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धन व राजसी चेतना का निर्माण करने हेतु वैदिक कार्यपद्धति- तृतीया तिथि से संबंधित धनप्रदायक अनुष्ठान

अक्षय तृतीया 2018
निरंतर धन वृद्धि हेतु भव्य राजसी धनप्रदायक दिवस+ वर्ष भर चलने वाली धनप्रदायक कृपा हेतु 114 योजनाबद्ध वैदिक अनुष्ठान

+ 114 TARGETED VEDIC RITUALS FOR YEARLONG WEALTH BLESSINGS

सीधा प्रसारण 17 अप्रैल 2018 को सांयकाल 5:30 बजे(पैसेफिक मानक समयानुसार)/ रात्रि 8:30 बजे (ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 18 अप्रैल 2018 को प्रातः 6:00 (भारतीय मानक समयानुसार)

“ अक्षय तृतीया धन संबंधी चेतना को विकसित करने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के कारण हमें प्राप्त होने वाली समृद्धिशाली ऊर्जा का जश्न मनाएं। इस दिन तृतीया चंद्र तिथि होती है। यदि आप इस अवसर को चूकते हैं तो आपको एक और वर्ष तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।”

–डॉ. पिल्लै-

 अक्षय तृतीया:
जीवन में स्थायी धन-संपदा को आमंत्रित करने हेतु महत्वपूर्ण दिवस

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| वर्ष में एक बार शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को आने वाला यह विशेष दिवस संपूर्ण संसार को राजसी ऊर्जा व भौतिक प्रचुरता प्रदान करता है| आप इस धन संबंधी राजसी सृजनात्मक उर्जा को अपने मन और आत्मा के भीतर ग्रहण कर सकते हैं। एस्ट्रोवेद ने आपके निमित 4 विशिष्ट पैकेज का निर्माण किया है ताकि इस महत्वपूर्ण दिवस पर राजसी चेतना प्राप्त करने हेतु आप जीवन में धन व समृद्धि को आमंत्रित कर सकें तथा अनुष्ठानों के माध्यम से अपने आंतरिक दृष्टिकोण का पोषण करके स्थायी धन-संपदा व समृद्धि प्राप्त कर सकें|

इस दिन आप हमारे भव्य राजसी धन संबंधी अनुष्ठानों में भाग ले सकते हैं तथा त्रैमासिक आधारित हमारे एक वर्षीय कार्यक्रम हेतु भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं जो स्थायी धन-संपदा की ऊर्जा को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

 अक्षय तृतीया की शक्ति का पौराणिक महत्व

अक्षय तृतीया दिवस का महत्व मानवता के इतिहास में द्वितीय सबसे प्राचीन युग त्रेतायुग से संबंधित है| डॉ. पिल्लै ने विभिन्न पवित्र ग्रंथों व शास्त्रों में उल्लेखित विशेषताओं के आधार पर इस दिन के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डाला है:

Watch 2017 Akshaya Tritiya Ceremonies

  • शिव पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया दिवस पर भगवान शिव द्वारा कुबेर को धन-संपदा का स्वामी व स्वर्ग का साहूकार नियुक्त किया गया था|
  • अक्षय तृतीया पर देवी पार्वती ने देवी अन्नपूर्णा के रूप में अवतार ग्रहण किया तथा भगवान शिव ने उनसे भिक्षा(दान) प्राप्त की थी| माना जाता है कि भगवान शिव को भोग लगाने से देवी अन्नपूर्णा संपूर्ण ब्रह्मांड का भरण-पोषण करती है|
  • महाभारत के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने 5 पांडव बंधुओं की पत्नी द्रौपदी को पांडवों के अज्ञातवास के दौरान ‘अक्षय पात्र’ नामक एक दिव्य पात्र भेंट किया था। जब कभी जितने लोगों के लिए आवश्यकता होती थी यह पात्र चमत्कारिक ढंग से उतनी मात्रा में भोजन उत्पादित करता था|
  • भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म ऋषि जमदग्नि व उनकी पत्नी रेणुका द्वारा अक्षय तृतीया दिवस पर प्रदोष काल के दौरान हुआ था।
  • यह माना जाता है कि अक्षय तृतीया दिवस पर पृथ्वी को उपजाऊ बनाने व मानव जाति की प्यास बुझाने हेतु सबसे पवित्र गंगा नदी का अवतरण पृथ्वी के धरातल पर हुआ था|
  • महान ऋषि वेद व्यास जी महाभारत का कथन गणेश जी के समक्ष प्रारंभ किया तथा भगवान गणेश ने अक्षय तृतीया दिवस पर इसे लिखित रूप प्रदान किया|
  • शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने अक्षय तृतीया दिवस पर अपने बचपन के मित्र सुदामा को भौतिक समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया था|

