वैदिक कार्यपद्धति से अपने कार्मिक अभिलेखों को नष्ट करें
सीधा प्रसारण 28 अप्रैल 2018 को सांयकाल 7:30 बजे (पैसेफिक मानक समयानुसार)/
रात्रि 10:30 बजे (ईस्टर्न मानक समयानुसार)/ 29
अप्रैल 2018 को प्रातः 8:00 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)
Day(s)
:
Hour(s)
:
Minute(s)
:
Second(s)
“ चित्रगुप्त न्याय के भगवान धर्म के प्रतिनिधि हैं। इस उपदेवता चित्रगुप्त के स्वयं बहुत अधिक मंदिर नहीं हैं| वे अपनी अभिलेख
पुस्तक में पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक प्राणी के अच्छे और बुरे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं| इसमें वे प्रत्येक व्यक्ति के
जीवनकाल में किए जाने वाले हर अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब लिखते हैं|”
डॉ. पिल्लै
ैदिक नववर्ष(तमिल मास चित्रा) में आने वाली प्रथम पूर्णिमा को चित्रा पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जो निर्माण और अभिव्यक्ति के लिए एक आदर्श दिन है। यह दिन पुराने कर्मों का शमन करके निर्माण व अभिव्यक्ति हेतु एक नई शुरुआत करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है| खगोलीय रूप से चित्रा पूर्णिमा तब मनाई जाती है जब सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होता है तथा चंद्रमा तुला राशि के अंतर्गत एक उज्जवल नक्षत्र चित्रा से गोचर करता है|
पवित्र ग्रंथ पदम पुराण के अनुसार चित्रगुप्त नामक एक दैवीय लेखाकार या मुनीम हैं जोकि न्याय और धर्म के देवता यमराज के प्रतिनिधि हैं। वे अपनी अभिलेख पुस्तक (जिसे दिव्य अभिलेख पुस्तिका के नाम से जाना जाता है|) में पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक प्राणी के अच्छे और बुरे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं जो आपकी व्यक्तिगत दैवीय अभिलेख पुस्तिका होती है।
चित्रा पूर्णिमा दिवस भगवान चित्रगुप्त को प्रसन्न करने के लिए एक आदर्श दिन है| ग़रीब व ज़रूरतमंद लोगों को भोजन कराकर आप भगवान चित्रगुप्त के आशीर्वाद द्वारा अपने नकारात्मक कर्मों का शमन कर सकते हैं|
पवित्र ग्रंथों के अनुसार एक बार न्याय और मृत्यु के देवता यमराज ने अपने काम के कारण अत्यधिक बोझ महसूस किया और उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि उन्हें एक प्रतिनिधि चाहिए| तदनुसार चित्रा माह (अप्रैल मध्य से मई मध्य तक) की पूर्णिमा पर चित्रगुप्त का प्रकटीकरण हुआ था| इसलिए चित्रगुप्त के जन्मदिवस पर चित्रा पूर्णिमा उनकी ऊर्जा का उपयोग करने के लिए एक आदर्श और शुभ दिवस है। चित्रगुप्त तथा उनके ऐसे समस्त दिव्य कृत्यों में विश्वास करना बहुत ज़रूरी है जो वे इस विशेष दिवस पर आपके लिए कर सकते हैं| यह दिवस संपूर्ण वर्ष में केवल एक बार आने वाली ऐसी महत्वपूर्ण समयावधि है जिसमें चित्रगुप्त की कृपा से आपके कार्मिक अभिलेखों का शमन किया जा सकता है|
‘आकाशीय अभिलेख’ नामक हमारी अच्छे-बुरे कर्मों की अनन्त अभिलेख पुस्तिका एक गुप्त कार्मिक बीज है जो हमें यह समझने के लिए बाध्य करती है कि हम कौन हैं। चित्रा पूर्णिमा पर चित्रगुप्त को प्रसन्न करने से हम स्वयं को बदल सकते हैं तथा पूर्व व वर्तमान जीवन में किए गए बुरे कर्मों को नष्ट कर सकते हैं।
ऐसा माना जाता है कि चित्रा पूर्णिमा (चित्रगुप्त का जन्मदिवस) पर चित्रगुप्त यज्ञ में भाग लेने से उनकी सकारात्मक कृपा प्राप्त हो सकती है, बुरे कर्मों का नाश होकर शुभ कर्मों की वृद्धि हो सकती है तथा आपको शुभ कर्म करने में सहायता मिलती है|
एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र से सीधा प्रसारण 29 अप्रैल 2018 को प्रातः 8:00 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)- आपके कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले चित्रगुप्त जी के निमित इस यज्ञ अनुष्ठान में भाग लेकर आप अपने नकारात्मक कर्मों का शमन कर सकते हैं| इस दिन निष्कपट रूप से की गई आपकी प्रार्थना आपके ज्ञात और अज्ञात कर्मों को मिटा सकती है। पवित्र धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन सच्चे हृदय से की गई प्रार्थना के साथ-साथ वैदिक ग्रंथों में बताए गए बुरे पाप कर्मों को न करने का संकल्प लेना शुभ होता है|
चित्रा पूर्णिमा पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसे चित्रगुप्त जी का जन्मदिवस माना जाता है| यह दिवस आकाशीय मुनीम की कृपा द्वारा आपके बुरे कर्मों को नष्ट करने तथा आपकी आत्मा को शुद्ध करने में मदद कर सकता है|
