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अक्टूबर शक्तिपूर्ण समय आपके जीवन को बदल दें

सफलता प्राप्त करने के लिए दिन की ऊर्जा से जुडें|

शक्तिशाली दिवसों पर ईश्वरीय शक्ति का आवाहन करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति

शक्तिशाली मासिक चंद्र तिथियाँ

प्रत्येक माह शक्तिशाली चंद्र तिथियाँ आती हैं जो आपके मासिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता कर सकती हैं। दिन की ऊर्जा से जुडें तथा प्रत्येक दिन से संबंधित देवता का आशीर्वाद पाकर लाभ प्राप्त करें। मासिक रूप से आने वाले इन शक्तिशाली दिवसों पर संबंधित देवता से जुड़ना एक तकनीक है जो अपने समय को बुद्धिमतापूर्ण तरीके से बिताने व स्वयं को दिन की ऊर्जा से जोड़ने हेतु डॉ पिल्लै द्वारा अनुशंसित की गई है|

एस्ट्रोवेद की वैदिक कार्यपद्धति ग्रंथों द्वारा बताई गई पद्धति का अनुसरण करती है ताकि जीवन से समस्याओं को मिटाने तथा अधिकतम उत्तम अवसरों को प्राप्त करने के लिए देवताओं का आह्वान किया जा सके| महत्वपूर्ण चंद्रमा तिथियों पर संपन्न होने वाले समस्त यज्ञ अनुष्ठानों से संयुक्त लाभ लेने के लिए आपके पास एक ही पैकेज में भाग लेने का विकल्प उपलब्ध है।

अक्टूबर माह में आने वाली शुभ चंद्र तिथियाँ

अक्टूबर 27, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)

चौथ घटता चाँद (चतुर्थी)

पवित्र ग्रंथों के अनुसार, चौथे घटता चंद्रमा के दिवस, गणेश आपके जीवन में भाग्य को रोकनेवाले बाधाओं को दूर कर सकता है ।27 अक्टूबर को चन्द्र वृषभ राशी के रोगिणी नक्षत्र में संचार करेगा जहां चन्द्र का अधिकार होता है |नक्षत्र अतिदेवता चन्द्र, बुध और गुर के असर प्राप्त करता है | यह सर्वोत्तम अवसर पर गणेश को संतुष्ट करें और अपने लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को प्राप्त करने में होनेवाले बाधाओं को दूर करने के लिए उनके आशीर्वाद प्राप्त करें

नवम्बर 30, 2018

आठें घटता चाँद (अष्टमी)

पवित्र ग्रंथों के अनुसार, 8 वें घटता चंद्रमा पर, काल भैरव आपको समय का प्रबंधन करने और सही समय पर सही जगह पर रहने में मदद कर सकता है| 30 नवम्बर को, चंद्रमा शुक्र द्वारा शासित किये जानेवाले पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में होगा| सूर्य मंगल से पहलू प्राप्ता करेगा | दिन की ऊर्जा हमारे रक्षक काल भैरव को संतुष्ट करने के लिए उपयुक्त है ताकि आप सहज और मानसिक क्षमताओं पाकर खतरे को तुरंत जान सकें और समय पर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

6 अक्टूबर 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)

त्रयोदशी तिथि (प्रदोष)

पवित्र ग्रंथों के अनुसार, 13 वें चंद्रमा पर, शिव आपके सफलता में बाधा डालनेवाले बुरे कर्म को रोक सकता है। 6 अक्टूबर को चंद्रमा सिंह राशी के मघा नक्षत्र में संचार करेगा जहां केतु का अधिकार होता है| चंद्रमा मंगल ग्रह का पहलू प्राप्त करेगा।

नवम्बर 13, 2018

छठ बढ़ता चाँद (षष्ठी)

पवित्र ग्रंथों के अनुसार, 6 वें बढ़ता चंद्रमा पर, मुरुगा आपको उत्तम बुद्धिमता हासिल करने और दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई जीतने में मदद कर सकता है|13 नवम्बर को, चंद्रमा शनी द्वारा शासित मकर राशी के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में संचार करेगा जहां सूर्य का अधिकार होता है |इस दिन भगवान मुरुगा की पूजा करने से आप दुश्मनों पर जीतने और जीत हासिल करने में मदद करनेवाले मुरुगा की योद्धा ऊर्जा को प्राप्त कर सकते हैं|

नवम्बर 5 & 20, 2018

तेरस चांद (प्रदोष)

पवित्र ग्रंथों के अनुसार, 13 वें चंद्रमा पर, शिव आपके सफलता में बाधा डालनेवाले बुरे कर्म को रोक सकता है। 5 नवम्बर को चंद्रमा कन्या राशी के हस्त नक्षत्र में संचार करेगा जहां चन्द्र का अधिकार होता है| चंद्रमा शनि का पहलू प्राप्त करेगा, इस प्रकार स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के काम करने के लिए इष्टतम दिन बना देगा |

नवंबर 20 को, चंद्रमा मीन राशी के रेवती नक्षत्र में संचार करेगा जहां बुध का अधिकार होता है | इस दिन, बुध, सूर्य और गुरु के साथ होगा| इस नक्षत्र और ग्रहों के संयोजन में बनाने की क्षमता है| इस सर्वोत्तम अवसर को धन बनाने में बाधाओं को दूर करने के लिए इष्टतम बनायें।

चंद्र तिथि अनुष्ठानों की विशेषताएं

शक्तिस्थल पर विशेष पूजा-अर्चना

इस अनुष्ठान में आपकी तरफ से भगवान मुरुगा, विष्णु, शिव, गणेश व काल भैरव जी से संबंधित सर्वाधिक शुभ शक्तिस्थलों पर उनसे संबंधित चंद्र तिथियों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी ताकि आपको इन देवताओं की अनुकूल कृपा प्राप्त हो सके|

