मानक समयानुसार)/ रात्रि 10:00 बजे(ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 30 मार्च 2018 को प्रातः 7:30 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)
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“रिश्ते अपूर्व होते हैं… यही कारण है कि जीवन में इनका बहुत महत्व है। आगामी पूर्णिमा दिवस के साथ उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का संयोजन एक बहुत ही महत्वपूर्ण समयकाल है क्योंकि यह संबंधों की भूमिका के बारे में अभ्यस्त बनाता है। यह एक ऐसा समय है जब आप दैवीय विवाह अनुष्ठानों में भाग लेते हुए अपने संबंधों में चल रही समस्याओं को वास्तव में दूर कर सकते हैं। अब ईश्वरीय शक्ति से प्रार्थना कीजिए, प्रार्थना बहुत महत्वपूर्ण है और यह संबंधों के लिए प्रार्थना करने हेतु एक महत्वपूर्ण समय है।” – डॉ. पिल्लै-
दैवीय विवाह के एक विशेष पूर्णिमा दिवस पंगुनी उथिराम पर्व पर एस्ट्रोवेद तीन दैवीय युगलों के लिए विवाह अनुष्ठानों का आयोजन करेगा जिनका विवाह पौराणिक कथाओं के अनुसार इस विशेष दिवस पर संपन्न हुआ था। इस भव्य अनुष्ठान में आपकी भागीदारी संबंधों से जुड़े अशुभ कर्मों को नष्ट करके वैवाहिक समस्याओं को सुलझाने में मदद कर सकती है। पंगुनी उथिराम दिवस संबंधों को सुदृढ़ करने का दिन है तथा यह तमिल माह पंगुनी के दौरान उस समय मनाया जाता है जब चंद्रमा उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर करता है| यदि आप संबंधों से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त हैं या आपके संबंध सार्थक नही हैं या आपके कोई संबंध ही नहीं हैं तो चंद्रमा का आगामी उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर आपकी सहायता कर सकता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार पंगुनी उथिराम वह पूर्णिमा दिवस है जब दैवीय विवाह संपन्न होते हैं इसलिए इस दिन आप दैवीय युगलों की ऊर्जा से आसानी से जुड़ सकते हैं तथा अपने संबंधों में चल रही समस्याओं का समाधान पाने के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। जब चंद्रमा पंगुनी माह (मध्य मार्च से मध्य अप्रैल तक) में उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र से गोचर करता है तब प्रेम, साहचर्य व एकता का समर्थन करने वाली सकारात्मक उर्जाओं का निर्माण होता है| इस दिन दैवीय युगलों की पूजा-अर्चना करने से ईर्ष्या, बुरी नज़र या लालच जैसे नकारात्मक प्रभावों से आपके संबंधों का बचाव हो सकता है जो पारिवारिक जीवन में अशांति का कारण बनते हैं|
इस शक्तिशाली दिव्य विवाह दिवस पर एस्ट्रोवेद निम्नलिखित तीन दैवीय युगलों के निमित विवाह अनुष्ठानों का आयोजन करेगा जिसमें यज्ञ अनुष्ठान भी शामिल होंगे:
पंगुनी उथिराम वैवाहिक जीवन से किसी भी प्रकार की समस्या का शमन करने व संबंधों में सौभाग्य लाने हेतु एक शक्तिशाली दिवस है| यदि किसी का विवाह शुभ समय पर आयोजित नहीं हुआ हो तो यह दिवस वैवाहिक दोषों का शमन करने हेतु उत्तम है| यह दिवस आपको अपने संबंधों को सुदृढ़ करने और उनमें सुधार करने का अवसर प्रदान करता है।
इस शुभ दिवस पर दैवीय युगलों से संबंधित शक्तिशाली अनुष्ठानों में भाग लेकर निम्नलिखित व्यक्तियों को लाभ मिल सकता है:-
इस वर्ष पंगुनी उथिराम पर्व 30 मार्च 2018 को मनाया जाएगा जब चंद्रमा सिंह राशि में सूर्य द्वारा शासित उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र से गोचर करेगा| सूर्य आत्मा व प्रसन्नता का प्रतीक है। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र संरक्षण व एकता से संबंधित है| इसलिए यह दिवस अपने संबंधों से पीडाओं को दूर करने व प्रियजनों के साथ एक सुदृढ़ संबंध स्थापित करने हेतु सबसे उत्तम है| इस दिन दैवीय युगलों की पूजा-अर्चना करने से आपके संबंधों में चल रहे किसी भी प्रकार के विवाद को कम किया जा सकता है। यहाँ तक कि ऐसी समस्याओं का पूर्णतः शमन भी किया जा सकता है|
भगवान मुरुगा से संबंधित इस विशेष दिवस पर उनकी पूजा-अर्चना करने से आपको उनका कृपापूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|