स्थायी धन-संपदा हेतु 1 वर्षीय कार्यक्रम

डॉ. पिल्लै के मार्गदर्शन में एस्ट्रोवेद ने एक वार्षिक कार्यक्रम का निर्माण किया है जो देवी लक्ष्मी से गहराई से जुड़ने में आपकी सहायता कर सकता है। आप अपनी परंपरा के अनुसार प्रत्येक तृतीया तिथि पर विशेष अनुष्ठानों के माध्यम से स्थायी संपति की प्राप्ति हेतु देवी लक्ष्मी की कृपा का आह्वान कर सकते हैं। यह तृतीया तिथि बहुत शक्तिशाली है क्योंकि इस तिथि से चंद्रमा की तीव्र गति से वृद्धि होती है जब तक कि संपूर्ण प्रचुरता का प्रतिनिधित्व करने वाली पूर्णिमा तिथि नहीं आ जाती है। इसी प्रकार तृतीया तिथि पर किया गया कोई भी अनुष्ठान या गतिविधि कई गुणा परिणाम प्रदान करती है। पौराणिक रूप से इस तृतीया तिथि पर रत्नों से शोभित चंद्रमा भगवान शिव, गणेश व देवी कामाक्षी के मस्तक पर शोभायमान होता है जो कि अनंत विस्तार का प्रतीक है।

स्थायी धन-संपदा हेतु इस 1 वर्षीय कार्यक्रम में तृतीया तिथि को संपन्न होने वाले 114 अनुष्ठान शामिल हैं

  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर चाँदी के कमल पुष्प द्वारा 24 लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर अनार के बीजों द्वारा 24 लक्ष्मी अष्टक पाठ के मंत्रोच्चारण सहित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर कनकधारा के माध्यम से देवी महालक्ष्मी जी की 24 बिल्वपत्र पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर गुलाब पुष्प के माध्यम से श्री सूक्तम (देवी लक्ष्मी जी की प्रशंसा स्तुति) के मंत्रोच्चारण द्वारा देवी महालक्ष्मी जी की 24 पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से माह में एक बार स्वर्ण मंदिर में देवी महालक्ष्मी जी की 12 विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से एक वर्ष में आने वाले रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य दिवसों पर देवी लक्ष्मी जी की 6 विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाएगी|
भव्य राजसी धन-संपदा दिवस अनुष्ठान
Akshayanathar

थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ

 इस 2500 वर्षीय प्राचीन शक्तिस्थल के पत्थरों पर उत्कीर्ण नक्काशी के अनुसार अक्षय तृतीया दिवस पर भगवान शिव के अक्षयनाथर रूप के निमित 64 प्रकार की विभिन्न सामग्रियों द्वारा जलाभिषेक अनुष्ठान करने की परंपरा है| यह माना जाता है कि इस अनुष्ठान को संपन्न करने से शारीरिक रोग व भावनात्मक अशांति से राहत मिल सकती है।

Lakshmi Kubera Homa

एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी कुबेर यज्ञ

पवित्र ग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया दिवस पर धन की देवी लक्ष्मी व स्वर्गीय साहूकार कुबेर जी के निमित इस विशिष्ट यज्ञ अनुष्ठान द्वारा आपको विलासिता, आर्थिक विकास व सफलता की प्राप्ति हो सकती है तथा धन-संचय में बाधक बाधाएं नष्ट हो सकती हैं|

