 बजे(ईस्टर्न मानक समयानुसार) / 18 जून 2017 को प्रातः 9:15 बजे(भारतीय मानक समयानुसार) पितृ दिवस 2017 हेतु शक्तिशाली अनुष्ठान


“पिता एक महत्वपूर्ण अवधारणा है| वह व्यक्ति जो आपकी माता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलता है, वह माता जिन्होंने आपका जन्म जन्म दिया। इस जन्म का श्रेय आपके पिता के शुक्राणुओं को जाता है| परंतु भारत के योगी शुक्राणुओं से परे जाते हैं| वे आपके पिता की आत्मा, आपके दादा व परदादा और उससे भी आगे जाते हैं। दूसरे शब्दों में, आप अपने पिता के वंश के प्रतिनिधि हैं और जैविक जीनों की तरह, आत्मा जीन भी हैं| आत्मा व वंश के तत्व और इसकी गतिशीलता को समझना महत्वपूर्ण है।

पितृ दिवस के दौरन अपने पिता, दादा या परदादाजी का आशीर्वाद प्राप्त करना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है| यदि आपके पिता जीवित हैं, तो उनके साथ कुछ समय व्यतीत करें तथा अच्छे से पेश आएं फिर भले ही यह कुछ मामलों में मुश्किल हो।

अगर आपको लगता है कि अपने पिता के साथ कुछ भी करना वास्तव में मुश्किल है तो अपने दादा व परदादा जी का तर्पण करके अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम अपने पिता को सहयोग दें| हर भावना व सोच जिससे आप गुजरते हैं आपके वंशजों की आत्मा से प्रभावित है|”

Dr. Pillai

एक बच्चे के भविष्य को बनाने में पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। वेदों के अनुसार, पिता का महत्व गुरु और भगवान से भी बड़ा है। इस पितृ दिवस पर , अपने पिता को याद रखने और सम्मान देने के लिए कुछ समय निकालें, चाहे वह जीवित हो या दिवंगत हो। अपने वर्तमान या पूर्व संबंधों के बावजूद आपको इस धरा पर लाने के लिए यह दिवस अपने पिता को धन्यवाद देने हेतु महत्वपूर्ण है।

पितृ दिवस 2017: क्या कहते हैं सितारे?

18 जून 2017 को चंद्रमा शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में रहेगा तथा गुरु की मीन राशि से गोचर करेगा| इस दिन चन्द्र पर गुरु की दृष्टि रहेगी| साथ ही सूर्य, मंगल, गुरु तथा शनि जैसे प्रमुख ग्रह चन्द्र से केंद्र में स्थित होकर शुभ योग का निर्माण कर रहे होंगे तथा इस दिवस को मजबूत बनाएंगे ताकि आप अपने पिता के प्रति कृतज्ञ दिखा सकें| सूर्य जो पिता का प्रतीक है मंगल के साथ स्थित होकर शनि की दृष्टि प्राप्त कर रहा होगा| यदि आपने जाने-अनजाने अपने पिता या पिता समान व्यक्ति को चोट पहुंचाई थी तो उस रोष से बाहर आने तथा माफी मांगने के लिए भी यह एक आदर्श दिन है।

क्योंकि चंद्रमा इस दिन शनि के नक्षत्र में स्थित है इसलिए यह दिन अपने दिवंगत पिता, दादा या परदादाजी की आत्माओं को तर्पण के माध्यम से मुक्त करने के लिए भी एक अच्छा दिन है| इसका अर्थ यह है कि आपके पास पितृ दिवस पर पिता के साथ अपने संबंधों को सही और मजबूत करने हेतु ग्रहों की ऊर्जा का समर्थन होगा।

पितृ दिवस 2017 हेतु शक्तिशाली अनुष्ठान|

  • आवश्यक

    पितृ दिवस हेतु
    आवश्यक अनुष्ठान

    • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में भगवान शिव का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से वृद्धाश्रम में 7 सदस्यों को अन्नदान किया जाएगा|
  • वर्धित

    पितृ दिवस हेतु
    वर्धित अनुष्ठान

    • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में भगवान शिव का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से वृद्धाश्रम में 11 सदस्यों को अन्नदान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को भगवान शिव से संबंधित शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • उत्कृष्ट

    पितृ दिवस हेतु
    उत्कृष्ट अनुष्ठान

    • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में भगवान शिव का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से वृद्धाश्रम में 21 सदस्यों को अन्नदान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को भगवान शिव से संबंधित शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • 18 जून 2017 को प्रातः 9:15 बजे(भारतीय मानक समयानुसार) एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में आपके पिता के उत्तम स्वास्थ्य हेतु भगवान धन्वन्तरी का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|

अन्य अनुशंसित अनुष्ठान

केरल में आपके दिवंगत पिता हेतु सामूहिक तर्पण

Group Tarpanam for Your Deceased Father in Kerala

आपके इस धरा पर जन्म लेने से पहले ही एक पिता व उसकी संतान का संबंध निश्चित हो जाता है| यहाँ तक कहा जाता है कि पिता या बच्चे की मृत्यु के बाद भी यह संबंध जारी रहता है| पितृ दिवस आपके पिता को याद करने का समय है, भले ही वह दिवंगत हो गए हों| आपके पिता के साथ आपका संबंध अत्यंत घनिष्ठ, अच्छा, बुरा या साधारण हो सकता है| वर्तमान या पूर्व संबंधों के बावजूद आपको इस धरा पर लाने के लिए यह दिवस अपने पिता को धन्यवाद देने हेतु महत्वपूर्ण है।