एस्ट्रोवेद के उपचारात्मक केंद्र से सीधा प्रसारण 29 अप्रैल 2018 को दोपहर 3:30 बजे (भारतीय मानक समयानुसार)- पवित्र ग्रंथों के अनुसार पूर्णिमा दिवस सत्यनारायण पूजा करने के लिए बेहद शुभ है। चित्रा पूर्णिमा पर इस विशेष विष्णु पूजा द्वारा आपकी समस्त बाधाएं दूर हो सकती हैं तथा आपको स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और आनंदमय जीवन का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|
और मृत्यु के देवता यमराज के बीच हुई इस पवित्र वार्तालाप के पाठ द्वारा आपको अपने बुरे कार्मिक अभिलेखों का शमन करने में सहायता मिल सकती है तथा मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है|
शास्त्रों के अनुसार लोगों को अन्नदान करने से आप समस्याओं से मुक्त हो सकते हैं और जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जैसे ही आप अन्नदान से संबंधित सेवाओं में भाग लेते हैं, आप सकारात्मक ऊर्जा और मन की शांति को आकर्षित कर सकते हैं।
चित्रा पूर्णिमा के दिन व्यक्तिगत चित्रगुप्त यज्ञ अनुष्ठान में भाग लें, जिसे धर्मराज के प्रतिनिधि चित्रगुप्त का जन्मदिवस माना जाता है। कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले भगवान चित्रगुप्त का आह्वान करके आप अपने नकारात्मक कार्मिक प्रभावों को कम कर सकते हैं| इस दिन भगवान चित्रगुप्त से निष्कपट प्रार्थना करके आप ज्ञात और अज्ञात दोनों प्रकार के कर्मों को मिटा सकते हैं।
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
चित्रा पूर्णिमा के दिन व्यक्तिगत सत्यनारायण पूजा में अवश्य में भाग लें, जिसे धर्मराज के प्रतिनिधि चित्रगुप्त का जन्मदिवस माना जाता है। पवित्र ग्रंथों के अनुसार पूर्णिमा दिवस सत्यनारायण पूजा करने के लिए बेहद शुभ है। चित्रा पूर्णिमा पर इस विशेष विष्णु पूजा द्वारा आपकी समस्त बाधाएं दूर हो सकती हैं तथा आपको स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और आनंदमय जीवन का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
वैदिक नववर्ष(तमिल मास चित्रा) में आने वाली प्रथम पूर्णिमा को चित्रा पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जो निर्माण और अभिव्यक्ति के लिए एक आदर्श दिन है। चित्रगुप्त जी के आशीर्वाद द्वारा आपके आकाशीय अभिलेखों में दर्ज नकारात्मक कर्मों का शमन करने हेतु हमारे इस चित्रा पूर्णिमा आवश्यक पैकेज अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
वैदिक नववर्ष(तमिल मास चित्रा) में आने वाली प्रथम पूर्णिमा को चित्रा पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जो निर्माण और अभिव्यक्ति के लिए एक आदर्श दिन है। चित्रगुप्त जी के आशीर्वाद द्वारा आपके आकाशीय अभिलेखों में दर्ज नकारात्मक कर्मों का शमन करने हेतु हमारे इस चित्रा पूर्णिमा वर्धित पैकेज अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।
ैदिक नववर्ष(तमिल मास चित्रा) में आने वाली प्रथम पूर्णिमा को चित्रा पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जो निर्माण और अभिव्यक्ति के लिए एक आदर्श दिन है। चित्रगुप्त जी के आशीर्वाद द्वारा आपके आकाशीय अभिलेखों में दर्ज नकारात्मक कर्मों का शमन करने हेतु हमारे इस चित्रा पूर्णिमा उत्कृष्ट पैकेज अनुष्ठान में अवश्य भाग लें|
आप क्या प्राप्त करेंगे?-
आपको पवित्र विभूति व लाल सिंदूर प्रदान किए जाएंगे। जो कि इस पवित्र अनुष्ठान द्वारा सिद्ध होंगे। इस पवित्र विभूति व सिंदूर को अपने मंदिर अथवा ध्यान कक्ष में रखें तथा अपनी दैनिक पूजा व ध्यान करने के समय इन्हें अपने मस्तक पर धारण करके दैवीय कृपा प्राप्त करें।
डॉ. पिल्लै के अनुसार-
“ यह अनुष्ठान हमारे विचारों का कार्बनीकरण कर देता है। कार्बन हमारी सूचनाओं से सम्बंधित सूक्ष्म अनु कण होते हैं। इस कार्बनीकरण प्रक्रिया से प्राप्त पवित्र राख को प्रसाद स्वरुप दिया जाता है। इस प्रसाद स्वरूप पवित्र राख को मस्तक पर धारण करने से आपको दैवीय कृपा प्राप्त होती है।”
कृपया ध्यान दें- इस पूरी अनुष्ठान प्रक्रिया के उपरांत आपको दिया जाने वाला प्रसाद एक सप्ताह के बाद चेन्नई (तमिलनाडु) से भेज दिया जाएगा। विदेशों में पहुँचाने हेतु कृपया हमें दो से चार हफ़्तों का समय दें।