कनकधारा मंत्रोच्चारण सहित व्यक्तिगत श्री सूक्तम यज्ञ (समृद्धि व संपत्ति प्रदाता यज्ञ)

ऋग वैदिक श्री सूक्तम (श्री लक्ष्मी की प्रशंसा स्तुति) व कनकधारा स्तोत्र (श्री लक्ष्मी की प्रशंसा स्तुति) के मंत्रोच्चारण द्वारा इस पवित्र यज्ञ अनुष्ठान को संपन्न करने से आपकी समस्त इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं| अज्ञानता दूर हो सकती है तथा प्रजनन, प्रचुरता, प्रसिद्धि व परम आर्थिक सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|

Royalty Rituals

स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी)

हाथी बृहस्पति का प्रतीक है तथा यह भगवान गणेश का प्रतिनिधित्व भी करता है जो समस्त बाधाओं को दूर कर सकते हैं| घोडा सूर्य का प्रतीक है जो राजसी संपत्ति व शक्ति को दर्शाता है| गाय शुक्र का प्रतिनिधित्व करती है तथा शाश्वत प्रेम की प्रतीक है| इन दैवीय पशुओं का सम्मान करने के लिए किए गए धार्मिक अनुष्ठान प्रचुरता, राजसी जीवन, शक्ति व उदारता का आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं|

स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना

मान्यता है कि इस विशेष स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना करने से आपको अच्छा स्वास्थ्य, धन, प्रसिद्धि, उत्तम भाग्य व समृद्धि प्राप्त हो सकती है|

Ashtalakshmi

अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना

माना जाता है कि देवी अष्टलक्ष्मी के निमित यह विशेष पूजा-अर्चना करने से आपको धन, शुभता, उत्तम भाग्य, समृद्धि आदि के अतिरिक्त अष्ट प्रकार के आशीर्वाद प्राप्त हो सकते हैं|

भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना

पौराणिक कथाओं के अनुसार जिस प्रकार भगवान शिव ने शनिदेव के पंगु पैर को ठीक करके उन्हें वैवाहिक सुख प्रदान किया ठीक उसी प्रकार इस शक्तिस्थल पर स्थापित देवी देवताओं की पूजा-अर्चना द्वारा आपको पैर के दर्द से राहत मिल सकती है, वैवाहिक बाधाएं दूर हो सकती हैं तथा दुःखों का विनाश हो सकता है|

अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना

इस शक्तिस्थल से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव ने यहाँ अपने पंगु पैर को ठीक करने हेतु भगवान शिव की पूजा-अर्चना की थी| अक्षय तृतीया दिवस पर भगवान शिव ने शनिदेव के पंगु पैर को ठीक करके उन्हें वैवाहिक सुख प्रदान किया इसलिए यह मान्यता है कि इस शक्तिस्थल पर शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से शनि पीड़ा की तीव्रता में कमी आ सकती है| कर्ज, रोग व वैवाहिक बाधाओं से मुक्ति मिलकर स्वास्थ्य व समृद्धि प्राप्त हो सकती है

महा मेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना)

Kum-kum Archana

महा मेरु श्री चक्र का तीन आयामी रूप है| मेरु देवी की ऊर्जा का अवतार है जो कि 9 विभिन्न परतों में व्यवस्थित है तथा इस मेरु के बिंदू (शीर्ष) में सर्वोच्च देवी ललिता त्रिपुरा सुंदरी का निवास है| ऐसी मान्यता है कि देवी लक्ष्मी के 108 दिव्य नामों के मंत्रोच्चारण द्वारा इस पवित्र महा मेरु की पूजा-अर्चना करने से आपको वित्तीय प्रचुरता, संपन्नता, समृद्धि व समस्त इच्छाओं की पूर्ति हेतु आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|

भगवान विष्णु की थिरुक्कोलुर शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना

शक्तिस्थल से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु अपने दाहिने कंधे के तले नव निधि या 9 प्रकार की संपत्ति की रक्षा करते हैं| ऐसी मान्यता है कि इस स्थल पर उनकी पूजा-अर्चना करने से आपको समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है तथा ग्रह की पीडाओं से मुक्ति मिल सकती है|

