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एक वर्ष में अपने कर्मों के 12 पहलुओं का पुनः निर्माण करें|


जन्मकुंडली के 12 भावों का प्रतिनिधित्व करने वाले जीवन के 12 पहलुओं से संबंधित बुरे कर्मों को निरस्त करने हेतु 9376 लक्षित वैदिक अनुष्ठान व उपचार|


यह कैसे काम करता है: पहचानना, मिटाना, पुनः निर्माण करना|

आपकी जन्मकुंडली के 12 भावों के आधार पर जीवन के 12 प्रमुख क्षेत्रों का पुनः निर्माण करने के लिए एस्ट्रोवेद ने एक शक्तिशाली वार्षिक कार्यक्रम का निर्माण किया है| प्रत्येक माह एक विशिष्ट भाव और उससे संबंधित जीवन के मुद्दे पर ध्यान दिया जाएगा। यह एक तरह का व्यापक कार्यक्रम है जिसे ग्रहों के राजा सूर्य के सहयोग द्वारा आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन करने के लिए तैयार किया गया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य आपकी आत्मा और जीवनी शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

यह कार्यक्रम कैसे काम करता है?

पहले चरण के रूप में आपको अपने जीवन के 12 प्रमुख क्षेत्रों को समझना होगा जिस पर यह कार्यक्रम ध्यान केंद्रित करेगा। जैसे ही सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है तब तब वह जीवन के निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपना प्रभाव डालता जाता है।

सूर्य और जीवन से जुड़े 12 क्षेत्र

मेष में सूर्य

व्यक्तित्व और मनोवृत्ति

वृषभ में सूर्य

वित्त और परिवार

मिथुन में सूर्य

निर्णय शक्ति और कौशल का उपयोग

कर्क में सूर्य

भौतिक सुख

सिंह में सूर्य

बुद्धिमता व पूर्वजन्म के कर्म

कन्या में सूर्य

ऋण, स्वास्थ्य, शत्रु व मुकदमेबाजी

तुला में सूर्य

संबंध

वृश्चिक में सूर्य

बाधाएं और दीर्घायु

धनु में सूर्य

भाग्य व अनुग्रह

मकर में सूर्य

कार्यक्षेत्र/ व्यवसाय और सामाजिक स्थिति

कुंभ में सूर्य

लाभ व इच्छाओं की पूर्ति

मीन में सूर्य

हानि और प्रबुद्धता

प्रथम चरण
पहचान

आप अपने जीवन के 12 क्षेत्रों से जुड़े मसलों को पहचानने के लिए एस्ट्रोवेद के योग्य ज्योतिषियों द्वारा 4 तिमाही वैदिक ज्योतिष विवरण प्राप्त करेंगे। यह विश्लेषण 12 भावों में से प्रत्येक में ग्रहों की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।

द्वितीय चरण
मिटाना

एस्ट्रोवेद आपके जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण पक्ष से संबंधित कर्म को शुद्ध करने के लिए प्रत्येक माह दैनिक और मासिक रूप से लक्षित वैदिक अनुष्ठानों और यज्ञों का आयोजन करेगा।

तृतीय चरण
स्वयं का पुनः निर्माण

पिछले चरण के अनुसार एक बार जब बुरे कर्मों को निरस्त कर दिया जाएगा तब नववर्ष में अपने जीवन का पुनः निर्माण करने के लिए आपको आशीर्वाद प्राप्त होगा|

वर्ष भर चलने वाला यह कार्यक्रम आपके लिए क्या कर सकता है?

  • आप अपनी सभी समस्याओं के लिए मूल कारणों की खोज करते हैं|
  • विस्तृत 9376 वैदिक अनुष्ठानों व उपचारों के द्वारा आपके कर्म व्यापक रूप से शुद्ध होते हैं|

एक वर्ष में अपने कर्मों के 12 पहलुओं का पुनः निर्माण करें|

इस व्यापक वार्षिक कार्यक्रम में निम्नलिखित घटक शामिल हैं:

