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भगवान गणेश की कृपा के साथ वैदिक नववर्ष की शुरुआत करें।

5 पुजारियों द्वारा भव्य गणपति अथर्वशीर्ष यज्ञ अनुष्ठान
भगवान गणेश की अनोखी वंदना

सीधा प्रसारण 24 अप्रैल 2017 को सांयकाल 5:00 बजे (पैसेफिक मानक समयानुसार)/ रात 8:00
बजे(ईस्टर्न मानक समयानुसार)/25 अप्रैल 2017 को प्रातः 5:30 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)

गणपति अथर्वशीर्ष- भगवान गणेश जी की अनोखी वंदना

गणपति अथर्वशीर्ष, जिसे गणपति उपनिषद के नाम से भी जाना जाता है, भगवान गणेश की सर्वाधिक प्रभावशाली व शक्तिशाली वंदना है| एक उपनिषद के रूप में वर्गीकृत, गणपति अथर्वशीर्ष एक पवित्र संस्कृत पाठ है जो भगवान गणेश को कर्ता (निर्माता), धर्ता (रक्षक) और ब्रह्मांड के हर्ता (विनाशकारी) के रूप में सम्मानित करता है। यह स्तोत्र भगवान गणेश जी को दृश्य तत्व (मुख्य सिद्धांत), दृश्य आत्मा, ब्राह्मण (चेतना को प्रदान करने वाला) और शाश्वत (परम वास्तविकता) के रूप में स्वीकार करता है|

यह वो अनोखा स्तोत्र है जो भगवान गणेश को मूल ध्वनि ‘ओम’ की छवि के रूप में सम्मानित व चित्रित करता है। गणपति अथर्वशीर्ष भगवान गणेश के दृश्य स्वरूप की प्रशंसा करता है और स्तोत्र के पाठ या यज्ञ अनुष्ठान के द्वारा भगवान गणेश जी की कृपा से मिलने वाले लाभों को बताता है|

गणेश अथर्वशीर्ष का महत्व-

पवित्र गणेश अथर्वशीर्ष अर्थववेद का एक हिस्सा जिसमें भगवान गणेश के बीज मंत्र शामिल हैं। तीन खंडों में विभाजित यह पाठ भगवान गणेश जी के बीज मंत्र “गं” की शक्ति की व्याख्या करता है| ‘शांति मंत्र’ नाम का पहला खंड मन को शांत करता है ताकि आप भगवान गणेश से जुड़कर अपनी प्रार्थना उन तक पहुँचा सकें। दूसरे खंड में 10 छंद शामिल हैं जो इच्छाओं की पूर्ति हेतु भगवान गणेश की महिमा बताते हैं। इस स्तोत्र का मंत्रोचार अथवा यज्ञ के दौरान उच्चारण करने से क्या लाभ प्राप्त होते हैं यह अंतिम व तीसरा खंड बताता है।

इस यज्ञ अनुष्ठान में प्रयोग होने वाली अनोखी सामग्री की जानकारी-

जैसा कि गणपति उपनिषद में वर्णित है, गणेश जी से सम्बंधित इस यज्ञ अनुष्ठान में पवित्र अनोखी सामग्रियों का प्रयोग करके मंत्रोच्चार द्वारा भगवान गणेश का आवाहन करने से आपके जीवन की नकारात्मक ऊर्जाओं को समाप्त किया जा सकता है। इस अनुष्ठान के द्वारा आपकी सफलता के रास्ते में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं। इस यज्ञ अनुष्ठान के दौरान निम्नलिखित वस्तुओं का प्रयोग करने से आपको भगवान गणेश की अनोखी कृपा प्राप्त होती है|

  • दूर्वा घास- कुबेर जी से भौतिक सुख-सुविधाएं व समृद्धि प्राप्त करने हेतु|
  • मुरमुरे- नाम, यश व ज्ञान प्राप्ति हेतु|
  • लड्डू- इच्छाओं की पूर्ति हेतु|
  • पवित्र यज्ञ सामग्री- गणेश जी से सभी प्रार्थनाओं के उत्तर पाने हेतु|

एस्ट्रोवेद ने इस विशेष अनुष्ठान का आयोजन क्यों किया है?

14 अप्रैल से शुरू होने वाले इस वैदिक नववर्ष में एस्ट्रोवेद ने इस समारोह का आयोजन अपने उद्देश्य के एक भाग के रूप में किया है ताकि नकारात्मक कर्मों को समाप्त करने में आपकी मदद की जा सके और आपको जीवन के सभी पहलुओं में सफलता प्राप्त हो| एक नया भाग्य बनाने के लिए, आपको भगवान गणेश को पुकारना होगा जोकि बाधाओं का शमन करने वाले प्रधान देव हैं ताकि आप सफलता की दिशा में अग्रसर हो सकें।

इस अनुष्ठान के द्वारा मिलने वाले लाभ-

इस पवित्र स्तोत्र के अनुसार जहां गणेश जी को सर्वोच्च आत्मा तथा ओम के समान माना जाता है, उनकी कृपा से आपको निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त हो सकते हैं:

  • 1. आपको बाधाओं से मुक्ति मिलती है|
  • 2. आपको स्पष्ट सोचने व समझने की शक्ति प्राप्त होती है|
  • 3. आपको चिरकालीन प्रसन्नता व महान उन्नति प्राप्त होती है|
  • 4. 5 इंद्रियों के माध्यम से किए गए पापों से आपको मुक्ति मिलती है|
  • 5. आपको एक नेक जीवन जीने के लिए आशीर्वाद प्राप्त होता है|
  • 6. आपको असीम धन-संपति तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है|
  • 7. आपकी इच्छाओं की पूर्ति होती है|
  • 8. जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर आप मोक्ष प्राप्ति की ओर अग्रसर होते हैं|

  • आवश्यक

    गणपति अथर्वशीर्ष आवश्यक पैकेज

    • आपकी तरफ से 5 पुजारियों द्वारा भगवान गणेश जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से एकादश विनायकों(भगवान गणेश जी के 11 रूप) की पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान गणेश जी के शक्तिस्थल पर 5 नारियल फोड़े जाएंगे|
    • आपको एक अभिमंत्रित लघु गणेश प्रतिमा प्रदान की जाएगी|
  • इलीट

    गणपति अथर्वशीर्ष उत्कृष्ट पैकेज

    • आपकी तरफ से 5 पुजारियों द्वारा भगवान गणेश जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से एकादश विनायकों(भगवान गणेश जी के 11 रूप) की पूजा-अर्चना की जाएगी
    • आपकी तरफ से भगवान गणेश जी के शक्तिस्थल पर 11 नारियल फोड़े जाएंगे|
    • आपको एक अभिमंत्रित लघु गणेश प्रतिमा प्रदान की जाएगी|
    • आपको एक अभिमंत्रित गणेश प्रतिमा प्रदान की जाएगी|

भगवान गणेश जी से संबंधित व्यक्तिगत यज्ञ अनुष्ठान

यह अनुष्ठान दक्ष व निपुण पुजारियों के द्वारा संपन्न किया जाता है जिसमें भगवान गणेश जी का प्रधान रूप से आवाहन करके आपके जीवन से जुड़ी सभी जानी-अनजानी समस्याओं व बाधाओं का नाश किया जाता है| किसी भी परियोजना या किसी भी प्रयास को शुरू करने से पहले भगवान गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करना बहुत शुभ माना जाता है और व्यक्तिगत यज्ञ अनुष्ठान ऐसा करने का एक शक्तिशाली माध्यम है

Individual Ganesha Homa

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

” यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

गणपति अथर्वशीर्ष आवश्यक पैकेज

  • आपकी तरफ से 5 पुजारियों द्वारा भगवान गणेश जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से एकादश विनायकों(भगवान गणेश जी के 11 रूप) की पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान गणेश जी के शक्तिस्थल पर 5 नारियल फोड़े जाएंगे|
  • आपको एक अभिमंत्रित लघु गणेश प्रतिमा प्रदान की जाएगी|
Ganesha statue

पवित्र गणेश अथर्वशीर्ष अर्थववेद का एक हिस्सा जिसमें भगवान गणेश के बीज मंत्र शामिल हैं। तीन खंडों में विभाजित यह पाठ भगवान गणेश जी के बीज मंत्र “गं” की शक्ति की व्याख्या करता है| गणपति अथर्वशीर्ष भगवान गणेश के दृश्य स्वरूप की प्रशंसा करता है और स्तोत्र के पाठ या यज्ञ अनुष्ठान के द्वारा भगवान गणेश जी की कृपा से मिलने वाले लाभों को बताता है| 14 अप्रैल से शुरू होने वाले इस वैदिक नववर्ष में एस्ट्रोवेद ने इस समारोह का आयोजन अपने उद्देश्य के एक भाग के रूप में किया है ताकि नकारात्मक कर्मों को समाप्त करने में आपकी मदद की जा सके और आपको जीवन के सभी पहलुओं में सफलता प्राप्त हो|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

गणपति अथर्वशीर्ष उत्कृष्ट पैकेज

GANAPATI ATHARVASHIRSHA ELITE PACKAGE
  • आपकी तरफ से 5 पुजारियों द्वारा भगवान गणेश जी से संबंधित भव्य यज्ञ अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से एकादश विनायकों(भगवान गणेश जी के 11 रूप) की पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान गणेश जी के शक्तिस्थल पर 11 नारियल फोड़े जाएंगे|
  • आपको एक अभिमंत्रित लघु गणेश प्रतिमा प्रदान की जाएगी|
  • आपको एक अभिमंत्रित गणेश प्रतिमा प्रदान की जाएगी|

जीवन में नाम, यश, इच्छाओं और भौतिक सुख-सुविधाओं की पूर्ति तथा सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने हेतु भगवान गणेश जी की कृपा प्राप्त करें| 14 अप्रैल से शुरू होने वाले इस वैदिक नववर्ष में एस्ट्रोवेद ने इस समारोह का आयोजन अपने उद्देश्य के एक भाग के रूप में किया है ताकि नकारात्मक कर्मों को समाप्त करने में आपकी मदद की जा सके और आपको जीवन के सभी पहलुओं में सफलता प्राप्त हो| एक नया भाग्य बनाने के लिए, आपको भगवान गणेश को पुकारना होगा जोकि बाधाओं का शमन करने वाले प्रधान देव हैं ताकि आप सफलता की दिशा में अग्रसर हो सकें।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।