Donation

ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान

माना जाता है कि ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान करने से धन संचय में बाधक समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है|

भक्तों के निमित छाछ का दान

ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया दिवस पर छाछ का दान करने से ज्ञान का भंडार प्राप्त हो सकता है|

Donation

ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को वस्त्र का दान

ग़रीब व जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भौतिक व आध्यात्मिक कृपा प्राप्त करने की कुंजी है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया दिवस पर वस्त्रों का दान करने से बहुत उत्तम परिणाम व कृपा प्राप्त होती है|

फल, पुस्तक व कलम का दान

फलों का दान करने से जीवन में आपको उच्च पद प्राप्त हो सकता है| पुस्तक व कलम का दान करने से आपको गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त करने में मदद मिल सकती है जो आपको ज्ञान व संपत्ति प्रदान कर सकता है|

Tarpanam

तिल तर्पणपुरी शक्तिस्थल पर तर्पण (पितरों से संबंधित अनुष्ठान)

इस शक्तिस्थल से संबंधित पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने अपने दिवंगत पिता के निमित इस स्थान पर तर्पण अनुष्ठान संपन्न किया था| माना जाता है कि अक्षय तृतीया दिवस पर इस शक्तिस्थल में तर्पण अनुष्ठान संपन्न करने से आप गरीबी से मुक्त हो सकते हैं|

अक्षय तृतीया से संबंधित शक्तिशाली अनुष्ठान

  • आवश्यक

    अक्षय तृतीया आवश्यक पैकेज

    • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
  • वर्धित

    अक्षय तृतीया वर्धित पैकेज

    • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|
  • उत्कृष्ट

    अक्षय तृतीया उत्कृष्ट पैकेज

    • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी-कुबेर यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान विष्णु की थिरुक्कोलुर शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को वस्त्रों का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से तिल तर्पणपुरी शक्तिस्थल पर तर्पण (पितरों से संबंधित अनुष्ठान) अनुष्ठान किया जाएगा|
  • अति उत्कृष्ट

    अक्षय तृतीया अति उत्कृष्ट पैकेज

    • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी-कुबेर यज्ञ किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से कनकधारा मंत्रोच्चारण सहित व्यक्तिगत श्री सूक्तम यज्ञ (समृद्धि व संपत्ति प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
    • आपकी तरफ से भगवान विष्णु की थिरुक्कोलुर शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
    • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को वस्त्रों का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|
    • आपकी तरफ से तिल तर्पणपुरी शक्तिस्थल पर तर्पण (पितरों से संबंधित अनुष्ठान) अनुष्ठान किया जाएगा|
    • आपको एक 7 मुखी अभिमंत्रित रुद्राक्ष(चाँदी में जड़ित) प्रदान किया जाएगा|

अनुशंसित सेवाएं और उत्पाद

कनकधारा मंत्रोच्चारण सहित व्यक्तिगत श्री सूक्तम यज्ञ (समृद्धि व संपत्ति प्रदाता यज्ञ)

Individual Sri Suktam Homa

अक्षय तृतीया दिवस पर अज्ञानता को दूर करके अपनी समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने तथा उर्वरता, समृद्धि, यश व परम आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करने हेतु इस कनकधारा मंत्रोच्चारण सहित व्यक्तिगत श्री सूक्तम यज्ञ (समृद्धि व संपत्ति प्रदाता यज्ञ) अनुष्ठान में अवश्य भाग लें| अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

US $ 120.00

4 इंच आकार की अभिमंत्रित धन प्रदाता लक्ष्मी प्रतिमा

लक्ष्मी धन व समृद्धि से संबंधित देवी हैं जो आपको समस्त प्रकार के भौतिक सुख व प्रचुरता प्रदान कर सकती हैं| अक्षय तृतीया शक्ति अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित की गई देवी की इस प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना करने से अज्ञानता नष्ट होकर प्रचुरता, समृद्धि, उत्तम भाग्य व देवी का कृपापूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है| पूजन कक्ष में देवी की इस अभिमंत्रित प्रतिमा को स्थापित करके उनके साथ अपने संबंधों में गहनता लाइए|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको 4 इंच आकार की देवी की अभिमंत्रित प्रतिमा के साथ लाल सिंदूर प्रदान किया जाएगा| जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अभिमंत्रित लक्ष्मी माला

