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भगवान विष्णु की कृपा द्वारा संपति व उच्च ज्ञान प्राप्त करें।


अनोखा संयुक्त अनुष्ठान: पाँच पुजारियों द्वारा भगवान भू वराह व हयग्रीव से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान

वैदिक कार्यपद्धति द्वारा उच्च ज्ञान व संपति प्राप्त करें।
सीधा प्रसारण 1 मार्च 2017 को रात्रि 08:00 बजे (पैसेफिक समयानुसार)/ रात्रि 11:00 बजे(ईस्टर्न समयानुसार)/ 2 मार्च 2017 को प्रातः 09:30 बजे(भारतीय मानक समयानुसार)


“हयग्रीव इस शब्द का वस्तुतः अर्थ है- अश्व की मुख-आकृति वाला। आदर्शरूप भगवान विष्णु का यह ऐसा अवतार है जो आपको महान बुद्धिमता प्रदान कर सकता है। भगवान हयग्रीव का ध्यान करने अथवा इनके चित्र को देखने से आप एक अलग ही चेतना में चले जाएंगे।”

Dr. Pillai

भगवान विष्णु का हयग्रीव अवतार आपको ज्ञान व बुद्धिमता प्रदान करता है।-

भगवान विष्णु का अनोखा हयग्रीव अवतार आपको ज्ञान व तात्कालिक समझ प्रदान करता है। जो व्यक्ति विश्लेषणात्मक व सहजज्ञान से युक्त बुद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें भगवान विष्णु के इस हयग्रीव रूप से अवश्य जुड़ना चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हयग्रीव पवित्र वेदों को असुरों के कब्ज़े से वापस लाए थे। वे आपको भी अज्ञानता के चक्रव्यूह से वापस ला सकते हैं। भगवान हयग्रीव विद्या व ज्ञान की देवी सरस्वती के गुरु माने जाते हैं इसलिए वे आपकी विचार प्रक्रिया को स्पष्टता प्रदान करते हैं। ताकि आप जीवन में आने वाली सबसे मुश्किल समस्याओं पर विजय प्राप्त कर सकें।

भगवान विष्णु भू वराह के रूप में संपूर्ण विश्व के रक्षक हैं।-

भू वराह जिनका स्वरुप विशाल जंगली शूकर जैसा है, इन्हें भगवान विष्णु के दस अवतारों में से तीसरा अवतार माना जाता है। इन्होंने हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध करके पृथ्वी को रसातल में जाने से बचाया था। रसातल को विभिन्न प्रकार के पातालों में से एक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु ने शूकर रूप में अवतार ग्रहण करके असुरों द्वारा महासागर में छुपाई गई पृथ्वी को अपने दाँतों से बाहर निकालकर उसे अपनी धुरी में स्थापित किया था। अगर आप अपने भू-संपति से संबंधित कारोबार को चलाने में परेशानियाँ झेल रहे हैं अथवा वास्तुविद हैं या भूमि-संपति संबंधी किसी भी व्यवसाय में हैं तो आपको भगवान विष्णु के इस भू वराह अवतार से अवश्य जुड़ना चाहिए। भगवान भू वराह की सुरक्षात्मक शक्ति द्वारा आप भूमि-संपति के माध्यम से अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर सकते हैं। साथ ही अपने व्यापार संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा पा सकते हैं।

अनोखा संयोग- भगवान हयग्रीव व भू वराह से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान के लाभ-

पहली बार एस्ट्रोवेद आपको एक ऐसा अनोखा अवसर प्रदान कर रहा है। जिसमे भगवान विष्णु के इन दो अनोखे अवतारों से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आप असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं। पवित्र वैदिक ग्रंथों के अनुसार इस धार्मिक यज्ञ अनुष्ठान में शामिल होकर आप निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं:-

भगवान हयग्रीव संबंधी यज्ञ अनुष्ठान से मिलने वाले लाभ:-
  • आपकी विचार प्रक्रिया स्पष्ट होती है।
  • समस्याओं से निपटने हेतु आपको तात्कालिक सूझ-बूझ मिलती है।
  • आपकी विश्लेषण क्षमता व अंतर्ज्ञान शक्ति में वृद्धि होती है।
  • आपका ज्ञान बढ़ता है व बुद्धि प्रखर होती है।
भगवान भू वराह संबंधी यज्ञ अनुष्ठान से मिलने वाले लाभ:-
  • आपको संपति व समृद्धि प्राप्त होती है।
  • भूमि व संपति संबंधित विवाद में आपकी विजय होती है।
  • आपको ज्यादा से ज्यादा भूमि-संपति का स्वामित्व प्राप्त होता है
  • वास्तु संबंधी समस्याओं से आपको छुटकारा मिलता है।
  • आपके घर,ऑफिस व व्यापारिक स्थल में सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि होती है।

इस शुभदिवस पर ग्रहीय सहयोग

02 मार्च 2017 को ग्रहीय ऊर्जा आपकी प्रार्थनाओं को आशीर्वाद में बदलने हेतु सहयोग प्रदान करेगी। इस दिन अश्विनी नक्षत्र है, जिसके स्वामी अश्विनी कुमार माने जाते हैं। अश्विनी कुमारों को अश्व-मुख आकृति का आकाशीय चिकित्सक माना जाता है। इस नक्षत्र के इष्टदेव आपको भगवान हयग्रीव का आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद करते हैं।

इस दिन चंद्र व मंगल मेष राशि में रहेंगे। इस राशि का स्वामी मंगल है, जोकि भूमिपुत्र (पृथ्वी का पुत्र) है। भूमि व संपति प्राप्त करने के लिए इस दिन का ग्रहीय सहयोग भगवान विष्णु की भू वराह रूप में पूजा करने के लिए उपयुक्त है। यह दिन भूमि संबंधी विवादों में कोई सकारात्मक कदम उठाने के लिए भी उत्तम है।

संपति व ज्ञान प्राप्ति हेतु पैकेजेस

WEALTH & WISDOM PACKAGE SERVICES
  • इस अनुष्ठान में पाँच पुजारियों द्वारा भगवान भू वराह व हयग्रीव से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा।
  • इन देवताओं से संबंधित तीन पवित्र मंदिरों में आपकी तरफ से पूजा-अर्चना की जाएगी।
  • आपको भगवान हयग्रीव व भू वराह दोनों की अभिमंत्रित छोटी मूर्तियाँ प्रदान की जाएँगी।

पहली बार एस्ट्रोवेद आपको एक ऐसा अनोखा अवसर प्रदान कर रहा है, जिसमे भगवान विष्णु के इन दो अनोखे अवतारों से संबंधित यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आप असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं। भगवान हयग्रीव आपको अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालते हैं, जबकि भगवान भू वराह की सुरक्षात्मक शक्ति भूमि-संपति के माध्यम से आपकी आमदनी में वृद्धि करती है। आप व्यापार संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा पाते हैं।

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको सभी अभिमंत्रित उत्पाद (भगवान हयग्रीव व भू वराह दोनों की सिद्ध मूर्तियाँ) के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण का दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै इसे इस प्रकार समझाते हैं-

” यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले सभी उत्पाद व प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।