उन्नत रुद्रम जाप के साथ प्रमुख इच्छा पूर्ति और पाप
सीधा प्रसारण दिसम्बर 23, 2018 (भारतीय मानक समयानुसार)
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भगवान् शिव के नटराज के रूप में उत्साही नृत्य का दिन को आरुद्रा दर्शन कहते हैं| यह तमिल मार्गजी महीने दिसंबर-जनवरी– मगसिरसा में आरुद्रा नक्षत्र और पूर्णिमा के योग के दिन मनाया जाता है | इस सालयह दिन दिसम्बर महीने 23 को होता है| इस दिन शिव के जन्मदिन के रूप में भी जाना जाता है। शिव के जन्मदिन और उत्साही नृत्य के दिन भगवान शिव से जुड़कर, अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए उनके आशीर्वादों का आह्वान कर सकते हैं, अपने दिमाग के नकारात्मकता को अव्यवस्थित कर सकते हैं, पापों को विनष्ट कर सकते हैं और समृद्धि और खुशी के साथ जीवन जी सकते हैं।
रुद्र यज्ञ, पापों को हटाने और इच्छाओं की पूर्ति के लिए भगवान रुद्र से जुड़ने का सबसे शक्तिशाली समारोह है। ‘श्री रुद्रम’ एक वैदिक भजन है जो शिव के आक्रामक रूप को शांतिपूर्ण रूप में बदलने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गाया जाता है। यह भजन “गाना“शैली में, वेदिक मंत्रों के जटिल और उन्नत रूप का जाप का उपयोग करके गाया जाता है।यह सबसे शक्तिशाली भजन है|
मुताबिकवैदिक पुजारियों के गाना शैली रुद्रं जाप के साथ पवित्र यज्ञ प्रार्थना में भगवान रुद्र का आह्वान करने से निम्नलिखित आशीर्वाद मिल सकते हैं:
परंपरागत अभ्यास के अनुसार, भगवान नटराज को 11 पवित्र द्रव्यों सेअभिषेक और आरती करके प्रार्थना करने से निम्नलिखित आशीषें मिल सकते हैं|

मंदिर परंपरा के अनुसार, 3 मंदिर पर नटराज को अर्चना करने से निम्नलिखित आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं
मंदिर परंपरा के अनुसार, त्रिमधुरं (केले , शहद और घी का मिश्रण) का समर्पण विभिन्न बीमारियों से राहत प्रदान कर सकता है, और अच्छे स्वास्थ्य प्रदान कर सकता है
भगवान् शिव के नटराज के रूप में उत्साही नृत्य का दिन को आरुद्रा दर्शन कहते हैं| यह तमिल मार्गजी महीने (दिसंबर-जनवरी– मगसिरसा) में आरुद्रा नक्षत्र और पूर्णिमा के योग के दिन मनाया जाता है |प्रकृति के सभी पैटर्न और सभी लय शिव के नृत्य से निकलती हैं। हमारे आवश्यक शिव जन्मदिन समारोहों में भाग लें और नई और बेहतर संभावनाओं के साथ जीवन बनाने के लिए भगवान शिव के आशीर्वाद प्राप्त करें।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै केअनुसार
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होतीहै।”
कृपया ध्यान दें इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
भगवान् शिव के नटराज के रूप में उत्साही नृत्य का दिन को आरुद्रा दर्शन कहते हैं| यह तमिल मार्गजी महीने दिसंबर-जनवरी– मगसिरसा में आरुद्रा नक्षत्र और पूर्णिमा के योग के दिन मनाया जाता है |प्रकृति के सभी पैटर्न और सभी लय शिव के नृत्य से निकलती हैं। हमारे प्रीमियर शिव जन्मदिन समारोहों में भाग लें और नई और बेहतर संभावनाओं के साथ जीवन बनाने के लिए भगवान शिव के आशीर्वाद प्राप्त करें।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको अभिमंत्रित रुद्राक्ष और पवित्र विभूति प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै केअनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होतीहै।”
कृपया ध्यान दें:इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला अभिमंत्रित रुद्राक्ष और प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
भगवान शिव को विभिन्न नामों हैं| उनमें से एक है कि रूद्र| भगवान नटराज (शिव) के जन्मदिवस पर मनाये जानेवाले रूद्र यज्ञ के लिए बुक करें जो आपके सभी शारीरिक, मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में अधिक शक्तिशाली माना जाता है। यह अग्नि प्रार्थना सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने और नवग्रह (9 ग्रह) के नकारात्मक प्रभाव को निष्क्रिय करने और आध्यात्मिक सशक्तिकरण और सांसारिक सुख लाने के लिए किया जाता है।
आप क्या प्राप्त करेंगे?
आपको पवित्र विभूति प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै केअनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होतीहै।”
कृपया ध्यान दें:इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।