x
cart-added The item has been added to your cart.

तिरुवन्नामलाई में भगवान शिव के निमित्त अन्न अभिषेक
( पके हुए चावलों द्वारा भव्य अभिषेक अनुष्ठान)
पूर्व व वर्तमान जन्म के बुरे कर्मों का निराकरण तथा

तिरुवन्नामलाई (महान पर्वत अरुणाचल में अग्नि के रूप में स्थित भगवान शिव) में अन्नदान

भगवान शिव की कर्मों को निरस्त करने वाली तथा जीवनदायनी ऊर्जा द्वारा स्वयं में परिवर्तन करें

3 नवंबर 2017

अन्न अभिषेक- कर्म निरस्त अनुष्ठान

जीवन की चुनौतियों को दूर करने के लिए 3 नवंबर को आने वाले आगामी पूर्णिमा दिवस की पहचान साधुओं द्वारा एक शक्तिशाली समय के रूप में की गई है| भगवान शिव से संबंधित वर्ष में सिर्फ एक बार आने वाले इस एक दिवसीय समारोह के दौरान सर्वोच्च भेंट के रूप में शिवलिंग पर पके हुए चावल की एक बड़ी मात्रा से अभिषेक किया जाता है। चावल की जीवनदायनी ऊर्जा व पौष्टिक गुणों में भगवान शिव की शक्ति को पूरी तरह से शिवलिंग में अवशोषित करने की शक्ति है, जो उनकी ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है।

इस दिन भगवान शिव पर चावल से अभिषेक करने पर आपके पूर्व जन्म के बुरे कर्म निरस्त हो सकते हैं तथा आप अपने वर्तमान जीवन के कर्मों को शुद्ध कर सकते हैं। माना जाता है कि इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेने से आप प्रसन्न, समस्या मुक्त व भरपूर जीवन जी सकते हैं।

भगवान शिव को धन्यवाद देने हेतु सर्वोच्च भेंट

चावलों से किया जाने वाला यह भव्य अभिषेक अनुष्ठान प्रकृति के पंचतत्व व पृथ्वी पर समस्त प्रकार के जीवन के एकमात्र संरक्षक भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु किया जाता है| अभिषेक के एक महान प्रेमी भगवान शिव को आमतौर पर 11 पवित्र वस्तुओं से स्नान कराया जाता है, जिसमें से पके हुए चावल द्वारा अभिषेक करना उन्हें सर्वाधिक पसंद है|

इसके अतिरिक्त चावल प्रकृति के पंचतत्वों के मिलाप का एक परिणाम है| चावल उस बीज से उत्पन्न होता है जिसे जमीन में बोया जाता है और ब्रह्मांड के जल द्वारा पोषित होता है| सूर्य की अग्नि से पनपता है तथा वायु की सहायता से धान रूप में परिवर्तित होता है और तब यह चावल सभी जीवित प्राणियों को खिलाया जाता है। यह विश्वव्यापी रक्षक भगवान शिव के अन्न अभिषेक जैसे सर्वोच्च अनुष्ठान को और भी अधिक महत्व प्रदान करता है।

अन्न अभिषेक अनुष्ठान से प्राप्त होने वाले लाभ

  • आपकी शारीरिक समस्याओं का अंत होकर आंतरिक शांति प्राप्त होती है|
  • आपकी व्यापार संबंधी समस्याओं का निराकरण होकर समृद्धि प्राप्त होती है|
  • कृषि में समृद्धि और अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित होती है|
  • उत्तम संतान सुख प्राप्त होता है|
  • सुंदरता व आत्मविश्वास में वृद्धि होती है|
  • खाद्य स्रोतों में कभी भी कमी नहीं आती है|
  • अभिषेक प्रसाद को ग्रहण करने से बच्चों की स्मृति शक्ति में वृद्धि होती है|

अन्न अभिषेक पैकेज

ANNA ABISHEKAM PACKAGE
  • आपकी तरफ से तिरुवन्नामलाई शक्तिस्थल पर अन्न अभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से तिरुवन्नामलाई शक्तिस्थल पर 3 लोगों को भोजन कराया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भगवान अन्नपूर्णेश्वर व देवी अन्नपूर्णी की पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से अन्नपूर्णेश्वरी यज्ञ किया जाएगा|
  • आपको 1.5 इंच आकार की देवी अन्नपूर्णेश्वरी की प्रतिमा प्रदान की जाएगी|

अन्न अभिषेक जैसे विशिष्ट शक्तिशाली दिवस पर भगवान शिव की कर्मों को निरस्त करने वाली तथा जीवनदायनी ऊर्जा द्वारा स्वयं में परिवर्तन करें| अनुष्ठान 3 नवंबर 2017 को किए जाएंगे| इस विशिष्ट दिवस पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना द्वारा उनकी शुद्ध व असीम ऊर्जा का उपयोग करके आप अपने जीवन में महत्वपूर्ण सुधार लाने में सक्षम होंगे| माना जाता है कि इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेने से आप प्रसन्न, समस्या मुक्त व भरपूर जीवन जी सकते हैं।

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें: इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अनुशंसित सेवा

तिरुवन्नामलाई में अन्नदान हेतु प्रायोजन

Food Feeding at Tiruvannamalai

भूखे व्यक्ति को भोजन कराना ईश्वरीय कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल माध्यम है| अन्नदान सभी दानों में सबसे बड़ा दान माना जाता है| शास्त्रों के अनुसार, गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना सभी दानों में सबसे ऊंचा है। श्रेष्ठता प्राप्त करने के लिए पूर्णिमा पर अन्नदान एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। लोगों को अन्नदान करने से आप समस्याओं से मुक्त हो सकते हैं और जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्रदान कर सकते हैं। जैसे ही आप अन्नदान से संबंधित सेवाओं में भाग लेते हैं, आप सकारात्मक ऊर्जा और मन की शांति को आकर्षित कर सकते हैं।

9 व्यक्तियों हेतु अन्नदान
18 व्यक्तियों हेतु अन्नदान
27 व्यक्तियों हेतु अन्नदान
54 व्यक्तियों हेतु अन्नदान
108 व्यक्तियों हेतु अन्नदान