अध्यात्मिक व भौतिक समृद्धि हेतु समस्त गुरुओं की परम कृपा पाने की 24 घंटे की महत्वपूर्ण समयावधि|
7 महान ऋषि व 18 तमिल सिद्दों की अनोखी व रहस्यमय शक्ति तथा कृपा प्राप्त करने हेतु भव्य अनुष्ठान
सीधा प्रसारण 26 जुलाई 2018 को सांयकाल 4:30 बजे (पैसेफिक मानक समयानुसार)/ सांयकाल 7:30 बजे (ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 27 जुलाई 2018 को प्रातः 5:00 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)
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“गुरु पूर्णिमा पर समस्त स्वर्गदूत, सिद्ध पुरुष और दैवीय शक्ति का प्रकाश पृथ्वी पर मौजूद होते हैं| यह समय अनुग्रह प्राप्त करने का है|”
– डॉ. पिल्लै
आगामी गुरु पूर्णिमा प्रत्येक व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दिन चंद्रमा से एक विशेष ऊर्जा प्रसारित होती है जो गुरु की कृपा प्राप्त करने के लिए इसे वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिवस बनाती है। शास्त्रों का कहना है कि गुरु की कृपा व उनका अनुग्रह चमत्कारों को अनुभव करने हेतु सबसे आसान व सरल मार्ग है जो आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन कर सकता है तथा हर समस्या से निपटने में आपकी मदद करता है।
इस अनुष्ठान में हम कामधेनु यज्ञ संपन्न करके ऋषि वशिष्ठ व जमदग्नि की कृपा का आह्वान करेंगे। इच्छाओं की पूर्ति करने वाली देवी कामधेनु आपको अतुलनीय संपति प्रदान कर सकती हैं तथा वह सब कुछ दे सकती हैं जिसकी आप कामना करते हैं|
श्रीम ब्रीज परम संपति प्रदाता मंत्र है जो डॉ. पिल्लै द्वारा संसार को प्रदान किया गया है| 1500 वर्षों तक ध्यान करने के बाद ऋषि विश्वामित्र को ‘ब्रीज’ मंत्र आशीर्वाद स्वरुप मिला और उन्होंने बाद में यह मंत्र डॉ. पिल्लै को बताया। ऋषि विश्वामित्र गायत्री मंत्र के लेखक भी हैं जो आपको उत्तम एकाग्रता, ज्ञान, स्वास्थ्य, प्रतिरोधी क्षमता व प्रसन्नता प्रदान कर सकते हैं|
पवित्र ग्रंथ भृगु संहिता के अनुसार देवी लक्ष्मी ऋषि भृगु की पुत्री थीं। ऋषि भृगु की कृपा व भौतिक समृद्धि प्राप्त करने के लिए लक्ष्मी नारायण यज्ञ को संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है|
प्रबोधन, ज्ञान व मुक्ति तथा अत्रि, गौतम व कश्यप आदि ऋषियों का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु मेधा सूक्तम यज्ञ देवी मेधा का आवाहन करता है जो देवी सरस्वती का अवतार हैं|
इस तमिल सिद्ध यज्ञ में 18 महान तमिल सिद्धों को उनकी अद्वितीय और रहस्यमय शक्तियों के अनुसार उनसे जुड़ने व दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए उनका आवाहन किया जाएगा| तमिल सिद्ध समूह सिद्ध पुरुषों का अत्यंत गोपनीय समूह है| उनकी प्राचीन, अखंड परंपरा रहस्य में घिरी हुई है, जो दक्षिणी भारत के एकांत पहाड़ों और जंगलों से जुड़ी हुई है। इनके अनुष्ठानों में नियमित रूप से होने वाले यज्ञ व पूजा-अर्चनाओं में निर्जीव समिधा के मुकाबले जीवित सामग्री जैसे जड़, बूटियों व कुछ अन्य दिव्य अनाजों का उपयोग किया जाता है|