भगवान शिव व देवी पार्वती अविनाशी दैवीय युगल हैं जिन्होंने यह घोषित किया कि पुरुष व स्त्रियाँ प्रेम और सम्मान के मामले में समान हैं। इस दैवीय जोड़ी के निमित विशेष पूजा-अर्चना करने से आपके संबंधों से जुड़े मुद्दे ठीक हो सकते हैं तथा आपका संबंध प्रीतिमय बन सकता है|
भगवान कृष्ण व देवी राधा का दिव्य प्रेम आज भी बिना किसी शर्त के एक आदर्श प्रेम का प्रतीक है| इस प्रेममय दैवीय युगल के निमित पूजा-अर्चना करने से प्रियजन के साथ आपके भावनात्मक संबंधों में वृद्धि हो सकती है तथा संबंधों में चल रहे संघर्ष को सुधारने में भी सहायता मिल सकती है|
पौराणिक कथाओं के अनुसार योद्धा-देव भगवान मुरुगा ने पंगुनी उथिराम दिवस पर देवी देवसेना के साथ विवाह किया था। उनकी पूजा-अर्चना द्वारा आपको एक सुखी विवाहित जीवन प्राप्त हो सकता है|
पंगुनी उथिराम दिवस पर दैवीय संबंधों हेतु इस विशेष यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपको अपने संबंधों के निमित दिव्य संरक्षण प्राप्त हो सकता है तथा वैवाहिक सुख निश्चित रूप से बढ़ सकता है|
शिव व पार्वती, मुरुगा व देवसेना तथा कृष्णा व राधा आदि दैवीय युगलों के निमित होने वाले इन विवाह अनुष्ठानों में भाग लेने से आपको उत्तम संबंधों के लिए आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है| साथ ही प्रेम संबंध सुदृढ़ बनकर युगलों के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो सकता है|
पंगुनी उथिराम एक विशेष पूर्णिमा दिवस है जो वर्ष में केवल एक बार आता है| यह दिवस बुरे संबंधों से जुड़े कर्मों का शमन करने, वैवाहिक समस्याओं का समाधान करने तथा आपके जीवन में एक प्रेमपूर्ण संबंध लाने के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन संबंधों को सुदृढ़ करने हेतु अनोखी ऊर्जा व कृपा उपलब्ध होती है| अपने संबंधों के निमित दैवीय संरक्षण प्राप्त करने हेतु हमारे इस पंगुनी उथिराम आवश्यक अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
पंगुनी उथिराम एक विशेष पूर्णिमा दिवस है जो वर्ष में केवल एक बार आता है| यह दिवस बुरे संबंधों से जुड़े कर्मों का शमन करने, वैवाहिक समस्याओं का समाधान करने तथा आपके जीवन में एक प्रेमपूर्ण संबंध लाने के लिए प्रसिद्ध है। यह वह पूर्णिमा दिवस है जब दैवीय विवाह संपन्न होते हैं इसलिए इस दिन आप दैवीय युगलों की ऊर्जा से आसानी से जुड़ सकते हैं तथा अपने संबंधों में चल रही समस्याओं का समाधान पाने के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। अपने संबंधों के निमित दैवीय संरक्षण प्राप्त करने हेतु हमारे इस पंगुनी उथिराम वर्धित अनुष्ठान में अवश्य भाग लें
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
पंगुनी उथिराम एक विशेष पूर्णिमा दिवस है जो वर्ष में केवल एक बार आता है| यह दिवस बुरे संबंधों से जुड़े कर्मों का शमन करने, वैवाहिक समस्याओं का समाधान करने तथा आपके जीवन में एक प्रेमपूर्ण संबंध लाने के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन संबंधों को सुदृढ़ करने हेतु अनोखी ऊर्जा व कृपा उपलब्ध होती है| इसलिए इस दिन आप दैवीय युगलों की ऊर्जा से आसानी से जुड़ सकते हैं तथा अपने संबंधों में चल रही समस्याओं का समाधान पाने के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। अपने संबंधों में सुधार लाने व उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए हमारे इस पंगुनी उथिराम उत्कृष्ट अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
सुब्रमण्य यंत्र आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बेहतर ऊर्जा प्रदान करने हेतु काफी प्रभावशाली है। इस यंत्र को पंगुनी उथिराम पर्व से संबंधित अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित किया जाएगा। इस यंत्र में अनुष्ठानों से निकली ऊर्जा समाहित होगी और आप घर पर अन्य अनुष्ठानों के द्वारा भी इसे ऊर्जावान रख सकते हैं। इस अभिमंत्रित यंत्र को अपने पूजा स्थल पर स्थान देकर पूजा-अर्चना करने से आप भगवान मुरुगा की कृपा व आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित सुब्रमण्य यंत्र के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला सुब्रमण्य यंत्र तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