मासिक लक्षित यज्ञ

  • जनवरी-फरवरी/मकर
    आपकी तरफ से राज मातंगी यज्ञ( सामाजिक स्तर में वृद्धि व कार्यक्षेत्र में उन्नति प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|
  • फरवरी-मार्च/कुंभ
    आपकी तरफ से सुदर्शन यज्ञ (सुरक्षा प्रदाता व इच्छाओं की पूर्ति हेतु यज्ञ) किया जाएगा|
  • मार्च-अप्रैल/मीन
    आपकी तरफ से कार्तवीर्य अर्जुन यज्ञ (क्षतिपूर्ति हेतु यज्ञ) किया जाएगा|
  • अप्रैल-मई/मेष
    आपकी तरफ से राज गणपति यज्ञ(मनोवृत्ति व व्यक्तित्व शुद्धिकरण से संबंधित यज्ञ) किया जाएगा|
  • मई-जून/ वृषभ
    आपकी तरफ से लक्ष्मी कुबेर यज्ञ (आर्थिक उन्नति व सफलता हेतु यज्ञ) किया जाएगा|
  • जून-जुलाई/मिथुन
    आपकी तरफ से हंस वागेश्वरी यज्ञ(विचारों व कार्यों में स्पष्टता प्राप्त करने हेतु यज्ञ) किया जाएगा|
  • जुलाई-अगस्त/कर्क
    आपकी तरफ से भू सूक्तम यज्ञ (सुख व संपत्ति प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|
  • अगस्त-सितम्बर/सिंह
    आपकी तरफ से शारदा तिल यज्ञ (पूर्व कर्मों में सुधार हेतु यज्ञ) किया जाएगा|
  • सितम्बर-अक्टूबर/कन्या
    आपकी तरफ से शत्रु संहार यज्ञ (ऋण व रोग से मुक्ति हेतु यज्ञ) किया जाएगा|
  • अक्टूबर-नवंबर/ तुला
    आपकी तरफ से ऐकमत्य सूक्तम यज्ञ (एकता को बढाने वाला यज्ञ) किया जाएग|
  • नवंबर-दिसंबर/ वृश्चिक
    आपकी तरफ से मृत्युंजय यज्ञ(उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|
  • दिसंबर-जनवरी/ धनु
    आपकी तरफ से भाग्य सूक्तम यज्ञ (सौभाग्य प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|

