पवित्र श्री कैसिना वेंधर पेरूमल(विष्णु) मंदिर में अन्नदान, थिरुकल्यानम(विवाह अनुष्ठान) व श्री पुष्प यज्ञम(पुष्प अनुष्ठान)
प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, समृद्धि व शांति हेतु पवित्र अनुष्ठान 10 मार्च से 21 मार्च 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
10 मार्च से 21 मार्च 2018 तक 12 दिनों के लिए एस्ट्रोवेद तमिलनाडु में एक पवित्र शक्तिस्थल पर पंगुनी ब्रह्मोत्सव (पंगुनी तमिल माह में भगवान विष्णु के निमित भव्य अनुष्ठान) अनुष्ठान को प्रायोजित करेगा| यह विष्णु शक्तिस्थल बहुत ही खास है क्योंकि यह 108 दिव्य विष्णु मंदिरों में 52 वें स्थान पर तथा नव तिरुपति मंदिरों(तमिलनाडु में 9 विष्णु मंदिरों का पवित्र समूह) में 3सरे स्थान पर है| इस शक्तिस्थल से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार बुध (बुध ग्रह) ने यहाँ स्थापित देवता की पूजा-अर्चना की थी तथा इंद्र (देवों के स्वामी) ने इस शक्तिस्थल पर ब्रह्महत्या दोष ( ब्राह्मण की हत्या के कारण उत्पन्न शाप) से मुक्ति पाई थी| प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, समृद्धि, शांति और सफलता हेतु डॉ. पिल्लै आपको भगवान विष्णु के साथ जुड़ने के लिए इन भव्य अनुष्ठानों को प्रायोजित कराने और इनमें भाग लेने की सलाह देते हैं|
पंगुनी ब्रह्मोत्सव (भव्य विष्णु अनुष्ठान) तमिलनाडु के थुथुकुड़ी में प्राचीन विष्णु शक्तिस्थल पर आयोजित किया जाएगा। यहाँ स्थापित अधिपति देव की प्रतिमा (विश्राम अवस्था में भगवान विष्णु ) अनोखी व सुंदर है जिसमें उनके हाथ तिरुपति बालाजी (विष्णु) के समान विश्राम मुद्रा की अवस्था में हैं तथा ब्रह्मा जी (सृष्टि के निर्माता) उनके नाभि स्थल से बाहर निकल रहे हैं| यह तमिलनाडु के दक्षिण में एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान विष्णु की सुंदर आभूषणों से सजी प्रतिमा विश्राम अवस्था में मौजूद है| ऐसे पवित्र शक्तिस्थल पर जिसकी प्रशंसा बारह वैष्णव संतों में से एक नम्माल्वर ने की है, एस्ट्रोवेद 10 मार्च से 21 मार्च 2018 तक भव्य विष्णु अनुष्ठानों को प्रायोजित करेगा।
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के निमित होने वाले इन अनुष्ठानों में भाग लेकर आप उन्हें प्रसन्न करके निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं:-
भूखे व्यक्ति को भोजन कराना ईश्वरीय कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल माध्यम है| शास्त्रों के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना सभी दानों में सबसे ऊंचा है। मान्यता है कि अन्नदान के द्वारा आप सकारात्मक ऊर्जा और मन की शांति को आकर्षित कर सकते हैं।
पवित्र शक्तिस्थल पर देवी लक्ष्मी व भगवान विष्णु से संबंधित इस थिरुकल्यानम अनुष्ठान (विवाह अनुष्ठान) में भाग लेने से आपको दिव्य युगल की दिव्य कृपा प्राप्त हो सकती है|
पुष्प यज्ञम भगवान विष्णु के निमित पुष्पों पर आधारित एक भव्य अनुष्ठान है जिसमें शक्तिस्थल पर हज़ारों की संख्या में 12 प्रकार के ताजे पुष्पों को भगवान उर्चव मूर्ति जी को अर्पित किया जाता है| इस प्रक्रिया में देवताओं को एक विशेष मंच पर बिठाकर पवित्र स्तोत्र व मंत्रोच्चारण द्वारा 12 प्रकार के रंगीन व सुगंधित पुष्प अर्पित किए जाते हैं| यह अनुष्ठान भगवान विष्णु के वैभव व भव्यता का साक्षी बनने व उसका आनंद लेने के लिए उत्कृष्ट है तथा इससे उनकी कृपा भी प्राप्त होती है|
पंगुनी ब्रह्मोत्सव (भव्य विष्णु अनुष्ठान) तमिलनाडु के थुथुकुड़ी में प्राचीन विष्णु शक्तिस्थल पर आयोजित किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, समृद्धि, शांति और सफलता हेतु डॉ. पिल्लै आपको भगवान विष्णु के साथ जुड़ने के लिए इन भव्य अनुष्ठानों को प्रायोजित कराने और इनमें भाग लेने की सलाह देते हैं| प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, समृद्धि व शांति हेतु पंगुनी ब्रह्मोत्सव अनुष्ठानों के प्रायोजक बनें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।