भगवान विष्णु के 10 अवतारों की अनोखी कृपा प्राप्त करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति 18 जनवरी 2018
भागवत पुराण जिसे पंचम वेद भी माना गया है बताता है कि भगवान विष्णु ने मनुष्य की समस्त समस्याओं को दूर करने व उन्हें एक सफल व समृद्ध जीवन प्रदान करने के लिए 10 अवतार(दिव्य अवतार) लिए हैं। भौतिक और अध्यात्मिक प्रचुरता तथा विभिन्न प्रकार के आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु भगवान विष्णु के 10 अवतारों की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु के 9 दिव्य अवतारों से संबंधित शक्तिशाली अनुष्ठानों का सफल रूप से समापन करने के बाद एस्ट्रोवेद भगवान विष्णु के अंतिम अवतार हेतु एक आखिरी अनुष्ठान का आयोजन करेगा| जिसमें एक महान समापन अनुष्ठान के माध्यम से भगवान विष्णु के समस्त10 अवतारों की कृपा का आवाहन एक एकल शक्तिशाली यज्ञ द्वारा किया जाएगा| इस यज्ञ अनुष्ठान के अतिरिक्त हमने 18 जनवरी 2018 को भगवान विष्णु के 10 शक्तिस्थलों पर10 विशेष प्रकार की पूजा-अर्चना की व्यवस्था की है।
1. मत्स्य अवतार(भगवान विष्णु का मत्स्य रूप)- नकारात्मकता से उभरने तथा अच्छे भाग्य व समृद्धि को आकर्षित करने हेतु|
2. कूर्म अवतार(भगवान विष्णु का कच्छप रूप)- दैवीय सहयोग व उद्देश्यों की पूर्ति से संबंधित आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु|
3. वराह अवतार(भगवान विष्णु का शूकर रूप)- मुश्किलों से उभरने व खोए हुए अवसरों को पुनः प्राप्त करने हेतु|
4. नृसिंह अवतार(भगवान विष्णु का आधा मनुष्य व आधा सिंह रूप)- सभी प्रकार के दुर्भाग्यों से उभरने का आशीर्वाद पाने हेतु|
5. वामन अवतार(भगवान विष्णु का बौना रूप)- अष्ट ऐश्वर्य(आठ प्रकार की धन-समृद्धि) तथा यश से संबंधित आशीर्वाद पाने हेतु|
6. परशुराम अवतार(भगवान विष्णु का योद्धा ऋषि रूप)- भय से मुक्ति तथा जीवन में उन्नति से संबंधित आशीर्वाद पाने हेतु|
7. राम अवतार(भगवान विष्णु का आदर्श राजा रूप)- जीवन की चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने व सकारात्मकता से संबंधित आशीर्वाद प्राप्त करते हेतु|
8. बलराम अवतार(सर्पों का राजा)- राहु-केतु जनित पीड़ाओं से उभरने व धन-संपति की सुरक्षा से संबंधित आशीर्वाद पाने हेतु|
9. कृष्ण अवतार( भगवान विष्णु का प्रेम व बुद्धिमता से जुड़ा रूप)- भौतिक समृद्धि व सौहार्दपूर्ण रिश्तों से संबंधित आशीर्वाद पाने हेतु|
10. कल्कि अवतार(योद्धा)- शीघ्र न्याय पाने व समस्याओं के समाधान से जुड़ा आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु|
वैदिक पुजारी जीवन की चुनौतियों से उभरने के लिए उपाय के रूप में भगवान विष्णु के समस्त 10 रूपों की पूजा-अर्चना करने की सलाह देते हैं ताकि आपको जीवन में समग्र शक्ति, समृद्धि, प्रचुरता तथा उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो सके|
| नकारात्मता का शमन | समृद्धि तथा अच्छे भाग्य की प्राप्ति | उत्तम सूक्ष्मदर्शी क्षमता की प्राप्ति |
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उदेश्यों की पूर्ति हेतु दैवीय सहयोग |
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| खोई हुई प्रतिष्ठा व व्यापार को पुनः प्राप्त या स्थापित करने की शक्ति |
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| नकारात्मक अहंकार का शमन |
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| समस्यामुक्त जीवन की प्राप्ति |
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| मानसिक शक्ति व साहस में वृद्धि |
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| जीवन में चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने की शक्ति |
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| राहु-केतु जनित पीड़ाओं से मुक्ति |
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| प्रेम से भरे सौहार्दपूर्ण संबंधों की प्राप्ति |
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| उत्तम संतान की प्राप्ति |
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| व्यापार तथा कार्यक्षेत्र में उन्नति |
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भागवत पुराण जिसे पंचम वेद भी माना गया है बताता है कि भगवान विष्णु ने मनुष्य की समस्त समस्याओं को दूर करने व उन्हें एक सफल व समृद्ध जीवन प्रदान करने के लिए 10 अवतार(दिव्य अवतार) लिए हैं। एस्ट्रोवेद के भव्य दशावतार समापन यज्ञ अनुष्ठान में भाग लेकर भगवान विष्णु के 10 अवतारों की कृपा द्वारा समग्र शक्ति, समृद्धि, प्रचुरता तथा उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- : इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
कल्कि भगवान विष्णु के अंतिम अवतार हैं| पुराणों से पता चलता है कि भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि धर्म की पुनर्स्थापना हेतु कलयुग के अंत में एक सफेद घोड़े पर बैठकर अवतरित होंगे| भगवान कल्कि की पूजा द्वारा न्याय व शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है| उनकी निष्कपट प्रार्थना द्वारा कार्यक्षेत्र व व्यवसाय में उन्नति होकर आपको एक समृद्धिशाली जीवन प्राप्त होता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें : इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।