केरल शक्तिस्थल पर अद्वितीय मासिक अनुष्ठान

1. मुत्तारुक्कल- बाधा निवारण हेतु केरल शक्तिस्थल पर किए जाने वाले विभिन्न उपचार-
  • दृष्टि मुत्तु (नकारात्मकता के शमन हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • कर्म मुत्तु ( कार्यक्षेत्र में उन्नति हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • व्यवहार मुत्तु (शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • देह मुत्तु ( उत्तम स्वास्थ्य हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • भाग्य मुत्तु ( सौभाग्य की प्राप्ति हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • सर्व ऐश्वर्य मुत्तु (समग्र रूप से समृद्धि प्राप्त करने हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • धन मुत्तु ( लाभ में वृद्धि हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
  • विद्या मुत्तु ( उच्च ज्ञान की प्राप्ति हेतु नारियल फोड़ने से संबंधित अनुष्ठान)
Pushpanjali
2. पुष्पांजलि- केरल शक्तिस्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा विभिन्न पुष्पार्पण अनुष्ठान-
  • स्वस्ति सूक्त पुष्पांजलि व कुंकुम अर्चना ( मानसिक शांति व प्रसन्नता हेतु पूजा-अर्चना)
  • श्री सूक्त पुष्पांजलि (समृद्धि हेतु पूजा-अर्चना)
  • पुरुष सूक्त पुष्पांजलि ( समस्यामुक्त जीवन व संतुलित मन हेतु पूजा-अर्चना)
  • स्वर सूक्त पुष्पांजलि (रोग मुक्ति व उत्तम स्वास्थ्य हेतु पूजा-अर्चना)
  • ऐकमत्य पुष्पांजलि ( एकता को बढाने हेतु पूजा-अर्चना)
  • मृत्युंजय पुष्पांजलि ( दीर्घायु हेतु पूजा-अर्चना)
  • भाग्य सूक्त पुष्पांजलि (सौभाग्य की प्राप्ति हेतु पूजा-अर्चना)
  • सरस्वती सूक्त पुष्पांजलि (उच्च ज्ञान की प्राप्ति हेतु पूजा-अर्चना)
3. पारा वाज्हिपदु- केरल शक्तिस्थल पर पवित्र वस्तुओं को एक मापक पात्र द्वारा अर्पित करने से संबंधित विभिन्न अनुष्ठान-
  • तुलसी पारा (मनोदृष्टि और व्यक्तित्व में सुधार हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
  • आविल पारा ( आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
  • वेल्लम पारा ( समस्त प्रयासों को सफल बनाने हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
  • नेल्लू (पद्दी) पारा ( भौतिक सुखों में वृद्धि हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
  • एल्लू पारा (पूर्व जन्म से जुड़े समस्त शापों से मुक्ति हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
  • पुष्पम पारा (सौहार्दपूर्ण संबंध हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
  • चावल पारा ( सौभाग्य की प्राप्ति हेतु पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से संबंधित अनुष्ठान)
Para Vazhipadu
Planetary Overlord Abishekam
4. ग्रह अधिपति अभिषेक (जलाभिषेक अनुष्ठान)
  • व्यक्तित्व के निर्माण हेतु भगवान मुरुगा का दूध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • उत्तम संबंध व समृद्धि की प्राप्ति हेतु देवी लक्ष्मी का दूध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • कौशल में सुधार व ऋण से मुक्ति हेतु भगवान विष्णु का दूध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • घरेलु सुख-शांति हेतु देवी पार्वती का दूध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • पिछले जन्म का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु भगवान शिव का पानी द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • बाधाओं को नष्ट करने हेतु देवी दुर्गा का गुलाबजल द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • सौभाग्य की प्राप्ति हेतु भगवान गणेश का दूध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • प्रगतिशील कार्यक्षेत्र हेतु भगवान शिव का कच्चे नारियल के पानी द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
  • इच्छाओं की पूर्ति हेतु भगवान हनुमान को मक्खन का भोगार्पण
  • उच्च ज्ञान की प्राप्ति हेतु भगवान दक्षिणामूर्ति का दूध द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान
5. 365 दिनों हेतु 25 प्रमुख देवताओं के निमित दैनिक अनुष्ठान
सूर्य ग्रह की पूजा शुक्र ग्रह की पूजा भगवान विष्णु की पूजा देवी लक्ष्मी की पूजा भगवान मुरुगा की पूजा
चंद्र ग्रह की पूजा शनि ग्रह की पूजा भगवान राम, देवी सीता व लक्ष्मण जी की पूजा देवी पार्वती की पूजा देवी बाल त्रिपुरा सुंदरी की पूजा
मंगल ग्रह की पूजा राहु ग्रह की पूजा भगवान हयग्रीव की पूजा देवी सरस्वती की पूजा भगवान करुप्पास्वामी जी की पूजा
बुध ग्रह की पूजा केतु ग्रह की पूजा भगवान हनुमान की पूजा लक्ष्मी-नृसिंह जी की पूजा राधा-कृष्ण जी की पूजा
गुरु ग्रह की पूजा भगवान शिव और उनके दैवीय वाहन नंदी जी की पूजा भगवान गणेश की पूजा भगवान नटराज की पूजा गुरु(शिक्षक) की पूजा

एक वर्ष में 9376 वैदिक अनुष्ठानों व समारोहों द्वारा अपने कर्मों के 12 पहलुओं का पुनः निर्माण करने हेतु मूलभूत पैकेज

Basic Package to Recreate 12 Aspects
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक प्रति माह जीवन के 12 प्रमुख पहलुओं से संबंधित 12 प्रकार के बुरे कर्मों को निरस्त करने हेतु एक व्यक्तिगत यज्ञ किया जाएगा|
  • आपको एक संपूर्ण वर्ष में 4 बार प्रत्यक्ष ज्योतिषीय परामर्श प्रदान किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 365 दिनों तक एस्ट्रोवेद के उपचार केंद्र में 25 देवताओं की 9125 दैनिक पूजाएँ की जाएँगी|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक चतुर्थी, षष्ठी, अष्टमी व एकादशी तिथियों पर 48 सामूहिक यज्ञ किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक 24 प्रदोष अनुष्ठान किए जाएंगे तथा प्रति माह 2 प्रदोष अनुष्ठान किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ़ से 12 महीनों तक 8 मुत्तारुक्कल अनुष्ठान (बाधा निवारण हेतु केरल शक्तिस्थल पर किए जाने वाले विभिन्न उपचार) किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक 7 पारा भोगार्पण अनुष्ठान (केरल शक्तिस्थल पर पवित्र वस्तुओं को एक मापक पात्र द्वारा अर्पित करने से संबंधित विभिन्न अनुष्ठान) किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक 8 पुष्पांजलि पूजा (केरल शक्तिस्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा विभिन्न पुष्पार्पण अनुष्ठान) की जाएँगी|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक प्रति माह शक्तिस्थल पर एक ग्रहीय अधिदेवता के निमित जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक मासिक शक्तिस्थल अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से संपूर्ण वर्ष में आने वाले समस्त 48 शुक्रवारों को कामधेनु पूजा (इच्छाओं की पूर्ति करने वाली पवित्र गाय की पूजा) की जाएगी|
  • आपकी तरफ से संपूर्ण वर्ष में आने वाले 48 समस्त शुक्रवारों को गाय को चारा खिलाया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक प्रत्येक माह में दो बार वैदिक बालकों को भोजन कराया जाएगा|

