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देवी के शक्तिस्थल पर उनकी प्रशंसात्मक स्तुति का सस्वर पाठ
तथा 9 पुजारियों द्वारा भव्य नवचंडी यज्ञ|


बुराई पर विजय व दैवीय सुरक्षा प्राप्त करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति|




जीवन से नकारात्मकता और दुष्ट शक्तियों का नाश करें

देवी चंडी ‘आदि पराशक्ति’ (सर्वोच्च देवी) का सबसे उग्र रूप है। वह मूल रूप से दुष्ट राक्षस महिषासुर को नष्ट करने के लिए उत्पन्न हुई थी। जब देवी चंडी का आह्वान किया जाता है तब वह आपके जीवन से सबसे दृढ नकारात्मक शक्तियों को भी नष्ट सकती हैं। चंडी यज्ञ कोई साधारण अनुष्ठान नहीं है| इस तरह के एक जटिल और शक्तिशाली यज्ञ को वर्षों अनुभवी सुदक्ष पुजारियों द्वारा अत्यंत श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाना चाहिए| देवी से सुरक्षा का सर्वोच्च आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु उनसे संबंधित विशिष्ट शक्तिस्थल पर एस्ट्रोवेद अपने पवित्र यज्ञ अनुष्ठान में उग्र देवी चंडी का आवाहन करेगा|

शक्तिस्थल पर होने वाले चंडी यज्ञ के दो भाग

भाग 1: शक्तिस्थल पर देवी महात्म्य पाठ का मंत्रोच्चारण

देवी महात्म्य जिसे दुर्गा सप्तशती भी कहा जाता है उसमें 700 छंदों में देवी की महिमा वर्णित है| 13 अध्यायों के प्रत्येक भाग में सर्वोच्च देवी चंडी के दुर्गा, काली और चामुंडी आदि रूपों द्वारा राक्षसों का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत का चित्रण किया गया है।

हमारे 9 सुदक्ष वैदिक पुजारी प्राचीन ग्रंथों में वर्णित विधि के अनुसार लगातार 2 घंटों तक मंत्रोच्चारण द्वारा देवी महात्मय का पाठ संपूर्ण करेंगे जो आपकी समस्त बाधाओं को दूर कर सकता है तथा निजी व व्यावसायिक जीवन में उन्नति हेतु आपको अनेक नए अवसर प्रदान कर सकता है|

भाग 2: शक्तिस्थल पर 9 पुजारियों द्वारा भव्य नवचंडी यज्ञ

पाठ के उपरांत शक्तिस्थल पर 9 पुजारियों द्वारा एक विस्तृत व भव्य यज्ञ किया जाएगा जिसमें देवी चंडी की नकारात्मकता को निरस्त करने वाली ऊर्जा के आवाहन द्वारा आपके हृदय, मन और आत्मा का शुद्धिकरण होगा| चंडी यज्ञ में भाग लेकर निष्कपट प्रार्थना करने से आपको जीवन में नकारात्मक ऊर्जा के विरुद्ध एक दैवीय अजेय सुरक्षात्मक शक्ति की प्राप्ति हो सकती है|

देवी से जुड़ने हेतु ग्रहीय सहयोग

22 दिसंबर को चंद्रमा स्वयं अपने ही श्रवण नक्षत्र में होगा| यह नक्षत्र समाहन शक्ति से संबंधित है जिसका अर्थ दूसरों से जुड़ना है| यह जीवन के समस्त पहलुओं में विजय प्राप्त करने हेतु देवी से जुड़ने का सबसे उत्तम दिन है।

चंद्रमा केतु के साथ एक ही राशि में रहेगा तथा मंगल से दृष्ट होगा| इसके अतिरिक्त समस्त ग्रह राहु व केतु के बीच में होंगे| यह ग्रहीय संयोजन देवी चंडी की कृपा का आवाहन करके नकारात्मक भावनाओं पर काबू पाने, अपने मष्तिष्क को सुदृढ़ करने तथा बुरे कर्म व बुरी नज़र से बचने में आपकी सहायता करेगा|

यज्ञ अनुष्ठान में देवी के आवाहन द्वारा मिलने वाले लाभ

पवित्र ग्रंथों के अनुसार नवचंडी यज्ञ में भाग लेने से आपको निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:-

  • आपको इच्छा, ज्ञान कर्म हेतु सकारात्मक उर्जा प्राप्त होती है|
  • नकारात्मक उर्जा के विरुद्ध अजेय सुरक्षात्मक शक्ति प्राप्त होती है|
  • आपको नकारात्मक भावनाओं पर काबू पाने में मदद मिलती है|
  • बुरी नज़र से आपका बचाव होता है|
  • परिवार के सदस्यों के बीच एकता और प्रसन्नता बढ़ती है|
  • शरीर, मन और आत्मा का जीर्णोद्धार होता है|
  • तनाव को दूर करने और शांति प्राप्त करने में मदद मिलती है|
  • बाधाएं दूर होकर व्यावसायिक व निजी जीवन में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होते हैं|
  • शत्रु को सहयोगी बनाने में मदद मिलती है|
  • प्रकटीकरण की शक्ति प्राप्त होती है|

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नवचंडी यज्ञ अनुष्ठान पैकेज

Nava Chandi Homa Package
  • आपकी तरफ से शक्तिस्थल पर देवी महात्मय मंत्रोच्चारण के पश्चात् 9 पुजारियों द्वारा भव्य चंडी यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से देवी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया जाएगा|

एस्ट्रोवेद शक्तिस्थल पर पवित्र यज्ञ अनुष्ठान के द्वारा उग्र देवी चंडी का आवाहन करके आपके लिए दिव्य सुरक्षात्मक कृपा की मांग करेगा| जिसमें देवी चंडी की नकारात्मकता को निरस्त करने वाली ऊर्जा के आवाहन द्वारा आपके हृदय, मन और आत्मा का शुद्धिकरण होगा| दैवीय सुरक्षा व बुराई पर विजय प्राप्त करने हेतु नवचंडी यज्ञ में अवश्य भाग लें|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।