अक्षय तृतीया शक्ति अनुष्ठानों के दौरान अभिमंत्रित की गई इस माला द्वारा देवी लक्ष्मी के साथ अपने संबंधों को सुदृढ़ कीजिए| दैवीय माँ का ध्यान करते हुए आप इस माला का प्रयोग मंत्र जाप हेतु कर सकते हैं या आप इस पवित्र माला को गले में धारण करके उत्तम स्वास्थ्य, धन, प्रसिद्धि व उत्तम संबंधों के निमित आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको इस पवित्र माला के साथ लाल सिंदूर प्रदान किया जाएगा| जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

निरंतर धन वृद्धि हेतु राजसी अनुष्ठानों के निमित सामूहिक प्रायोजन

गाय, घोड़ा व हाथी दैवीय पशु हैं जिन्हें सम्मानित करके प्रचुरता, राजसी जीवन, शक्ति तथा असीम कृपा प्राप्त की जा सकती है|

GROUP SPONSORSHIP FOR ROYALTY RITUALS FOR EVER-INCREASING WEALTH

गौ पूजा: इस अनुष्ठान में गाय व उसके बछड़े को स्नान कराकर स्वच्छ वस्त्रों व सुंदर आभूषणों से सजाया जाता है तथा उनकी पूजा की जाती है। गाय प्रेम व त्याग की प्रतीक है तथा यह शुक्र ग्रह व कामधेनु(एक पवित्र गाय) का प्रतीकात्मक रूप है| पवित्र ग्रंथों के अनुसार देवी लक्ष्मी जी गाय में निवास करती हैं|

अश्व पूजा: इस अनुष्ठान में घोड़े को स्नान कराकर स्वच्छ वस्त्रों व सुंदर आभूषणों से सजाया जाता है तथा उसकी पूजा की जाती है। इसके उपरांत घोड़े को कुलथी की दाल खिलाई जाती है| घोड़ा मंगल ग्रह का प्रतीकात्मक रूप है जो ऊर्जा व अधीनता का प्रतीक है|

गज पूजा: इस अनुष्ठान में हाथी को स्नान कराकर स्वच्छ वस्त्रों व सुंदर आभूषणों से सजाया जाता है तथा धूप, दीप, पुष्प व अन्न का भोग लगाकर पवित्र मंत्रोचार सहित वैदिक पुजारियों द्वारा उसकी पूजा की जाती है। यह पूजा भगवान गणेश की कृपा का आवाहन करती है जो हाथियों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा समस्त बाधाओं का नाश करने वाले देव हैं| देव गुरु बृहस्पति इस भव्य पशु को शासित करते हैं| हाथी सम्मान, भव्यता और शक्ति का प्रतीक है। सामूहिक रूप से पुजारी की दक्षिणा देना: आपके हित के लिए किए जाने वाले इन यज्ञ अनुष्ठानों के बदले पुजारियों को सामूहिक रूप से दक्षिणा देना आपको वह समस्त प्रकार के ऐश्वर्य प्रदान कर सकता है जिनका वर्णन वेदों में हैं|

आप क्या प्राप्त करेंगे?