शक्तिस्थल पर जलाभिषेक

इस अनुष्ठान में आपकी तरफ से विशेष शक्तिस्थल पर निम्नलिखित देवताओं का आवाहन व उनकी अनोखी कृपा प्राप्त करने हेतु पवित्र सामग्रियों व वैदिक मंत्रों के उच्चारण द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा:

देवता

अभिषेक के दौरान प्रयोग होने वाली वस्तुएं

कृपा

मुरुगा

दूध

दीर्घायु

महाविष्णु

चंदन लेप

संपति

शिव

पंचामृत( पांच वस्तुओं का मिश्रण)

विजय

गणेश

कच्चा नारियल

संतुष्ट जीवन

काल भैरव

चावल का आटा

ऋण व कर्मों से मुक्ति

चंद्र तिथि अनुष्ठानों के दौरान किए जाने वाले अन्य अनुष्ठानों की व्याख्या

पवित्र ग्रंथों के अनुसार निम्नलिखित वैदिक अनुष्ठानों में भाग लेने से आपको निम्नलिखित आशीर्वाद मिल सकते हैं:

Navagraha
  • प्रत्येक माह शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि को होने वाले इस नवग्रह यज्ञ द्वारा आपको ब्रह्मांडीय बुद्धिमता से जुड़ने में मदद मिल सकती है तथा समग्र शांति, प्रसन्नता, उत्तम अवसर व सफलता प्राप्त हो सकती है|
  • आपकी तरफ से 6 अक्टूबर 2018 को सांयकाल 4:30 बजे त्रयोदशी तिथि पर बुरे कर्मों को निरस्त करने हेतु भगवान शिव व उनके पवित्र वाहन नंदी जी के निमित लघुन्यास रूद्र प्रासनम व चमाकम प्रासनम स्तोत्रों के मंत्रोच्चारण द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 6 अक्टूबर 2018 को सांयकाल 4:30 बजे एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में प्रदोषकाल के दौरान भगवान शिव के निमित रूद्र त्रिशती (भगवान रूद्र के 300 नाम) स्तोत्र के मंत्रोच्चारण द्वारा बिल्व पत्र अर्चना की जाएगी|
  • इस अनुष्ठान में आपकी तरफ से बाधाओं का शमन करने हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान(शक्तिस्थल पर 5 नारियलों को फोड़ने से जुड़ा अनुष्ठान) किया जाएगा ताकि जीवन में आगे बढ़ने व समस्त बाधाओं का शमन करने हेतु आपको भगवान गणेश की कृपा प्राप्त हो सके|

चंद्र तिथि अनुष्ठान पैकेज

Manifesting with Moon Phases Package
  • आपकी तरफ से भगवान गणेश के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान मुरुगा के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान काल भैरव के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान महाविष्णु के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान शिव (वैद्यनाथ) के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान गणेश के शक्तिस्थल पर कच्चे नारियल द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भगवान मुरुगा के शक्तिस्थल पर दुग्ध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भगवान काल भैरव के शक्तिस्थल पर चावल के आटे द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भगवान महाविष्णु के शक्तिस्थल पर चंदन लेप द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भगवान शिव के शक्तिस्थल पर पंचामृत (पांच प्रकार की वस्तुओं का मिश्रण) द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से अक्टूबर 14, 2018 को प्रातः 7:30 बजे एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में सामूहिक नवग्रह यज्ञ( 9 ग्रहों के निमित यज्ञ) किया जाएगा
  • आपकी तरफ से 6 अक्टूबर 2018 को सांयकाल 4:30 बजे त्रयोदशी तिथि पर बुरे कर्मों को निरस्त करने हेतु भगवान शिव व उनके पवित्र वाहन नंदी जी के निमित लघुन्यास रूद्र प्रासनम व चमाकम प्रासनम स्तोत्रों के मंत्रोच्चारण द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 6 अक्टूबर 2018 को सांयकाल 4:30 बजे एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में प्रदोषकाल के दौरान भगवान शिव के निमित रूद्र त्रिशती (भगवान रूद्र के 300 नाम) स्तोत्र के मंत्रोच्चारण द्वारा बिल्व पत्र अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से बाधाओं का शमन करने हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान(शक्तिस्थल पर 5 नारियलों को फोड़ने से जुड़ा अनुष्ठान) किया जाएगा|

विशेष शक्तिस्थलों पर होने वाली इन पूजा-अर्चनाओं में अवश्य भाग लें जिन्हें संबंधित देवता से जुड़ी चंद्र तिथियों के दौरान आपकी तरफ से संपन्न किया जाएगा| आपकी तरफ से विशेष शक्तिस्थलों पर किए जाने वाले यह अभिषेक एक वैदिक कार्यपद्धति हैं जो आपको दीर्घायु, संपति, विजय, संतुष्ट जीवन तथा ऋण व बुरे कर्मों से मुक्ति प्रदान करते हैं|

प्रत्येक माह शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि को होने वाले इस नवग्रह यज्ञ द्वारा आपको ब्रह्मांडीय बुद्धिमता से जुड़ने में मदद मिल सकती है तथा समग्र शांति, प्रसन्नता, उत्तम अवसर व सफलता प्राप्त हो सकती है| शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान आपके बुरे कर्मों को नष्ट कर सकते हैं तथा उन बाधाओं का शमन करते हैं जो आपके जीवन में उत्तम भाग्य को आने से रोकती हैं।