यह दिवस आपकी माता का है तथा उनका आशीर्वाद आपके लिए है|
सीधा प्रसारण 12 मई 2018 को सांयकाल 7:30 बजे (पैसेफिक मानक समयानुसार)/ रात्रि 10:30 बजे (ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 13 मई 2018 को प्रातः 8:00 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)
Day(s)
:
Hour(s)
:
Minute(s)
:
Second(s)
“यदि आप अपने जीवन में चमत्कार का अनुभव करना चाहते हैं तो आपको अपनी माता के साथ पुनः संबंध स्थापित करना चाहिए। यदि वह दिवंगत हो चुकी हैं तो भी आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि आत्मा कभी नहीं मरती है| मुझे याद है, कोई कह रहा था कि किसी देश को इस बात से आंका जाता है कि वहां रहने वाली महिलाओं से किस प्रकार व्यवहार होता है| यह एक पूर्ण सत्य है। मुझे पता है कि आप में से कुछ लंबे समय से अपनी माता से बातचीत नहीं कर रहे हैं। उनसे मुलाकात करें व उन्हें इस बात का अहसास कराएं कि आप उनसे प्यार करते हैं। बस अपनी माता के साथ पुनः संपर्क स्थापित करके आप निश्चित रूप से अपने जीवन में चमत्कार देखेंगे।”
– डॉ. पिल्लै
मातृ दिवस हमारे जीवन में उन समस्त महिलाओं के प्रति कृतज्ञता को पहचानने और महसूस करने का समय है जिन्होंने हमें बड़ा किया तथा हमें प्रेम दिया| समस्त माताएँ दैवीय माँ पार्वती का जीवित स्वरुप होती हैं। संसार की अधिकांश समस्याएं स्त्री ऊर्जा को जानबूझकर कम महत्व देने के कारण उत्पन्न हुई हैं| स्त्री शुद्धता व शर्त रहित प्रेम का प्रतिनिधित्व करती है। माता आप की देखभाल करने के लिए ईश्वर द्वारा बनाई गई देवदूत हैं जो आपको असीमित प्रेम प्रदान करती है| वह प्रेम, दया, सौंदर्य, बुद्धिमत्ता और करुणा की अवतार हैं|
इस मातृ दिवस पर एस्ट्रोवेद के विशेष अनुष्ठानों में भाग लेकर अपने प्रेम व सम्मान को अपनी माता के समक्ष व्यक्त करें। इस विशेष दिवस पर बुजुर्गों के निमित भोजन व वस्त्रों का आयोजन करवाकर तथा केरल शक्तिस्थल पर आपकी माता के नाम से होने वाले पवित्र यज्ञ व अनोखे पुष्पार्पण अनुष्ठान में भाग लेकर अपनी माता का सम्मान व उनका आभार व्यक्त करें|
भगवान शिव की पत्नी देवी पार्वती को सार्वभौमिक माता माना जाता है। वह हर किसी से अपनी संतान की तरह व्यवहार करती है और उसकी रक्षा करती है। देवी वह शक्ति या उर्जा है जो पृथ्वी पर प्रत्येक वस्तु या व्यक्ति के भीतर बहती है। वह दैवीय स्त्री ऊर्जा हैं जो संपूर्ण ब्रह्मांड में प्रसन्नता व सद्भाव उत्पन्न कर सकती है। इस विशेष दिवस पर अपनी माता या माता समान किसी भी स्त्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु व प्रसन्नता हेतु इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान में भाग लें|
पवित्र ग्रंथों के अनुसार इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान में देवी पार्वती के आह्वान द्वारा आपको निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त हो सकते हैं:
इस दिन चंद्रमा मीन राशि के अंतर्गत बुध द्वारा शासित रेवती नक्षत्र में रहेगा| मातृ दिवस अपनी माता से समस्त दुखों के लिए माफी मांगने व उनके साथ अपने प्रेम व भावनात्मक संबंध को मजबूत करने के लिए एक आदर्श दिन है| इस दिन की नक्षत्रीय ऊर्जा पोषण, सुरक्षा आदि से भरपूर है| इस प्रकार यह उर्जा आपकी माता द्वारा किए गए समस्त बलिदानों के प्रति आभार व्यक्त करने हेतु इस दिन को सर्वोत्तम बनाती है|
