नकारात्मकता, शत्रुता व दुर्भाग्य पर विजय पाने व प्रचुर कृपा प्राप्त करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति
सीधा प्रसारण 28 अप्रैल 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
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“आधे नर व आधे सिंह के रूप में भगवान नृसिंह एक देवदूत हैं जो कठिनाइयों से लोगों की रक्षा करते हैं| नृसिंह अग्नि के रूप में
प्रकट होते हैं वे बहुत भयावह रूप वाले आधे सिंह व आधे नर हैं| यहां तक कि मृत्यु के देवता भी उनसे डरते
हैं| यदि आप उनसे प्रार्थना करते हैं तो वह आपकी रक्षा करेंगे| एस्ट्रोवेद दिव्य देवदूत भगवान नृसिंह
के अवतरण पर अनेक शक्तिशाली अनुष्ठानों का आयोजन करेगा|” ”
–डॉ. पिल्लै
नृसिंह भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार हैं जो आपके शत्रुओं को नष्ट कर सकते हैं, बुरी शक्तियों व दुर्भाग्य का नाश कर सकते हैं तथा आपको रोगों से बचा सकते हैं। भगवान विष्णु के समस्त अवतारों में इन्हें सबसे प्रचंड माना जाता है| वह मुख्य रूप से एक ‘महान रक्षक’ हैं जिनका मुख सिंह समान व धड़ मनुष्य जैसा है| मान्यता है कि उनके जन्मदिवस पर प्राचीन ग्रंथों के अनुसार अनुष्ठान व पूजा-अर्चना करने से आपको विजय, समृद्धि व प्रचुरता का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।
भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर उनकी महान कृपा प्राप्त करने के लिए एस्ट्रोवेद एक भव्य समारोह का आयोजन करने जा रहा है जिसमें नृसिंह जी के 9 रूपों (जिन्हें नव नृसिंह भी कहा जाता है) का आवाहन नृसिंह कवच व नृसिंह सहस्त्रनाम (भगवान नृसिंह के 1000 नाम) के पाठ द्वारा किया जाएगा|
वैदिक ग्रंथों व पुराणों में भगवान नृसिंह के 9 उग्र रूप बताए गए हैं| एस्ट्रोवेद एक भव्य अनुष्ठान का आयोजन करने जा रहा है जिसमें नृसिंह जी के 9 रूपों का आवाहन किया जाएगा जिन्हें नव नृसिंह भी कहा जाता है| भगवान नृसिंह के 9 रूपों में से प्रत्येक रूप एक अनोखी कृपा प्रदान करता है-
भगवान नृसिंह का दिव्य रूप |
प्राप्त होने वाली कृपा |
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श्री उग्र नृसिंह |
भगवान नृसिंह का यह रूप व्यवसाय को विकसित करने, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा को जीतने और समस्त प्रकार के भय पर काबू पाने में आपकी मदद कर सकता है| |
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श्री योग नृसिंह |
इनकी कृपा द्वारा आपको कठिनाइयों को दूर करके शांति प्राप्त करने तथा आपसी सदभाव व आंतरिक आनंद प्राप्त करने में मदद मिल सकती है| |
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श्री ज्वाला नृसिंह |
भगवान नृसिंह का यह रूप आपकी स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने और सभी प्रयासों में आपको सफलता दिलवाने में मदद कर सकता है| |
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श्री भार्गव नृसिंह |
नेतृत्व गुणों को हासिल करने और राजनीतिक व प्रशासनिक शक्तियों को प्राप्त करने में भगवान नृसिंह का यह रूप आपकी मदद कर सकता है| |
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श्री क्रोध नृसिंह |
भगवान नृसिंह का यह रूप आपकी बाधाओं को दूर करके रियल एस्टेट कारोबार में विकास सुनिश्चित करता है तथा भूमि विवादों को जीतने में आपकी मदद करता है| |
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श्री पवन नृसिंह |
भगवान नृसिंह का यह शांतिपूर्ण रूप आपको अतीत व वर्तमान जीवन में किये गये पापों से मुक्त कर सकता है तथा आपको करुणा और प्रेम से भर सकता है| |
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श्री मलोला नृसिंह |
यह रूप आपको ब्रह्मानंद (अनंत ख़ुशी) प्रदान करके परिवार व संबधों से जुड़ीं समस्याओं से उभरने में सहायता कर सकता है। यह रूप आपको ऋण मुक्त करके अष्ट ऐश्वर्य(8 प्रकार की संपति) प्रदान करता है| |
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श्री छत्रवत नृसिंह |
इस रूप में वे आपको संगीत व कला में प्रवीणता तथा उत्कृष्टता हासिल करने और जीवन में सर्व सुखों को प्राप्त करने के लिए आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं| |
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श्री कारंजा नृसिंह |
इस रूप में वे आपकी शत्रुओं से रक्षा कर सकते हैं| इसके साथ ही आपकी इच्छाओं को पूर्ण करके ज्ञान प्रदान करते हैं| |
भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर हमारे अनुभवी वैदिक पुजारी ब्रह्मांड पुराण में वर्णित नृसिंह कवचम (भगवान नृसिंह का कवच) व नृसिंह पुराण में वर्णित नृसिंह सहस्त्रनाम (भगवान नृसिंह के 1000 नाम) का पाठ करेंगे| पवित्र ग्रंथों के अनुसार इन शक्तिशाली स्तोत्रों के पाठ द्वारा आपको निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त हो सकते हैं:
नृसिंह जयंती दिवस पर चंद्रमा हस्त नक्षत्र व बुध द्वारा शासित कन्या राशि से गोचर करेगा| आप जो कुछ चाहते हैं हस्त नक्षत्र में वो सब प्रदान करने की शक्ति है| यह दिवस भगवान नृसिंह की कृपा प्राप्त करने तथा जीवन में अपनी समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने हेतु एक आदर्श समयावधि है| इसके अलावा इस दिन चंद्रमा बुध व शनि से दृष्ट होगा जिससे यह दिन भगवान नृसिंह की पूजा-अर्चना करने हेतु एक शक्तिशाली दिवस रहेगा|
भगवान नृसिंह के नौ रूपों के निमित यज्ञ अनुष्ठान करने से आपको उनके समस्त नौ दिव्य रूपों की संयुक्त कृपा प्राप्त हो सकती है तथा आप व आपके प्रियजनों को दैवीय सुरक्षा प्राप्त हो सकती है|
भगवान नृसिंह के उग्र, क्रोध व लक्ष्मी नृसिंह स्वरूपों के निमित पूजा-अर्चना करने से भय व संबंधों से जुडी समस्याएं दूर हो सकती हैं व्यापार(विशेष रूप से भू-संपति से जुड़ा व्यवसाय) को विकसित करने में सहायता मिल सकती है, कर्ज से मुक्ति मिलकर अष्ट ऐश्वर्य (8 प्रकार की संपति) की प्राप्ति हो सकती है|
भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर इन दो पवित्र स्तोत्रों के पाठ द्वारा आपको उत्तम स्वास्थ्य व धन-संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है, समस्त पाप व बाधाएं नष्ट हो सकती हैं, रोगों से मुक्ति मिल सकती है, बुरी शक्तियां नष्ट होकर मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है|
डॉ. पिल्लै कहते हैं कि नृसिंह एक ईश्वर हैं एक खगोलीय अस्तित्व हैं जो किसी के शारीरिक, मानसिक व बाहरी नकारात्मकता को नष्ट करने के लिए एक रूप धारण कर सकते हैं| लक्ष्मी नृसिंह जी की कृपा पाने व अपनी मनोवैज्ञानिक बाधाओं को नष्ट करके सांसारिक सफलता प्राप्त करने हेतु इस व्यक्तिगत लक्ष्मी नृसिंह यज्ञ हेतु पंजीकरण करवाएं| आपकी प्रार्थना आपको ईर्ष्या, अहंकार व हठ जैसे उन समस्त नकारात्मक गुणों से मुक्ति दिला सकती है जो आपको अपने जीवन में आगे बढ़ने से रोकते हैं| नकारात्मकता, शत्रु व दुर्भाग्य से बचाव हेतु इस अनुष्ठान में भाग लेकर लक्ष्मी नृसिंह जी की दैवीय सुरक्षा प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।””
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
नृसिंह भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार हैं जो आपके शत्रुओं को नष्ट कर सकते हैं, बुरी शक्तियों व दुर्भाग्य का नाश कर सकते हैं तथा आपको रोगों से बचा सकते हैं। भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर उनकी महान कृपा प्राप्त करने के लिए एस्ट्रोवेद एक भव्य अनुष्ठान व उनके तीन पवित्र शक्तिस्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन करने जा रहा है| भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर शत्रु, दुर्भाग्य व नकारात्मकता पर विजय प्राप्त करने हेतु इस अनुष्ठान में भाग लेकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
” यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।””
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
नृसिंह भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार हैं जो आपके शत्रुओं को नष्ट कर सकते हैं, बुरी शक्तियों व दुर्भाग्य का नाश कर सकते हैं तथा आपको रोगों से बचा सकते हैं। भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर उनकी महान कृपा प्राप्त करने के लिए एस्ट्रोवेद एक भव्य अनुष्ठान व उनके तीन पवित्र शक्तिस्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन करने जा रहा है| भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर शत्रु, दुर्भाग्य व नकारात्मकता पर विजय प्राप्त करने हेतु इस अनुष्ठान में भाग लेकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।””
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
नृसिंह भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार हैं जो आपके शत्रुओं को नष्ट कर सकते हैं, बुरी शक्तियों व दुर्भाग्य का नाश कर सकते हैं तथा आपको रोगों से बचा सकते हैं। भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर उनकी महान कृपा प्राप्त करने के लिए एस्ट्रोवेद एक भव्य अनुष्ठान व उनके तीन पवित्र शक्तिस्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन करने जा रहा है| भगवान नृसिंह के जन्मदिवस पर शत्रु, दुर्भाग्य व नकारात्मकता पर विजय प्राप्त करने हेतु इस अनुष्ठान में भाग लेकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।””
कृपया ध्यान: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।