  • 4 इंच आकार की अभिमंत्रित धन प्रदाता लक्ष्मी प्रतिमा
  • अभिमंत्रित लक्ष्मी माला

आपको अभिमंत्रित उत्पाद के साथ- साथ विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे| जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

1-YEAR TRITIYA “EVER-INCREASING WEALTH” PROGRAM

स्थायी संपत्ति हेतु वार्षिक तृतीया कार्यक्रम

 1-Year Tritiya Ever-Increasing Wealth Program
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर चाँदी के कमल पुष्प द्वारा 24 लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर अनार के बीजों द्वारा 24 लक्ष्मी अष्टक पाठ के मंत्रोच्चारण सहित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर कनकधारा के माध्यम से देवी महालक्ष्मी जी की 24 बिल्वपत्र पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर गुलाब पुष्प के माध्यम से श्री सूक्तम (देवी लक्ष्मी जी की प्रशंसा स्तुति) के मंत्रोच्चारण द्वारा देवी महालक्ष्मी जी की 24 पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से माह में एक बार स्वर्ण मंदिर में देवी महालक्ष्मी जी की 12 विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से एक वर्ष में आने वाले रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य दिवसों पर देवी लक्ष्मी जी की 6 विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाएगी|

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| डॉ. पिल्लै के मार्गदर्शन में एस्ट्रोवेद ने एक वार्षिक कार्यक्रम का निर्माण किया है जो देवी लक्ष्मी से गहराई से जुड़ने में आपकी सहायता कर सकता है। आप अपनी परंपरा के अनुसार प्रत्येक तृतीया तिथि पर विशेष अनुष्ठानों के माध्यम से स्थायी संपति की प्राप्ति हेतु देवी लक्ष्मी की कृपा का आह्वान कर सकते हैं।.

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

राजसी धन संबंधी दिवस व वार्षिक तृतीया कार्यक्रम

Royalty Wealth Day
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर चाँदी के कमल पुष्प द्वारा 24 लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर अनार के बीजों द्वारा 24 लक्ष्मी अष्टक पाठ के मंत्रोच्चारण सहित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर कनकधारा के माध्यम से देवी महालक्ष्मी जी की 24 बिल्वपत्र पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से तृतीया तिथि (द्विमासिक रूप से) पर गुलाब पुष्प के माध्यम से श्री सूक्तम (देवी लक्ष्मी जी की प्रशंसा स्तुति) के मंत्रोच्चारण द्वारा देवी महालक्ष्मी जी की 24 पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से माह में एक बार स्वर्ण मंदिर में देवी महालक्ष्मी जी की 12 विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से एक वर्ष में आने वाले रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य दिवसों पर देवी लक्ष्मी जी की 6 विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी-कुबेर यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से कनकधारा मंत्रोच्चारण सहित व्यक्तिगत श्री सूक्तम यज्ञ (समृद्धि व संपत्ति प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान विष्णु की थिरुक्कोलुर शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को वस्त्रों का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से तिल तर्पणपुरी शक्तिस्थल पर तर्पण (पितरों से संबंधित अनुष्ठान) अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपको एक 7 मुखी अभिमंत्रित रुद्राक्ष(चाँदी में जड़ित) प्रदान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से एक वर्ष में आने वाले रवि पुष्य व गुरु पुष्य जैसे 6 दुर्लभ दिवसों पर देवी लक्ष्मी के निमित विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी| हमारे पास ऐसी 6 सेवाएं होंगी

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| डॉ. पिल्लै के मार्गदर्शन में एस्ट्रोवेद ने एक वार्षिक कार्यक्रम का निर्माण किया है जो देवी लक्ष्मी से गहराई से जुड़ने में आपकी सहायता कर सकता है। आप अपनी परंपरा के अनुसार प्रत्येक तृतीया तिथि पर विशेष अनुष्ठानों के माध्यम से स्थायी संपति की प्राप्ति हेतु देवी लक्ष्मी की कृपा का आह्वान कर सकते हैं।

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।.

अक्षय तृतीया आवश्यक पैकेज

Akshaya Tritiya Essential Package
  • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के धरातल को भौतिक प्रचुरता की शाही ऊर्जा से भरता है तथा उस ऊर्जा को आपके मानस में गहनता से समाविष्ट करता है| समृद्धि के प्रति अपने आंतरिक दृष्टिकोण को विकसित करने व स्थायी संपत्ति प्राप्त करने हेतु हमारे अक्षय तृतीया आवश्यक अनुष्ठानों में अवश्य भाग लें|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अक्षय तृतीया वर्धित पैकेज