इन्हें तमिल साहित्य के पिता के रूप में माना जाता है| अगत्स्य ऋषि सबसे प्रसिद्ध सिद्ध हैं| इन्होने चिकित्सा, तमिल व्याकरण, योग और काया काल्प में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह पितृ दोष(पूर्वजों के शाप), पूर्वजन्म के पापों, विभिन्न प्रकार के रोगों तथा जन्मकुंडली में बुध ग्रह से संबंधित होने वाले दोषों से राहत दे सकते हैं।

बोगर ने रसायन, औषधि और योग के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। इन्हें पलानी मलाई सिद्धर(पलानी पहाड़ियों के सिद्धपुरुष) के नाम से भी जाना जाता है| माना जाता है कि बोगर ने तमिलनाडु के पलानी मंदिर में भगवान मुरुगा की मूर्ति स्थापित की थी| यह भाई-बहनों तथा पैतृक संपति के मुद्दों को हल करने में मदद कर सकते हैं| तथा आपकी कुंडली में मंगलदोष(मांगलिक दोष) के दुष्प्रभावों को शांत कर सकते हैं|

तिरुमलर, रहस्यवादी राजकुमार, अपनी उत्कृष्ट कृति थिरुमंथिरम के लिए प्रसिद्ध हैं| जिसमें शरीर, मन और आत्मा के लिए चिकित्सा के छिपे हुए रहस्य शामिल हैं। उन्होंने सिखाया कि “ध्वनि मन एक ध्वनि शरीर है| – काया काल्प योग के माध्यम से अमरता प्राप्त करने की चाबी| यह आपको ध्यान और दिव्य चिंतन सीखने में मदद कर सकते हैं तथा एक सामंजस्यपूर्ण और आनंदमय मन प्रदान कर सकते हैं|

इन्हें सभी सिद्धों का प्रधान माना जाता है| इनके आशीर्वाद से आपको वित्तीय चुनौतियों, व्यावसायिक विफलता, आंतों की बीमारियों, बेरोजगारी, और सरकार से संबंधित समस्याओं से राहत मिल सकती है।

पतंजलि सिद्ध योग सूत्रों के लिए प्रसिद्ध हैं| इनके आशीर्वाद से गर्मी और जहर से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जा सकता है तथा सभी प्रयासों में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं|

कोंगानर को बोगर का पुत्र माना जाता है तथा इन्होने चिकित्सा, दर्शन और आध्यात्मिकता में व्यापक योगदान दिया है। इनके आशीर्वाद से स्मृति, पारिवारिक संबंध, बुरे व्यसन, क्रोध आदि विषयों से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है|

इन्हें करुवर थेवर के रूप में भी जाना जाता है| इन्होने तमिलनाडु के शानदार तंजौर मंदिर में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह शनि साढ़ेसाती, अष्टम शनि आदि शनि ग्रह से संबंधित विभिन्न दोषों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

माना जाता है कि पुलिपानी सिद्ध ने पलानी मंदिर में भगवान मुरुगा की मूर्ति को तैयार करने हेतु जड़ी-बूटियों का संग्रह करके बोगर की मदद की थी| यह जन्मकुंडली में मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने में मदद कर सकते हैं तथा घर का स्वामित्व पाने, जमीन संबंधी मामले, भाई-बहन और वैवाहिक जीवन से मिलने वाले सुखों के विषय में सहायता प्रदान करते हैं|

अगापाई ज्ञान सिद्धि (आध्यात्मिक मुक्ति) पर अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं| यह जन्मकुंडली में बृहस्पति के कारण होने वाले सभी दोषों को समाप्त करने में सहायता कर सकते हैं|

इन्हें सत्तानादार और कैलासा चट्टमुनी भी कहा जाता है, इन्होने मानव शरीर के रसायन और 96 बुनियादी सिद्धांतों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है|

