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समृद्धि और बुद्धिमता का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति

समग्र रूप से समृद्धि व प्रचुरता हेतु नव गणेश विवाह अनुष्ठान

प्रथम सेवा: 30 जनवरी 2018

3 माह, 6 माह और 12 माह के लिए गणेश विवाह अनुष्ठानों में भाग लेने हेतु विशेष आरंभिक प्रस्ताव

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Ganesha Wedding ceremony

डॉ. पिल्लै द्वारा एक नव गणेश विवाह अनुष्ठान प्रारंभ किया जा रहा है। एक प्रचुर व समृद्ध जीवन के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु यह गूढ़ समारोह सबसे शक्तिशाली अनुष्ठान है।

मनुष्यों की तरह ही देवी-देवता भी अपने विवाह समारोहों की अत्यंत आशा करते हैं और उन्हें पसंद करते हैं। वे उन लोगों पर अपने आशीर्वाद की सबसे ज्यादा बौछार कर देते हैं जो उनके निमित विवाह अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं|

डॉ. पिल्लै के हाल ही में किए गए एक रहस्योद्घाटन के आधार पर एस्ट्रोवेद अब शुक्लपक्ष की प्रत्येक चतुर्दशी को भगवान गणेश के निमित एक बहुत ही नाटकीय व औपचारिक ढंग से सबसे पवित्र भव्य विवाह अनुष्ठान का आयोजन करेगा| भगवान गणेश को प्रसन्न करके उनसे प्रचुरता व समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आप इस भव्य अनुष्ठान में भाग लेने हेतु सादर आमंत्रित हैं|

शुक्लपक्ष की चतुर्दशी भगवान गणेश से जुड़ी समृद्धि की उर्जा व कृपा को प्राप्त करने हेतु बहुत ही शुभ मानी जाती है| गणेश पुराण (भगवान गणेश से संबंधित पौराणिक ग्रन्थ) के अनुसार भगवान गणेश की सिद्धि (सफलता और आध्यात्मिक उपलब्धि की प्रतीक) और बुद्धि (बुद्धि और ज्ञान की प्रतीक) नामक दो पत्नियाँ हैं| उनकी यह दो पत्नियाँ धरती पर सफलता के लिए आवश्यक ऊर्जा और बुद्धिमता का प्रतिनिधित्व करती हैं। भगवान गणेश से संबंधित विवाह अनुष्ठानों में भाग लेने से आपको सफलता, समृद्धि और प्रचुरता का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|

भगवान गणेश के विवाह से जुड़ी कथा

STORY OF GANESHA’S WEDDING

गणेश पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी ने भगवान गणेश के अन्दर स्थित ज्ञान शक्ति (ज्ञान ऊर्जा) व क्रिया शक्ति (क्रिया ऊर्जा) की प्रार्थना करके वक्रतुंड गणेश (गणेश जी का एक वक्र सूंढ़ वाला रूप) के दिशा-निर्देशों के अनुसार ब्रह्मांड की रचना की थी| उनके ध्यान-प्रार्थना करने के पश्चात् इन दोनों शक्तियों ने सिद्धि व बुद्धि नामक दो सुंदर देवियों के रूप में जन्म लिया| ब्रह्मा जी ने तब उनसे अपनी पुत्री बनने का अनुरोध किया और उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली गई|

एक शानदार शहर का निर्माण प्रथम दिव्य वास्तुकार विश्वकर्मा द्वारा किया गया था ताकि इस विवाह समारोह हेतु समस्त आकाश गंगाओं से आए अतिथियों को ठहराया जा सके|

भगवान ब्रह्मा और उनकी पत्नी देवी सरस्वती ने विवाह के माध्यम से अपनी पुत्रियों को भगवान गणेश को समर्पित किया तथा इस भव्य विवाह अनुष्ठान का संचालन महान ऋषि सनक द्वारा वैदिक संस्कार और अनुष्ठान के आधार पर किया गया था|

गणेश विवाह अनुष्ठानों की व्याख्या

आप चार अलग अलग तरीकों से जैसे एक बार, 3 माह, 6 माह व 12 माह में दो विकल्पों सहित (सामूहिक या व्यक्तिगत रूप से यज्ञ में सहभागिता) इस भव्य गणेश विवाह अनुष्ठान में भाग ले सकते हैं –