चूंकि इस दिन चंद्रमा प्राकृतिक राशिचक्र के 12वें भाव से गोचर करेगा इसलिए यह दिवस अपनी दिवंगत माता या माता समान स्त्री के निमित तर्पण अनुष्ठान करने हेतु श्रेष्ठ है| धन-संपति से जुड़ा रेवती नक्षत्र आपको अपने परिवार में माता या माता समान स्त्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करके प्रचुरता को आकर्षित करने में मदद कर सकता है|
इस अनोखे केरलीय शैली पुष्पार्पण अनुष्ठान में पवित्र स्तोत्र आयुष सूक्तम(एक लंबे और स्वस्थ जीवन हेतु स्तुति) के मंत्रोच्चारण द्वारा आपकी माता को दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो सकती है|
शास्त्रों के अनुसार सार्वभौमिक माता देवी पार्वती के निमित यह पवित्र यज्ञ अनुष्ठान करने से आपकी माता को कृपापूर्ण आशीर्वाद व सुरक्षा प्राप्त हो सकती है|
बुजुर्गों के निमित वस्त्र व अन्न का दान करने से प्रेम में वृद्धि होती है तथा मानवता का कल्याण हो सकता है|
इस मातृ दिवस पर एस्ट्रोवेद के विशेष अनुष्ठानों में भाग लेकर अपने प्रेम व सम्मान को अपनी माता के समक्ष व्यक्त करें। अपनी माता के समग्र स्वास्थ्य, कल्याण और दीर्घायु हेतु इन मातृ दिवस अनुष्ठानों में अवश्य भाग लें ताकि उन्हें दिव्य आशीर्वाद प्राप्त हो सकें। आपकी तरफ से 13 मई 2018 को एस्ट्रोवेद के यज्ञ अनुष्ठान व उपचारात्मक केंद्र में सार्वभौमिक माता देवी पार्वती के निमित एक भव्य यज्ञ किया जाएगा| यह यज्ञ अनुष्ठान देवी माँ की कृपा प्राप्त करने में मदद करेगा। इस दिन केरल शक्तिस्थल पर एक विशेष पुष्पार्पण अनुष्ठान भी किया जाएगा|
वस्त्र व अन्न का दान करने से प्रेम में वृद्धि होती है तथा मानवता का कल्याण हो सकता है| जब आप महान कार्यों को बढ़ावा देने के लिए भाग लेते हैं तो आप छोटी मानसिकता में नहीं फंसते हैं| दूसरों को देने व उचित समय पर लोगों की मदद करने के कार्य को संसार के समस्त धर्मों में हमेशा सबसे महान परोपकारी कार्य समझा जाता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।””
ककृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
मातृ दिवस पर आयुर्देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु इस व्यक्तिगत आयुष यज्ञ अनुष्ठान में अवश्य भाग लें जो आपकी माता को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य व मानसिक आघात से राहत दे सकता है| आयुर्देवता जीवनी ऊर्जा के देवता हैं जो आध्यात्मिक और भौतिक स्तर पर जिम्मेदारियों को संभालने की क्षमता प्रदान करते हैं|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
मातृ दिवस पर मृत्युंजय का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु इस व्यक्तिगत मृत्युंजय यज्ञ अनुष्ठान में अवश्य भाग लें जो आपकी माता को समस्त खतरों से बचा सकते हैं तथा उन्हें दीर्घायु प्रदान कर सकते हैं| इस यज्ञ अनुष्ठान से उत्पन्न कपंन आपकी माता की चौतरफा सुरक्षा करते हैं तथा उन्हें रोगों से बचाव हेतु सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।