सुंदरनंदार के लोकप्रसिद्ध कार्यों में मानैयादी सस्थिराम शामिल हैं, जो एक आदर्श घर बनाने के नियमों तथा ज्योतिष के अनुसार फसलों की बुवाई, के नियमों पर प्रकाश डालते हैं| यह बेरोजगारी को हल करने, आँतों के विकारों को ठीक करने, स्मृति शक्ति में सुधार, और आर्थिक स्थिति में विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं|

इन्हें याकूब और मंधिरा सिद्धार के रूप में भी जाना जाता है| रामदेवर ने काया कल्प में काफी योगदान दिया है| यह जन्मकुंडली में सूर्य से संबंधित समस्याओं को समाप्त करने में सहायता कर सकते हैं, परिवार की एकता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं, और सिर व कूल्हे से संबंधित समस्याओं का उपचार कर सकते हैं।

इन्हें कोराकनाथार के रूप में भी जाना जाता है| यह किसानों को प्रचुर मात्रा में फसलों की पैदावार लाने में मदद कर सकता हैं, हड्डियों से संबंधित बीमारियों को ठीक कर सकते हैं, तथा ब्रह्महत्या दोष (यानी हत्या का अपराध) से मुक्ति दिला सकते हैं|

इनके कार्यों में सिद्धों की आठ विशिष्ट शक्तियां (आठ सिद्धियाँ) शामिल हैं। यह जन्मकुंडली में राहु से संबंधित बीमारियों का सामना करने में मदद कर सकते हैं| विदेश में रोजगार प्राप्त करवा सकते हैं| पति-पत्नी व परिवार के संघर्षों को सुलझा सकते हैं|

यह जब पैदा हुए तब होंठों पर भगवान शिव का नाम था| इन्हें यह दृढ़ विश्वास था कि सर्वोच्च भगवान का नाम जपने से किसी का भी शरीर सोने में बदल सकता है। यह मानसिक बीमारियों, मां से संबंधित मुद्दों, सीखने की समस्याओं और कार्य संबंधी असफलता से आपको राहत दे सकते हैं|

इन महान ऋषि के आशीर्वाद द्वारा जन्म कुंडली में चंद्रमा से संबंधित कलंक को नष्ट करने तथा मानसिक स्वास्थ्य और खुशी को प्राप्त करने में मदद मिलती है|

इन्हें एडैककदु सिद्धार के नाम से भी जाना जाता है| यह सिद्ध ऋषि आपकी जन्मकुंडली में बुध संबंधी बीमारियों को नष्ट करने, कौशल और शैक्षिक सफलता को बढ़ावा देने, और त्वचा संबंधी विकारों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं|

