ऋण विमोचन हेतु एकादश सोमवार शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना तथा भाग्य सूक्तम यज्ञ अनुष्ठान
(ऋण मुक्ति तथा आर्थिक स्थिरता हेतु यज्ञ अनुष्ठान)
वैदिक कार्यपद्धति से ऋणों का नाश करके अपने जीवन में आर्थिक स्थिरता प्राप्त करें|
प्रथम सोमवार की पूजा 5 जून 2017 से प्रारंभ होगी
एक ऐसा, 2000 वर्ष प्राचीन पवित्र मंदिर मौजूद है जहां भगवान शिव की ऊर्जा ऋण विमोचन लिंगेश्वर के नाम से प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, इस रूप में भगवान शिव ऋणों से मुक्ति प्रदान करते हैं| पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव के प्रकांड भक्त ऋषि मार्कंडेय ने यह लिंगम स्थापित किया था और वहां रहने वाले लोगों के कल्याण तथा समृद्धि हेतु भगवान शिव ने उनकी प्रार्थना का उत्तर दिया था|
इन सभी वर्षों में, ऋण विमोचन लिंगेश्वर के रूप में भगवान शिव कर्ज से मुक्ति और वित्तीय स्थिति में सुधार हेतु की गई प्रार्थना का जवाब दे रहे हैं। एस्ट्रोवेद एक विशेष श्रृंखला के अनुष्ठानों का आयोजन कर रहा है जो 11 सोमवारों की अवधि के लिए विस्तारित होंगे ताकि कई लोगों को ऋण मुक्ति हेतु आशीर्वाद प्राप्त हो सके| इन अनुष्ठानों में भगवान शिव की प्रसंन्नता हेतु 11 सोमवार तक चलने वाला एक पवित्र अनुष्ठान समिल्लित है तथा अंतिम सोमवार को भगवान शिव की महान कृपा प्राप्त करने के लिए एक विशेष जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा| प्रत्येक सप्ताह आपके लिए शक्तिस्थल पर विशेष अनुष्ठान के बाद भाग्य सूक्तम यज्ञ हमारे एस्ट्रोवेद के उपचार केंद्र में कर्ज से मुक्ति तथा जीवन में वित्तीय स्थिरता लाने के लिए किया जाएगा|
भाग्य सूक्तम स्तोत्र यजुर्वेद में वर्णित एक पवित्र पाठ है| यजुर्वेद को संसार के प्राचीनतम पवित्र धर्मग्रंथों में से एक माना जाता है| भाग्य सूक्तम भगवान भगदेव की स्तुति है तथा इसके द्वारा भग देवता का आवाहन किया जाता है। भग देव को संपति तथा भाग्य प्रदान करने वाला माना जाता है। यजुर्वेद के एक श्लोक में भग देव की प्रार्थना की गई है जिन्हें भगवान सूर्य का रूप माना जाता है। संस्कृत में “भाग्य” का अर्थ किस्मत/समृद्धि/संपति से है। ऐसी मान्यता है कि निपुण पुजारियों द्वारा यज्ञ अनुष्ठान के माध्यम से भग देवता का आवाहन आपको प्रयासों में सफलता तथा खुशियाँ प्रदान कर सकता है।
अनुष्ठान तथा यज्ञ में भाग लेकर आप निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं:
एकादश सोमवार ऋण मुक्ति पैकेज
ऋण विमोचन लिंगेश्वर के रूप में भगवान शिव कर्ज से मुक्ति और वित्तीय स्थिति में सुधार हेतु की गई प्रार्थना का जवाब दे रहे हैं। एस्ट्रोवेद एक विशेष श्रृंखला के अनुष्ठानों का आयोजन कर रहा है जो 11 सोमवारों की अवधि के लिए विस्तारित होंगे ताकि कई लोगों को ऋण मुक्ति हेतु आशीर्वाद प्राप्त हो सके| अब भगवान शिव का आहवान करके उनकी कृपा द्वारा ऋण मुक्त होकर संपति, समृद्धि तथा सौभाग्य प्राप्त करें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित उत्पादों के साथ-साथ पवित्र यज्ञ से प्राप्त विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान देंइस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिए जाने वाले उत्पाद तथा प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिए जाएंगे। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
Additional Service
ऋण मुक्ति हेतु केवल एक सोमवार भगवान शिव से संबंधित अनुष्ठान
अब भगवान शिव का आहवान करके उनकी कृपा द्वारा ऋण मुक्त होकर संपति, समृद्धि तथा सौभाग्य प्राप्त करें| इन अनुष्ठानों में भगवान शिव से संबंधित एक पवित्र अनुष्ठान, ऋण मुक्ति हेतु नृसिंह स्तोत्र का पाठ तथा सामूहिक रूप से होने वाला भाग्य सूक्तम यज्ञ आदि समिल्लित हैं| इन सभी अनुष्ठानों को केवल एक सोमवार ही किया जाएगा|
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।