“डॉ. पिल्लै- “ हनुमान जी आज भी जीवित हैं तथा मानवता की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं| प्रत्येक देवता एक निश्चित समय अवधि पर जीवित हो जाते हैं| यह देव ऐसे कार्य कर सकता है जिन्हें करना मनुष्य के लिए असंभव है| यह इस देवता के साथ संबंध स्थापित करने से जुड़ा विषय है| हनुमान जयंती के उपलक्ष्य पर एस्ट्रोवेद ने हनुमान जी के निमित अनेक अनुष्ठान करने की योजना बनाई है और मैं चाहता हूं कि आप इसका लाभ उठाएं।””

Dr.Pillai Talks about Hanuman
Watch The Hanuman Jayanthi 2016 Ceremony
भगवान शिव के अवतार हनुमान जी की अखंड भक्ति प्रसिद्ध है। उनकी निष्कपट भक्ति ही उनकी उत्कृष्ट शक्तियों का स्रोत है तथा सके प्रताप से उन्होंने इतना उच्च पद प्राप्त किया है कि वे 9 ग्रहों को नियंत्रित करते हैं| 18 दिसंबर को मर्गाज्ही माह (दिसंबर-जनवरी) के दौरान अमावस्या व मूल नक्षत्र के दिन उनका जन्मदिवस मनाया जाएगा| हनुमान जयंती(जन्मदिवस) एक ऐसा महत्वपूर्ण समय है जब हनुमान जी की ऊर्जा प्रचुरता से उपलब्ध होती है तथा उनका अनोखा आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु भी यह सबसे उत्तम दिन है। इस शुभावसर पर एस्ट्रोवेद ने आपके लिए विशेष शक्तिशाली अनुष्ठानों की व्यवस्था की है। हनुमान जी के आशीर्वाद द्वारा आपकी आत्मा को पुनर्जीवन प्राप्त होगा तथा आप अजेय साहस और शक्ति से भर जाएंगे| शनि ग्रह के दुष्प्रभाव पर काबू पाने हेतु भी उनकी पूजा विशेष सहायक होती है|
यह हनुमान जयंती बहुत ही दुर्लभ है क्योंकि इस पर्व पर 12 वर्ष में एक बार आने वाला ऐसा अनोखा ग्रहीय संयोग बन रहा है जिसमें भाग्य के नवम भाव में धनु राशि में सूर्य और चंद्रमा शनि के साथ युति करेंगे| प्राकृतिक राशिचक्र की दैवीय राशि में बनने वाले इन शक्तिशाली ग्रहों के संयोग से जीवन में असंभव कार्यों की पूर्ति हेतु हनुमान जी का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह सबसे भाग्यशाली दिन है| इसके अतिरिक्त क्योंकि यह खगोलीय संयोजन भाग्य का प्रतिनिधित्व करने वाली राशि में बन रहा है इसलिए भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु आपको अपने पूर्वजों का आशीर्वाद भी प्राप्त हो सकता है|
वैदिक भजन “असाध्य साधक स्वामी” बताता है कि हनुमान जी ऐसे देव हैं जो असंभव को संभव कर सकते हैं| नवग्रह तथा विशेषकर शनि को नियंत्रित करने वाले केवल दो देव हैं| भगवान हनुमान उन दो देवों में से एक हैं| हनुमान जी की शक्तियां इतनी महान हैं कि शनि भी उन्हें या उनके भक्तों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने से डरता है| हनुमान जी अपनी पूंछ द्वारा शनि को नियंत्रित करते हैं लेकिन वास्तव में वे प्रेम के माध्यम से शनि को नियंत्रित करते हैं| शनिदेव हनुमान जी को इतना प्रेम तथा सम्मान देते हैं कि जो उनकी सुरक्षा के अधीन है उसे वह नुकसान नहीं पहुंचा सकते।
पवित्र ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के दैवीय अवतार हनुमान जी की पूजा द्वारा आपको निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त हो सकते हैं:
इस दिन चंद्रमा केतु द्वारा शासित नक्षत्र मूल में रहेगा तथा सूर्य व शनि के साथ युति करेगा| मूल नक्षत्र विनाश का प्रतिनिधित्व करता है और अलगाव के लिए जाना जाता है| यह दिन धन के प्रति निराशावादी विचारों को समाप्त करके समृद्धि के बीज बोने हेतु उत्तम है| आपकी प्रगति में बाधक समस्त नकारात्मक विचारों और कार्यों को जड़ से उखाड़ फेंकने हेतु भी यह एक उत्तम दिवस है|
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हनुमान जी को उनका प्रिय भोग खीर अर्पित करने से आपका उनसे व्यक्तिगत संबंध स्थापित होता है तथा अपनी समस्याओं को सुलझाने हेतु आपको मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है| हनुमान जी का शक्तिशाली आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु इस व्यक्तिगत खीर अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