सिद्ध दर्शन में इन्हें अपने लोकप्रसिद्ध योगदान के लिए जाना जाता है| इनका आशीर्वाद स्कोज़ोफ्रेनिया और अन्य मानसिक विकारों को ठीक कर सकता है तथा अल्कोहल और ड्रग्स संबंधी व्यसनों को दूर करने में आपकी मदद करता है।
आगामी गुरु पूर्णिमा प्रत्येक व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दिन चंद्रमा से एक विशेष ऊर्जा प्रसारित होती है जो गुरु की कृपा प्राप्त करने के लिए इसे वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिवस बनाती है। गुरु पूर्णिमा के शुभावसर पर इन 18 तमिल सिद्धों के आवाह्न द्वारा उनकी अध्यात्मिक व भौतिक कृपा प्राप्त करने हेतु हमारे इस गुरु पूर्णिमा आवश्यक अनुष्ठान पैकेज में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
आगामी गुरु पूर्णिमा प्रत्येक व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दिन चंद्रमा से एक विशेष ऊर्जा प्रसारित होती है जो गुरु की कृपा प्राप्त करने के लिए इसे वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिवस बनाती है। गुरु पूर्णिमा के शुभावसर पर इन 18 तमिल सिद्धों के आवाह्न द्वारा उनकी अध्यात्मिक व भौतिक कृपा प्राप्त करने हेतु हमारे इस गुरु पूर्णिमा वर्धित अनुष्ठान पैकेज में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
आगामी गुरु पूर्णिमा प्रत्येक व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दिन चंद्रमा से एक विशेष ऊर्जा प्रसारित होती है जो गुरु की कृपा प्राप्त करने के लिए इसे वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिवस बनाती है। गुरु पूर्णिमा के शुभावसर पर इन 18 तमिल सिद्धों के आवाह्न द्वारा उनकी अध्यात्मिक व भौतिक कृपा प्राप्त करने हेतु हमारे इस गुरु पूर्णिमा उत्कृष्ट अनुष्ठान पैकेज में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनुकण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
भगवान दक्षिणामूर्ति की कृपा प्राप्त करने हेतु इस व्यक्तिगत दक्षिणामूर्ति यज्ञ हेतु पंजीकरण करवाएं| आदिगुरु भगवान दक्षिणामूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त करना सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि वह अंधकार का नाश करने वाले तथा उत्तम भाग्य प्रदाता हैं| उनका आशीर्वाद आपके जीवन के सभी क्षेत्रों को समृद्ध और सशक्त बना सकता है, खासकर आपके आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
गुरु पूर्णिमा के शुभावसर पर 18 तमिल सिद्धों का सम्मान करने व उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए इस व्यक्तिगत यज्ञ हेतु पंजीकरण करवाएं| तमिल सिद्धों से संबंधित इस यज्ञ में हाथों द्वारा चयनित विशेष जड़ी-बूटियों का प्रयोग होता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
महान सिद्धों (सिद्धपुरुष) ने दिव्य अनुग्रह प्राप्त करने का सबसे गहरा तरीका बताया है जो कि भूखे लोगों को खाना खिलाना है| आप पूर्णिमा के दौरान अपने सामर्थ्यानुसार 54 या 108 लोगों को अन्नदान हेतु चुन सकते हैं तथा इस प्रक्रिया को आपकी तरफ से हम करते हैं| लोगों को भोजन दान करने से आप समस्याओं से मुक्त हो सकते हैं और जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं। जैसे-जैसे आप अन्नदान से जुड़ी सेवाओं में भाग लेते हैं, आप सकारात्मक ऊर्जा और मन की शांति को आकर्षित करते हैं।
गुरु के चरणों को योग की परंपरा में अत्यधिक सम्मानित किया जाता है| इसे शरीर का प्राथमिक भाग माना जाता है तथा इसके माध्यम से दिव्य चेतना प्रवाहित होती है| गुरू के चरणों का एक चित्र अपने पास रखना एक चमत्कारिक शक्ति का कार्य करता है, फिर चाहे आप कहीं भी हो। गुरू के चरणों की कांच द्वारा बनी होलोग्राफिक क्यूब(एक प्रकार का चित्र) को गुरु पूर्णिमा के दिन आपकी तरफ से अभिमंत्रित किया जाएगा| समस्त अनुष्ठानों की प्रक्रिया के उपरांत यह चित्र आपको भेज दिया जाएगा|
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
अगस्त्य ऋषि को तमिल सिद्धों के गुरु के रूप में सम्मानित किया जाता है| उनके ज्ञान को देवादिदेव भगवान शिव के ज्ञान के समतुल्य समझा जाता है| उनकी इस प्रतिमा को अपने मंदिर या ध्यान कक्ष में रखने से आपको उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है|
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
गुरु पूर्णिमा शक्ति अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित यह आरोग्यप्रदायक माला आपको गुरु की कृपा और उनका अनुग्रह प्राप्त करने तथा अपने जीवन के प्रत्येक पहलू को बदलने व हर समस्या को दूर करने में आपकी सहायता कर सकती है|
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
गुरु पूर्णिमा शक्ति अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित यह आध्यात्मिक माला अज्ञानता को नष्ट करने तथा विस्मरणशीलता की समस्या को दूर करने में आपकी सहायता कर सकती है|
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।