जैसे ही सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है तब तब वह जीवन के निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपना प्रभाव डालता जाता है। यह एक तरह का व्यापक कार्यक्रम है जिसे ग्रहों के राजा सूर्य के सहयोग द्वारा आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन करने के लिए तैयार किया गया है। यह एक तरह का व्यापक कार्यक्रम है जो आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन करने के लिए बनाया गया है।

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

एक बार में भुगतान हेतु विकल्प
चार किश्तों में भुगतान हेतु विकल्प
बारह किश्तों में भुगतान हेतु विकल्प

एक वर्ष में 9376 वैदिक अनुष्ठानों व समारोहों द्वारा अपने कर्मों के 12 पहलुओं का पुनः निर्माण करने हेतु प्रधान पैकेज

 Premier Package to Recreate 12 Aspects
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक प्रति माह जीवन के 12 प्रमुख पहलुओं से संबंधित 12 प्रकार के बुरे कर्मों को निरस्त करने हेतु एक व्यक्तिगत यज्ञ किया जाएगा|
  • आपको एक संपूर्ण वर्ष में 4 बार प्रत्यक्ष ज्योतिषीय परामर्श प्रदान किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 365 दिनों तक एस्ट्रोवेद के उपचार केंद्र में 25 देवताओं की 9125 दैनिक पूजाएँ की जाएँगी|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक चतुर्थी, षष्ठी, अष्टमी व एकादशी तिथियों पर 48 सामूहिक यज्ञ किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक 24 प्रदोष अनुष्ठान किए जाएंगे तथा प्रति माह 2 प्रदोष अनुष्ठान किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ़ से 12 महीनों तक 8 मुत्तारुक्कल अनुष्ठान (बाधा निवारण हेतु केरल शक्तिस्थल पर किए जाने वाले विभिन्न उपचार) किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक 7 पारा भोगार्पण अनुष्ठान (केरल शक्तिस्थल पर पवित्र वस्तुओं को एक मापक पात्र द्वारा अर्पित करने से संबंधित विभिन्न अनुष्ठान) किए जाएंगे|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक 8 पुष्पांजलि पूजा (केरल शक्तिस्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा विभिन्न पुष्पार्पण अनुष्ठान) की जाएँगी|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक प्रति माह शक्तिस्थल पर एक ग्रहीय अधिदेवता के निमित जलाभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक मासिक शक्तिस्थल अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से संपूर्ण वर्ष में आने वाले समस्त 48 शुक्रवारों को कामधेनु पूजा (इच्छाओं की पूर्ति करने वाली पवित्र गाय की पूजा) की जाएगी|
  • 2आपकी तरफ से संपूर्ण वर्ष में आने वाले 48 समस्त शुक्रवारों को गाय को चारा खिलाया जाएगा|
  • आपकी तरफ से 12 महीनों तक प्रत्येक माह में दो बार वैदिक बालकों को भोजन कराया जाएगा|

आपकी जन्मकुंडली के 12 भावों के आधार पर जीवन के 12 प्रमुख क्षेत्रों का पुनः निर्माण करने के लिए एस्ट्रोवेद ने एक शक्तिशाली वार्षिक कार्यक्रम का निर्माण किया है| आप अपनी सभी समस्याओं के लिए मूल कारणों की खोज करते हैं| स्वयं को बदलने व अपना पुनः निर्माण करने से संबंधित इस अनुष्ठान प्रक्रिया में आपकी भागीदारी प्रत्येक व्यक्तिगत स्तर पर होने वाले परिवर्तन को महसूस करने में आपकी मदद कर सकती है|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

एक बार में भुगतान हेतु विकल्प
चार किश्तों में भुगतान हेतु विकल्प
बारह किश्तों में भुगतान हेतु विकल्प