केरल के पुजारी तर्पण अनुष्ठानों में माहिर हैं| वे सचमुच मृत आत्माओं से बात करते हैं, यह देखने के लिए कि वे संतुष्ट हैं और अगले चरण में जाने के लिए तैयार हैं ताकि उनके छाया रूपी अस्तित्व को मुक्ति मिल सके|

कृपया ध्यान दें – कृपया अपने पिता का नाम और नक्षत्र प्रदान करें| तर्पण अनुष्ठान पूरा होने के बाद हम कोई भी प्रसाद नहीं भेजेंगे क्योंकि इस प्रकिया के उपरांत प्रसाद को अपने पास रखना सामान्यतः अशुभ समझा जाता है।

आपके पिता के अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु हेतु 3 इंच आकार का अभिमंत्रित मृत्युंजय यंत्र

Energized 3 Inch Mrityunjaya Yantra

यंत्र ऊर्जा के महान ब्रह्माण्ड उर्जा स्रोत हैं, ये प्रकृति का एंटीना हैं तथा सद्भाव, समृद्धि, सफलता, अच्छे स्वास्थ्य, योग और ध्यान के लिए एक शक्तिशाली उपकरण हैं| अभिमंत्रित मृत्युंजय यंत्र जीवनभर आपको मजबूती प्रदान करेगा| यह सभी असाध्य बीमारियों से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने हेतु आपको सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। मृत्युंजय यंत्र आपके पिता की आयु को बढाने में बेहिसाब सकारात्मक उर्जा प्रदान करेगा| इस यंत्र की नियमित पूजा-अर्चना करने से आपको इसे सक्रिय रखने में मदद मिलेगी।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको 3 इंच आकर के अभिमंत्रित मृत्युंजय यंत्र के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार –

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें – इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

पितृ दिवस 2017 हेतु शक्तिशाली अनुष्ठान

पितृ दिवस हेतु आवश्यक अनुष्ठान

  • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में भगवान शिव का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से वृद्धाश्रम में 7 सदस्यों को अन्नदान किया जाएगा|
Essential Rituals for Father's Day

आपकी जन्मकुंडली में सूर्य आपके पिता को इंगित करता है और भगवान शिव सूर्य के अधिपति हैं पितृ दिवस के दिन आयोजित भगवान शिव से संबंधित यह सामूहिक यज्ञ अनुष्ठान आपके पिता की कुशलता हेतु आशीर्वाद प्रदान करेगा

पितृ दिवस पितृत्व और पुरुष अभिभावकों से संबंधित उत्सव है| 18 जून 2017 को आयोजित यह अनुष्ठान पिता से आपके संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा और रिश्तों में आई सारी नकारात्मकता को दूर कर देगा, फिर भले ही अपने पिता के साथ आपके संबंध कैसे भी क्यों न हों|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार –

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें – इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

पितृ दिवस हेतु वर्धित अनुष्ठान

  • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में भगवान शिव का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से वृद्धाश्रम में 11 सदस्यों को अन्नदान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को भगवान शिव से संबंधित शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
Enhanced Rituals for Father's Day

पितृ दिवस से संबंधित इस वर्धित अनुष्ठान में अवश्य भाग लें| जिसमें भगवान शिव से संबंधित एक सामूहिक यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा| ताकि आपके पिता को सुरक्षा व दैवीय आशीर्वाद प्राप्त हो सके|

प्रेम बांटने तथा मानवता के बीच समृद्धि को अच्छी तरह से बढाने हेतु अन्नदान किया जाता है| दूसरों को देने और उचित समय पर लोगों की सहायता करने का कार्य हमेशा से दुनिया के सभी धर्मों में परोपकार व एक महान कृत्य माना गया है|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार –

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें – इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

पितृ दिवस हेतु उत्कृष्ट अनुष्ठान

  • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को प्रातः 6:00 बजे एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में भगवान शिव का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से वृद्धाश्रम में 21 सदस्यों को अन्नदान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 18 जून 2017 को भगवान शिव से संबंधित शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • 18 जून 2017 को प्रातः 9:15 बजे(भारतीय मानक समयानुसार) एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में आपके पिता के उत्तम स्वास्थ्य हेतु भगवान धन्वन्तरी का सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
Elite Rituals for Father's Day

सूर्य आपके पिता और भगवान शिव को दर्शाता है जो कि जगत पिता हैं तथा सूर्य के अधिपति हैं। पवित्र अग्नि के द्वारा तथा भगवान शिव के आवाहन से आपके पिता को उत्तम स्वास्थ्य व सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होगा| साथ ही आपके संबंध भी उनसे बेहतर बनेंगे और समस्त नकारात्मकता का भी नाश होगा|

वैदिक ग्रंथों के अनुसार, धन्वंतरी यज्ञ आपके पिता के सभी स्वास्थ्य विकारों को दूर करके उन्हें सकारात्मक तरंगें प्रदान करेगा| यह शक्तिशाली यज्ञ आपके पिता की सभी बीमारियों को दूर करने हेतु एक श्रेष्ठ उपाय होगा| यह यज्ञ 18 जून 2017 को एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचार केंद्र में सामूहिक रूप से किया जाएगा|

प्रेम बांटने तथा मानवता के बीच समृद्धि को अच्छी तरह से बढाने हेतु अन्नदान किया जाता है| दूसरों को देने और उचित समय पर लोगों की सहायता करने का कार्य हमेशा से दुनिया के सभी धर्मों में परोपकार व एक महान कृत्य माना गया है|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार –

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें – इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।