हनुमान जी को उनका प्रिय भोग खीर अर्पित करने से आपका उनसे व्यक्तिगत संबंध स्थापित होता है तथा अपनी समस्याओं को सुलझाने हेतु आपको मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है| इस सामूहिक अनुष्ठान में भाग लेने से शक्तिशाली देव हनुमान जी से आपका संबंध सुदृढ़ हो सकता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
यह व्यक्तिगत यज्ञ हनुमान जी की कृपा का आवाहन करता है जिनके पास सभी 9 ग्रहों को नियंत्रित करने की शक्ति है| माना जाता है कि इन हनुमान जयंती अनुष्ठानों में भाग लेने से आपकी आत्मा को पुनर्जीवन प्राप्त होगा तथा आप अजेय साहस और शक्ति से भर जाएंगे| शनि ग्रह के दुष्प्रभाव पर काबू पाने हेतु भी उनकी पूजा विशेष सहायक होती है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
आपकी तरफ से आपके प्रतिनिधि के रूप में एक व्यक्ति इस मंत्र का 1008 बार लेखन करेगा जो हनुमान जी की ऊर्जा का आह्वान करता है। मंत्र लेखन में एकाग्रता की जरुरत होती है और उसकी लगातार पुनरावृत्ति प्रायोजक की चेतना को परिवर्तन करने के लिए जानी जाती है| प्रायोजक मंत्र लेखकों की आजीविका को सहयोग करके उत्तम कर्म अर्जित करता है|
भगवान हनुमान जी के जन्मदिवस पर उनके आवाहन द्वारा आपको दुर्लभ आशीर्वाद की प्राप्ति हो सकती है| पवित्र ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के दैवीय अवतार हनुमान जी की पूजा द्वारा आपके असंभव कार्यों की पूर्ति हो सकती है| हनुमान जी से जुड़ने हेतु इस आवश्यक हनुमान जन्मदिवस अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
भगवान हनुमान जी के जन्मदिवस पर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु इस शक्तिशाली वर्धित अनुष्ठान में अवश्य भाग लें| भक्ति के प्रतीक हनुमान जी से जुड़ें जो उच्चतम विकास, असीमित शक्ति, क्षमता और बुद्धि प्रदाता देव हैं| हनुमान जी की शक्तियां इतनी महान हैं कि शनि भी उन्हें या उनके भक्तों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने से डरता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
यह हनुमान जयंती बहुत ही दुर्लभ है क्योंकि इस पर्व पर 12 वर्ष में एक बार आने वाला ऐसा अनोखा ग्रहीय संयोग बन रहा है जिसमें भाग्य के नवम भाव में धनु राशि में सूर्य और चंद्रमा शनि के साथ युति करेंगे| हनुमान जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर इस शक्तिशाली उत्कृष्ट अनुष्ठान में अवश्य भाग लें जिसके द्वारा आपकी आत्मा को पुनर्जीवन प्राप्त होगा तथा आप अजेय साहस और शक्ति से भर जाएंगे तथा शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से भी आपको मुक्ति मिलेगी|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
हनुमान जयंती(जन्मदिवस) एक ऐसा महत्वपूर्ण समय है जब हनुमान जी की ऊर्जा प्रचुरता से उपलब्ध होती है तथा उनका अनोखा आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु भी यह सबसे उत्तम दिन है। हनुमान जी के आशीर्वाद द्वारा आपकी आत्मा को पुनर्जीवन प्राप्त होगा तथा आप अजेय साहस और शक्ति से भर जाएंगे| शनि ग्रह के दुष्प्रभाव पर काबू पाने हेतु भी उनकी पूजा विशेष सहायक होती है| जीवन में असंभव कार्यों की पूर्ति के लिए व मानसिक, शारीरिक, अध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने तथा शनि ग्रह के दुष्प्रभावों से मुक्ति हेतु हनुमान जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर इस शक्तिशाली अति उत्कृष्ट अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि स पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।