कई महिलाओं को एक ऐसे व्यक्ति से मिलना मुश्किल लगता है, जिससे वे वास्तव में जुड़ सकती हैं। कुछ महिलाओं को ऐसा व्यक्ति मिलना मुश्किल लगता है। जबकि अन्य महिलाओं को किसी पुरुष को आकर्षित करना एक गंभीर समस्या नहीं लगती बल्कि सही पुरुष को आकर्षित करना चुनौतीपूर्ण लगता है। पुरूष वश्य यंत्र महिलाओं को किसी भी पुरुष को आकर्षित करने की क्षमता प्रदान करता है तथा उनके साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में भी मदद करता है। वे महिलाएं जो अपने साथी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहती हैं उन्हें इस यंत्र को अवश्य प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि इस यंत्र की मदद से उन्हें त्वरित लाभ मिलता है। इस पुरुष वश्य यंत्र को पंगुनी उथिराम पर्व के समय एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान केंद्र(चेन्नई) में होने वाले अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित किया जाएगा।
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित पुरुष वश्य यंत्र के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला स्त्री वश्य यंत्र तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
एक स्त्री के साथ आकर्षण उत्पन्न होना सिर्फ आपके हाथ में ही नहीं है। उसके मन में आपके प्रति भावनाएं हो सकती हैं और नहीं भी। जब आपको नहीं पता होता कि एक स्त्री के साथ उस आकर्षण को कैसे उत्पन्न किया जाता है, तो आसपास के हालातों को बदलना असंभव लग सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह असंभव लग सकता है परंतु असंभव नहीं है। वे पुरुष जो एक बेहतर संबंध की तलाश में हैं, उन्हें इस यंत्र का प्रयोग अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह त्वरित लाभ देता है। इस स्त्री वश्य यंत्र को पंगुनी उथिराम पर्व के समय एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान केंद्र(चेन्नई) में होने वाले अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित किया जाएगा।
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित स्त्री वश्य यंत्र के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला स्त्री वश्य यंत्र तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
सर्व ऐक्य महा यंत्र जोड़ों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह पुरुषों और महिलाओं को एक-दूसरे के प्रति आकर्षित करने में मदद करता है और आप अपने सच्चे प्यार को प्राप्त करके शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं। इस सर्व ऐक्य महा यंत्र को पंगुनी उथिराम पर्व के समय एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान केंद्र(चेन्नई) में होने वाले अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित किया जाएगा।
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित सर्व ऐक्य महा यंत्र के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला अभिमंत्रित सर्व ऐक्य महा यंत्र तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
पंगुनी उथिराम दिवस पर शुक्र ग्रह के निमित होने वाले इस व्यक्तिगत यज्ञ हेतु अपना पंजीकरण करवाएं| प्रेम व संबंधों से जुड़े इस ग्रह के निमित यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपको अपने प्रेम जीवन को सुधारने में सहायता मिल सकती है तथा गलतफहमी या अहंकार से उत्पन्न विवाद दूर हो सकते हैं|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
पंगुनी उथिराम दिवस पर दिव्य संबंधों के निमित होने वाले इस व्यक्तिगत यज्ञ हेतु अपना पंजीकरण करवाएं| इस विशेष यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपको अपने संबंधों के निमित दिव्य संरक्षण प्राप्त हो सकता है तथा वैवाहिक सुख निश्चित रूप से बढ़ सकता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।