Grand wedding ceremony of Ganesha

एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में शुक्लपक्ष की प्रत्येक चतुर्दशी पर भव्य गणेश विवाह अनुष्ठान

ज्ञान, समृद्धि व सफलता का आशीर्वाद पाने के लिए प्रत्येक माह शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर एस्ट्रोवेद सिद्धि व बुद्धि के साथ भगवान गणेश के विवाह अनुष्ठान का एक भव्य रूप से आयोजन करेगा|

light and sound ceremony

प्रत्येक माह शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाकुल विनायागार शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना

पांडिचेरी शक्तिस्थल पर भगवान गणेश के निमित इस विशेष पूजा-अर्चना अनुष्ठान द्वारा आपको अपने समस्त प्रयासों में सफलता मिल सकती है तथा जीवन में प्रचुरता प्राप्त हो सकती है|

Siddhi Buddhi Ganapati Homa

सिद्धि-बुद्धि गणपति यज्ञ

गणेश जी के विवाह समारोह के उपरांत इस विस्तृत यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपको समृद्ध और सुखी घरेलू जीवन की प्राप्ति हो सकती है तथा आपकी उन्नति में विलंब उत्पन्न करने वाली समस्त बाधाएं नष्ट हो सकती हैं|

गणेश विवाह अनुष्ठान कार्यक्रम(सामूहिक सहभागिता)

  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में 30 जनवरी (शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर) को भव्य गणेश विवाह अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से मनाकुल विनायागार शक्तिस्थल पर 30 जनवरी (शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर) को विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में सामूहिक सिद्धि-बुद्धि गणपति यज्ञ किया जाएगा|
   Ganesha Marriage Ceremony Program

डॉ. पिल्लै के हाल ही में किए गए एक रहस्योद्घाटन के आधार पर एस्ट्रोवेद अब शुक्लपक्ष की प्रत्येक चतुर्दशी को भगवान गणेश के निमित एक बहुत ही नाटकीय व औपचारिक ढंग से सबसे पवित्र भव्य विवाह अनुष्ठान का आयोजन करेगा| भगवान गणेश को प्रसन्न करके उनसे प्रचुरता व समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आप इस भव्य अनुष्ठान में भाग लेने हेतु सादर आमंत्रित हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

12 माह कार्यक्रम हेतु नामांकन कराएं|
कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर 20% की छूट प्राप्त करें| GANESHAWEDS20
6 माह कार्यक्रम हेतु नामांकन कराएं|
कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर 15% की छूट प्राप्त करें| GANESHAWEDS15
3 माह कार्यक्रम हेतु नामांकन कराएं|
कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर 10% की छूट प्राप्त करें| GANESHAWEDS10
एक बार सहभागिता हेतु नामांकन कराएं|

गणेश विवाह अनुष्ठान प्रधान कार्यक्रम(व्यक्तिगत सहभागिता)

  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में 30 जनवरी (शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर) को भव्य गणेश विवाह अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से मनाकुल विनायागार शक्तिस्थल पर 30 जनवरी (शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर) को विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में व्यक्तिगत सिद्धि-बुद्धि गणपति यज्ञ किया जाएगा|
Premier Ganesha Marriage Ceremony Program

डॉ. पिल्लै के हाल ही में किए गए एक रहस्योद्घाटन के आधार पर एस्ट्रोवेद अब शुक्लपक्ष की प्रत्येक चतुर्दशी को भगवान गणेश के निमित एक बहुत ही नाटकीय व औपचारिक ढंग से सबसे पवित्र भव्य विवाह अनुष्ठान का आयोजन करेगा| भगवान गणेश को प्रसन्न करके उनसे प्रचुरता व समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आप इस भव्य अनुष्ठान में भाग लेने हेतु सादर आमंत्रित हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

” यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।””

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

12 माह कार्यक्रम हेतु नामांकन कराएं|
कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर 25% की छूट प्राप्त करें GANESHAWEDS25
6 माह कार्यक्रम हेतु नामांकन कराएं|
कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर 15% की छूट प्राप्त करें| GANESHAWEDS15
3 माह कार्यक्रम हेतु नामांकन कराएं|
कूपन का प्रयोग करके इस पैकेज पर10% की छूट प्राप्त करें| GANESHAWEDS10
एक बार सहभागिता हेतु नामांकन कराएं|