Akshaya Tritiya Enhanced Package
  • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के
  • 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के धरातल को भौतिक प्रचुरता की शाही ऊर्जा से भरता है तथा उस ऊर्जा को आपके मानस में गहनता से समाविष्ट करता है| समृद्धि के प्रति अपने आंतरिक दृष्टिकोण को विकसित करने व स्थायी संपत्ति प्राप्त करने हेतु हमारे अक्षय तृतीया वर्धित अनुष्ठानों में अवश्य भाग लें|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अक्षय तृतीया उत्कृष्ट पैकेज

Akshaya Tritiya Elite Package
  • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा
  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी-कुबेर यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के
  • 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान विष्णु की थिरुक्कोलुर शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को वस्त्रों का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से तिल तर्पणपुरी शक्तिस्थल पर तर्पण (पितरों से संबंधित अनुष्ठान) अनुष्ठान किया जाएगा|

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के धरातल को भौतिक प्रचुरता की शाही ऊर्जा से भरता है तथा उस ऊर्जा को आपके मानस में गहनता से समाविष्ट करता है| समृद्धि के प्रति अपने आंतरिक दृष्टिकोण को विकसित करने व स्थायी संपत्ति प्राप्त करने हेतु हमारे अक्षय तृतीया उत्कृष्ट अनुष्ठानों में अवश्य भाग लें|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।

अक्षय तृतीया अति उत्कृष्ट पैकेज

Akshaya Tritiya Elite Plus Package
  • आपकी तरफ से थिरुमंदुरै शक्तिस्थल पर भगवान अक्षयनाथर के निमित भव्य सामूहिक यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र में लक्ष्मी-कुबेर यज्ञ किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से कनकधारा मंत्रोच्चारण सहित व्यक्तिगत श्री सूक्तम यज्ञ (समृद्धि व संपत्ति प्रदाता यज्ञ) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से देवी अष्टलक्ष्मी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्वर्ण मंदिर में देवी लक्ष्मी के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान अक्षयपुरीश्वर व देवी अभिवृद्धि नायकी के शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से अक्षयपुरीश्वर शक्तिस्थल पर शनिदेव के निमित पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से महामेरु (सर्वोच्च देवी का त्रि-आयामी ज्यामितीय रूप) की लक्ष्मी अष्टोत्तर (देवी लक्ष्मी के 108 नाम) मंत्रोच्चारण द्वारा कुंकुम अर्चना( लाल सिंदूर द्वारा पूजा-अर्चना) की जाएगी|
  • आपकी तरफ से भगवान विष्णु की थिरुक्कोलुर शक्तिस्थल पर पूजा-अर्चना की जाएगी|
  • आपकी तरफ से स्थायी धन-संपदा हेतु राजसी अनुष्ठान (3 गाय, 7 घोड़े व 1 हाथी) किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को छतरी व खड़ाऊँ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से भक्तों के निमित छाछ का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को वस्त्रों का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से फल, पुस्तक व कलम का दान किया जाएगा|
  • आपकी तरफ से तिल तर्पणपुरी शक्तिस्थल पर तर्पण (पितरों से संबंधित अनुष्ठान) अनुष्ठान किया जाएगा|
  • आपको एक 7 मुखी अभिमंत्रित रुद्राक्ष(चाँदी में जड़ित) प्रदान किया जाएगा|

अक्षय तृतीया 24 घंटे की समयावधि वाला वह शक्तिशाली समय है जिसमें स्थायी धन-संपदा को प्राप्त करने के रहस्य समाहित हैं| इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के धरातल को भौतिक प्रचुरता की शाही ऊर्जा से भरता है तथा उस ऊर्जा को आपके मानस में गहनता से समाविष्ट करता है| समृद्धि के प्रति अपने आंतरिक दृष्टिकोण को विकसित करने व स्थायी संपत्ति प्राप्त करने हेतु हमारे अक्षय तृतीया अति उत्कृष्ट अनुष्ठानों में अवश्य भाग लें|

आप क्या प्राप्त करेंगे?-

आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।

डॉ. पिल्लै के अनुसार-

“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”

कृपया ध्यान दें इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें। for delivery.